फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Posts of Home Secretary and Finance Secretary in Chandigarh Administration are vacant since two months

चंडीगढ़ की ब्यूरोक्रेसी में हलचल: शहर के इतिहास में पहली बार HS और FS की पोस्ट खाली, केंद्र के फैसले का इंतजार

Tue, 13 Aug 2024 01:04 PM IST
अंकेश ठाकुर रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Tue, 13 Aug 2024 01:04 PM IST
सार

चंडीगढ़ प्रशासन में बीते लगभग दो महीने से दो बड़े अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। ऐसा शहर के इतिहास में पहली बार हुआ है कि एकसाथ दो अहम पदों पर किसी की नियुक्ति नही हो पाई है। 

विज्ञापन
Posts of Home Secretary and Finance Secretary in Chandigarh Administration are vacant since two months
चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ के इतिहास में यह पहली बार है कि जब प्रशासन में दो बड़े पद पिछले करीब दो महीने से खाली हैं। तीसरा महत्वपूर्ण पद, नगर निगम की आयुक्त का कार्यकाल भी 10 दिन बाद समाप्त होने वाला है और डीसी भी तीन महीने में चंडीगढ़ से चले जाएंगे। केंद्र, वित्त सचिव का पैनल खारिज कर चुका है तो गृह सचिव पर फैसला लंबित है। लगातार हो रही देरी से शहर की ब्यूरोक्रेसी में काफी हलचल है। इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
विज्ञापन


इतिहास में पहली बार है कि प्रशासन अपने दो शीर्ष पदों - यूटी गृह सचिव (एचएस) और वित्त सचिव (एफएस) पर नियमित अधिकारियों के बिना काम कर रहा है। वर्तमान आईएएस अधिकारी कई विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं, जिससे न केवल कार्यभार बढ़ रहा है, बल्कि प्रशासन का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। यूटी प्रशासन में वित्त सचिव का पद पंजाब से डेपुटेशन पर आए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के लिए आरक्षित होता है।
विज्ञापन


19 जून को विजय नामदेवराव जड़े के जाने के बाद से यह पद खाली है। 14 जून से गृह सचिव का पद भी खाली है। इनके जाने के बाद से गृह सचिव का पद सलाहकार राजीव वर्मा खुद और वित्त सचिव का पद हरगुनजीत कौर संभाल रही हैं। बाकी विभाग अन्य अधिकारियों को दिए गए हैं। गृह सचिव के लिए हरियाणा ने तीन नाम भेजे हैं और प्रशासन ने मंजूरी के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है, जबकि वित्त सचिव का पैनल एक बार केंद्र खारिज कर चुका है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि अधिकारियों की नियुक्त में देरी के कई कारण हो सकते हैं। जिस तरह से चंडीगढ़ में केंद्र के अधिकारियों की संख्या बढ़ रही है, उससे भी जोड़कर इसे देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गृह सचिव के लिए केंद्र के फैसले के इंतजार में प्रशासन
गृह सचिव के पैनल में 2003 बैच के डॉक्टर अमित कुमार अग्रवाल, 2005 बैच के मनदीप सिंह बराड़ और 2006 बैच के आईएएस अधिकारी जे गणेशन का नाम शामिल है। इन नामों को प्रशासन ने केंद्र सरकार के पास भेज दिया हैं। हालांकि अभी तक केंद्र की तरफ से कोई नियुक्ति नहीं की गई है। वहीं, वित्त सचिव के लिए पंजाब ने वर्ष 2007 बैच के आईएएस मोहम्मद तैय्यब, 2006 बैच के अमित ढाका और 2008 बैच के आईएएस अमित कुमार का नाम भेजा था। केंद्र ने तीनों के नाम खारिज कर दिए हैं। इसके बाद प्रशासन ने पंजाब से दोबारा पैनल मांगा है।
 

आयुक्त के लिए यूटी ने पंजाब से चार बार मांगा एक्सटेंशन
नगर निगम की आयुक्त आनंदिता मित्रा का कार्यकाल 23 अगस्त को समाप्त हो रहा है। एक्सटेंशन के लिए यूटी प्रशासन ने पंजाब सरकार को कुल चार बार पत्र लिखा लेकिन पंजाब सरकार की तरफ से एक्सटेंशन नहीं दी गई। चौथे पत्र में यूटी की तरफ से स्पष्ट लिखा गया कि पंजाब सरकार अधिकारी को एक्सटेंशन दे या तीन अधिकारियों का पैनल भेजा जाए लेकिन अब तक चंडीगढ़ को पैनल भी नहीं मिला। इसके बाद यूटी प्रशासन ने केंद्र सरकार को एक्सटेंशन के लिए पत्र भेजा है। हालांकि वहां से भी अभी तक कोई जवाब प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है।

डीसी विनय प्रताप और हरगुनजीत कौर का कार्यकाल भी नवंबर में हो रहा समाप्त
पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी हरगुनजीत कौर, जिन्हें एफएस का प्रभार सौंपा गया है, उनका डेपुटेशन भी नवंबर में समाप्त होने वाला है। यूटी ने पंजाब से कौर के लिए एक साल का विस्तार मांगा है, हालांकि अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी विनय प्रताप सिंह, जो वर्तमान में चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हैं। उनका कार्यकाल नवंबर महीने में समाप्त हो रहा है। यूटी ने इस पद के लिए भी हरियाणा से नामों का एक पैनल भी मांगा है, जिसका भी इंतजार है। अधिकारियों की कमी की वजह से प्रशासन में एक-एक अधिकारी के पास दर्जनों विभाग की जिम्मेदारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed