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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अफसरों को महंगे पड़ेंगे आईटी पार्क में फ्लैट, ढाई करोड़ का एक
Fri, 29 Nov 2019 10:13 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 10:13 AM IST
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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अफसरों को आईटी पार्क में बनने वाले फ्लैट्स महंगे पड़ने वाले हैं। इनकी कीमत में इजाफा हुआ है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) को एक टावर जिसमें करीब 28 फ्लैट्स होंगे, वह पहले 55 करोड़ का पड़ना था जो अब 66 करोड़ रुपये में पड़ेगा। इस वजह से फ्लैट्स की कीमत भी बढ़ेगी।
सीएचबी ने आईटी पार्क में गवर्नमेंट इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के तहत पंजाब, हरियाणा और यूटी के अधिकारियों के लिए फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। पहले अफसरों को यह 3बीएचके फ्लैट्स 1.75 करोड़ रुपये के पड़ने थे, लेकिन बिल्डिंग को बनाने में खर्च में बढ़ोतरी होने के बाद अफसरों को अब एक फ्लैट दो से ढाई करोड़ का पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार अगर प्रोजेक्ट में और देरी होती है तो इस कीमत में और बढ़ोतरी होने की भी उम्मीद है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अजॉय कुमार सिन्हा ने बताया कि आईटी पार्क में बनने वाले प्रत्येक टावर की कीमत अब 66 करोड़ होगी, जो बनाने के समय कुछ कम या ज्यादा भी हो सकती है। फ्लैट्स के बेस्ट डिजाइन के लिए वे आर्किटेक्ट के बीच कंपीटिशन करवा रहे हैं।
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इसके बाद वे जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर देंगे। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने पिछले साल सितंबर में दोनों राज्य सरकारों और यूटी प्रशासन से आईटी पार्क में अपने अधिकारियों के लिए ये फ्लैट्स खरीदने के लिए राय मांगी थी। इसके बाद हरियाणा ने पहले ही अपने राय हां में दे दी थी। पंजाब और यूटी ने भी बाद में हामी भरी थी।
सीएचबी ने 6.73 एकड़ में इन फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। एक टावर में अधिकारियों के लिए 28 फ्लैट्स होंगे, जबकि 28 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स दूसरे टावर में सर्वेंट क्वार्टर होंगे। वर्ष 2006 में सीएचबी ने यह 123 एकड़ जमीन पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड बिल्डर को अलॉट की थी। किन्हीं कारणों से बिल्डर इस जमीन को डेवलप नहीं कर पाया और उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। उसके बाद बिल्डर कोर्ट चला गया। 2015 में सीएचबी ने बिल्डर को 527 करोड़ रुपये लौटा कर जमीन वापस ले ली।
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सीएचबी ने आईटी पार्क में गवर्नमेंट इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के तहत पंजाब, हरियाणा और यूटी के अधिकारियों के लिए फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। पहले अफसरों को यह 3बीएचके फ्लैट्स 1.75 करोड़ रुपये के पड़ने थे, लेकिन बिल्डिंग को बनाने में खर्च में बढ़ोतरी होने के बाद अफसरों को अब एक फ्लैट दो से ढाई करोड़ का पड़ेगा।
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जानकारी के अनुसार अगर प्रोजेक्ट में और देरी होती है तो इस कीमत में और बढ़ोतरी होने की भी उम्मीद है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन अजॉय कुमार सिन्हा ने बताया कि आईटी पार्क में बनने वाले प्रत्येक टावर की कीमत अब 66 करोड़ होगी, जो बनाने के समय कुछ कम या ज्यादा भी हो सकती है। फ्लैट्स के बेस्ट डिजाइन के लिए वे आर्किटेक्ट के बीच कंपीटिशन करवा रहे हैं।
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इसके बाद वे जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर देंगे। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने पिछले साल सितंबर में दोनों राज्य सरकारों और यूटी प्रशासन से आईटी पार्क में अपने अधिकारियों के लिए ये फ्लैट्स खरीदने के लिए राय मांगी थी। इसके बाद हरियाणा ने पहले ही अपने राय हां में दे दी थी। पंजाब और यूटी ने भी बाद में हामी भरी थी।
सीएचबी ने 6.73 एकड़ में इन फ्लैट्स का निर्माण करवाना है। एक टावर में अधिकारियों के लिए 28 फ्लैट्स होंगे, जबकि 28 ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स दूसरे टावर में सर्वेंट क्वार्टर होंगे। वर्ष 2006 में सीएचबी ने यह 123 एकड़ जमीन पार्श्वनाथ डेवलपर्स लिमिटेड बिल्डर को अलॉट की थी। किन्हीं कारणों से बिल्डर इस जमीन को डेवलप नहीं कर पाया और उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। उसके बाद बिल्डर कोर्ट चला गया। 2015 में सीएचबी ने बिल्डर को 527 करोड़ रुपये लौटा कर जमीन वापस ले ली।