फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Porn video was put in the social media group of PU employees

पीयू कर्मचारियों के सोशल मीडिया ग्रुप में अश्लील वीडियो डाली, खड़ा हुआ बखेड़ा

Mon, 15 Nov 2021 08:42 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 08:42 PM IST
विज्ञापन
Porn video was put in the social media group of PU employees
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के सोशल मीडिया ग्रुप में एक कर्मचारी ने अश्लील वीडियो डाल दी। उसके बाद हंगामा खड़ा हो गया। महिला कर्मचारियों ने आपत्तियां दायर कीं और ग्रुप छोड़ दिया। कुछ कर्मचारियों ने वीडियो पोस्ट करने वाले पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रुप बनाने वाले मौन हैं। ग्रुप एडमिन भी इस मुद्दे पर बोलने को तैयार नहीं हैं। एक कर्मचारी का कहना है कि यह ग्रुप डेली वेजेज पर काम करने वाले लोगों की मदद के लिए बनाया गया था। वीडियो डाला गया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं।
विज्ञापन

पीयू इंप्लाइज नाम से व्हाट्सएप पर 18 अगस्त 2019 को एक ग्रुप बनाया गया। इस ग्रुप में 100 से अधिक कर्मचारियों को जोड़ा गया। ग्रुप का उद्देश्य था कि कर्मचारी पीयू से जुड़ी जानकारियां आसानी से शेयर कर सकें और एक-दूसरे कर्मचारियों के हितों की रक्षा की जा सके। सभी जुड़े कर्मचारी इस ग्रुप में अपनी बात कह सकें। यह खुला मंच था। सूत्रों का कहना है कि 30 से अधिक महिला कर्मचारी भी इस ग्रुप से जुड़ी हैं।
विज्ञापन

शनिवार को इस ग्रुप में एक कर्मचारी ने रात 9.48 बजे एक अश्लील वीडियो पोस्ट कर दी। उसके बाद माहौल गरम हो गया। बताया जाता है कि कुछ कर्मचारियों ने आपत्तियां दायर कीं। महिलाओं ने अचानक ग्रुप छोड़ना शुरू कर दिया। जिम्मेदार ग्रुप एडमिन की बनती थी कि इस प्रकरण को संभाले और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करे, लेकिन अभी तक ऐसी बात सामने नहीं आई। सूत्रों का कहना है कि मामला दबाने की कोशिश की जा रही है। जिस कर्मचारी ने वीडियो डाली है, उसका नंबर बंद है। इस संबंध में कोई भी अधिकारिक जानकारी देने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षकों के भी ग्रुप में डाली गई थी अश्लील वीडियो
पिछले साल शिक्षकों के व्हाट्सएप पर बने एक ग्रुप में भी एक शिक्षक ने अश्लील वीडियो डाल दी थी। इसे लेकर बखेड़ा खड़ा हुआ। शिक्षकों ने कार्रवाई की मांग की। कुछ एडमिन ने एक शिक्षक को नोटिस भेजा था, लेकिन उसके बाद मामला दबा दिया गया। हालांकि ग्रुप बंद कर दिया गया और नया ग्रुप उसी ग्रुप एडमिन ने बना लिया। उस ग्रुप में भी 200 से अधिक शिक्षक जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed