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IT कंपनियों का हाल बेहाल, कर रहीं पलायन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 05 Jun 2014 06:09 PM IST
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सिटी ब्यूटीफुल के आईटी इंटरप्रेन्योर का हाल अब बेहाल हो चुका है। विदेश से मिलने वाला काम कम हो चुका है, उस पर आईटी पार्क में भारी भरकम किराये ने उनकी हालत पतली कर दी है। यही वजह है कि कई इंटरप्रेन्योर दूसरे राज्यों में पलायन करने के लिए मजबूर हैं। आईटी इंटरप्रेन्योर की माने तो विदेश से मिलने वाला काम कम हो गया है और खर्च ज्यादा। ऐसी स्थिति में कमाई सीमित हो चुकी है।
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चंडीगढ़ के आईटी पार्क में 62 कंपनियां हैं। सिटी के आईटी इंटरप्रेन्योर के अनुसार कुछ समय पहले अमेरिका से ज्यादा काम मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं रह गया है। अमेरिकन काम का ट्रेंड भी बदल चुका है। अब अमेरिका से कंपनी सीधे काम नहीं देती, बल्कि मीडिएटर के माध्यम से काम मिलता है। इससे काम तो कम हुआ ही है और लाभांश भी कम हो गया है।
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सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट पर टैक्स है बाधा
आईटी इंटरप्रेन्योर दीपक मिश्र ने बताया सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट पर अब तीस फीसदी तक टेक्स देना पड़ता है। टेक्स का यह बोझ पहले कम था, जिसमें पांच करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले इंटरप्रेन्योर को दस फीसदी तक टैक्स देना पड़ता था।
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किराये की मार से आईटी है बेहाल
आईटी इंटरप्रेन्योर पीयूष ने बताया आईटी इंडस्ट्री पर सबसे ज्यादा किराये की मार है। डीएलएफ बिल्डिंग में पचास रुपये से सत्तर रुपये प्रति स्क्वॉयर फुट किराया है। ऐसे में करीब एक से तीन लाख रुपये तक का किराया चुकाना पड़ रहा है। आईटी इंटरप्रेन्योर यहां अपनी जमीन के लिए लड़ रहे हैं।
एक आईटी इंटरप्रेन्योर के अनुसार प्रशासन को आईटी पार्क में खाली पड़ी 33 एकड़ की जमीन में छोटे-छोटे प्लाट काटने चाहिए। इसके लिए की जाने वाली आक्शन में आईटी पार्क में किराए पर काम करने वाले आईटी इंटरप्रेन्योर को वरीयता दी जानी चाहिए। इससे आईटी पार्क में इंटरप्रेन्योर की समस्याओं को हल करवाया जा सकेगा।
यह हैं समस्याएं
सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट पर महंगा टैक्स
अमेरिका से काम कम, एजेंट ज्यादा
एजेंट्स की वजह से मुनाफा है कम
डीएलएफ बिल्डिंग में किराये की मार
नई आईटी पॉलिसी अब तक नहीं
सिटी में कुल आईटी कंपनियां-62
परिसर का किराया करीब दो लाख रुपये
प्रमुख आईटी कंपनियां
इंफोसिस टेक्नोलॉजी लिमिटेड, टेक महिंद्रा, रोल्टा इंडिया लिमिटेड, एलकेमिस्ट लिमिटेड, बेबो टेक्नोलॉजी, नेट स्मार्ट्ज, आरटी ग्लोबल इंफोसल्यूशन, विरसा सिस्टम्स, कंपेक्ट डिस्क इंडिया, पीसीसी टेक्नोलॉजी ग्रुप, डैमको सोल्यूशन लिमिटेड, केएमजी इंफोटेक लिमिटेड।