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युवतियों से जुड़ी एक बीमारी का इलाज PGI के इस खास रूम में

Fri, 15 Jul 2016 12:16 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 15 Jul 2016 12:16 PM IST
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इंजेक्शन गर्भधारण रोकने के अलावा गर्भाश्य के कैंसर की संभावना को भी खत्म कर देता है।
युवतियों और महिलाओं से जुड़ी एक गंभीर बीमारी का इलाज अब पीजीआई के एक खास रूम में होगा, वो भी बेहद आसान तरीके से। पालीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज (पीसीओडी) से परेशान युवतियों व महिलाओं को पीजीआई के न्यू ओपीडी के दूसरे तल पर स्थित रूम नंबर 2060 पीसीओडी में एक्सपर्ट कुछ कसरतें, टिप्स और परहेज की जानकारी दे रहे हैं। नियमों का पालन करने पर मरीजों को फर्क नजर आ रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि पीसीओडी शुगर की बीमारी की तरह है। खान-पान में ढिलाई बरतने पर शुगर अनियंत्रित हो जाती है। ठीक उसी तरह से परहेज नहीं करने पर पीसीओडी का प्रभाव शरीर में दिखने लगता है।
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क्या होता है पीसीओडी
हार्मोन्स असंतुलन के कारण महिलाओं के अंडाशय ओवरी में छोटी-छोटी गांठें या सिस्ट बनती हैं। इसका असर महिलाओं व युवतियों के पीरियड व प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। अंडाशय में सामान्य से अधिक मात्रा में एंड्रोजन हार्मोन्स निर्मित होने पर अंडाशय में छोटे-छोटे तरल पदार्थयुक्त सिस्ट तैयार होती है, जो धीरे-धीरे आकार में बढ़ने लगती है। इससे महिलाओं में प्रजनन क्षमता कम हो जाती है और गर्भ धारण में असमर्थ हो जाती है। समय पर इलाज नहीं कराने पर आगे चलकर कैंसर के चांस बढ़ जाते हैं।
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ये होते हैं लक्षण
1.अनियमित पीरियड
2.चेहरे व शरीर पर अधिक बाल
3. मुंहासे बढ़ जाना
4. बालों में डैंड्रफ
5.पेट दर्द
6.गर्भधारण करने में मुश्किले
7.बार-बार गर्भपात होना
8.त्वचा पर दाग होना
9.मोटापा
10.माथे पर से बालों का झड़ना

गाइनी डिपार्टमेंट से रेफर किए जाते हैं मरीज
पीजीआई स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर अमरजीत सिंह ने बताया कि मरीज को पहले गाइनी की ओपीडी में दिखाना होगा। डाक्टर उन्हें चेक करेंगे। यदि उन्हें लगता है कि लाइफ स्टाइल मोडिफिकेशन से पीसीओडी ठीक हो सकता है तो वे 2060 रूम के लिए रेफर कर देंगे। रूम में बैठे एक्सपर्ट उन्हें कुछ टिप्स देंगे, जिससे उन्हें फायदा होगा। अब तक 250 पेशेंट इसमें आ चुके हैं। सभी का फालोअप किया जा रहा है। अधिकतर पेशेंट में काफी सुधार देखने को मिला है।
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रूम में चल रहे छह से अधिक प्रोजेक्ट
पीजीआई की ओपीडी के दूसरे फ्लोर पर स्थित रूम नंबर 2060 में कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से महिलाओं में पेशाब लीकेज, यूटरस प्रोलेप्स, मीनोपाज, प्रेग्नेंट महिलाएं सहित छह से ज्यादा प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इस रूम में महिलाओं को बीमारी से संबंधित इलाज के बारे में विस्तार से समझाया जाता है।


जब युवतियों के पीरियड मिस होते हैं तो डाक्टर को दिखाने के बजाए घर वाले उन्हें सलाह देते हैं कि इस उम्र में ऐसा होता है, जबकि यह पीसीओडी होता है। जब चेहरे पर बाल आना या दूसरे लक्षण आते हैं तो वे डाक्टर के पास आते हैं।
- ईश्वरप्रीत, पीएचडी स्कालर, कम्युनिटी मेडिसिन पीजीआई

 
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