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दिवाली से ज्यादा अब जहरीली हुई चंडीगढ़ की आबोहवा, 'खतरनाक स्तर' पर प्रदूषण
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:11 AM IST
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दीपावली से ज्यादा अब शहर का प्रदूषण
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तीन दिन से चंडीगढ़ की आबोहवा बिगड़ गई है। हालात यह है कि दीपावली के मुकाबले अब प्रदूषण का स्तर ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। दीपावली पर सेक्टर 17 का पीएम-10 का स्तर 97 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया था, जबकि 5 नवंबर को इसी जगह का पीएम-10 164 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक नोट हुआ। प्रदूषण बढ़ने के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं।
पराली जलाने, गुरुपर्व में हुई आतिशबाजी और मौसम के बदले मिजाज जैसे कारणों से आम दिनों के मुकाबले करीब दो गुना प्रदूषण बढ़ गया है। कई जगह तो पीएम 10 व पीएम 2.5 खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। चंडीगढ़ के प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक सबसे ज्यादा हालात सेक्टर 12 और इंडस्ट्रियल एरिए के बिगड़े हैं। यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स सबसे खतरनाक स्थिति में है।
पीएम 2.5 का बढ़ना ज्यादा खतरनाक
चंडीगढ़ में पीएम 2.5 का बढ़ना शहरवासियों के लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल जितने छोटे कण होंगे, वे शरीर में आसानी से घुस जाएंगे। पीएम 2.5 के काफी सूक्ष्म कण होते हैं, जो सांस लेने के दौरान शरीर में दाखिल होकर फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 फेफड़े तक सीधा पहुंचता है। यह बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है। खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ होती है। लगातार संपर्क में रहने से फेफड़े का कैंसर भी हो सकता है।
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सेक्टर 17 में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 164 100
पीएम 2.5 108 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 24 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 260 दर्ज हुआ।)
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पराली जलाने, गुरुपर्व में हुई आतिशबाजी और मौसम के बदले मिजाज जैसे कारणों से आम दिनों के मुकाबले करीब दो गुना प्रदूषण बढ़ गया है। कई जगह तो पीएम 10 व पीएम 2.5 खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। चंडीगढ़ के प्रदूषण नियंत्रण कमेटी की ओर से जारी आंकड़े के मुताबिक सबसे ज्यादा हालात सेक्टर 12 और इंडस्ट्रियल एरिए के बिगड़े हैं। यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स सबसे खतरनाक स्थिति में है।
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पीएम 2.5 का बढ़ना ज्यादा खतरनाक
चंडीगढ़ में पीएम 2.5 का बढ़ना शहरवासियों के लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल जितने छोटे कण होंगे, वे शरीर में आसानी से घुस जाएंगे। पीएम 2.5 के काफी सूक्ष्म कण होते हैं, जो सांस लेने के दौरान शरीर में दाखिल होकर फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। सांस लेते वक्त इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 फेफड़े तक सीधा पहुंचता है। यह बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है। खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ होती है। लगातार संपर्क में रहने से फेफड़े का कैंसर भी हो सकता है।
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सेक्टर 17 में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 164 100
पीएम 2.5 108 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 24 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 260 दर्ज हुआ।)
दीपावली से ज्यादा अब शहर का प्रदूषण
इंडस्ट्रियल एरिया में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 213 100
पीएम 2.5 128 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 51 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 306 दर्ज हुआ। इसमें लगातार सांस लेना सांस की बीमारी बन सकती)
पेक सेक्टर-12 में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 200 100
पीएम 2.5 131 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 28 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 308 दर्ज हुआ। इसमें लगातार सांस लेना सांस की बीमारी बन सकती)
कैंबवाला में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 156 100
पीएम 2.5 93 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 15 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 260 दर्ज हुआ।)
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 213 100
पीएम 2.5 128 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 51 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 306 दर्ज हुआ। इसमें लगातार सांस लेना सांस की बीमारी बन सकती)
पेक सेक्टर-12 में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 200 100
पीएम 2.5 131 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 28 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 308 दर्ज हुआ। इसमें लगातार सांस लेना सांस की बीमारी बन सकती)
कैंबवाला में कितना रहा प्रदूषण
पैरामीटर रिजल्ट तय मानक
पीएम 10 156 100
पीएम 2.5 93 60
एसओ 2 -- 80
एनओएक्स 15 80
(नोट : एयरक्वालिटी इंडेक्स 260 दर्ज हुआ।)
इन कारणों से बिगड़ा हुआ है शहर का मिजाज
दीपावली से ज्यादा अब शहर का प्रदूषण
इन कारणों से बिगड़ा हुआ है शहर का मिजाज
1.पंजाब में पराली जलाने का धुआं शहर में आना।
2.गुरुपर्व में आतिशबाजी का होना।
3.मौसम में हवाओं का न चलना
4.दिन के पारे में गिरावट आना
5.मौसम की स्थिति एक जैसी का होना
6.बारिश का न होना भी एक कारण है
कब तक मिलेगा छुटकारा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ में इस समय हाईप्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे हवाएं नीचे की ओर चल रही हैं। मौसम में लगातार एक जैसा बना हुआ है। हवाओं की रफ्तार काफी कम है। दूसरी तरफ पंजाब के इलाकों में बर्निंग चल रही है। जब तक मौसम का मिजाज नहीं बदलता, तब तक प्रदूषण से राहत नहीं मिलने वाली। कम से कम से तीन से चार दिन तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है।
लगातार मौसम एक जैसा रहने से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। जो हालात दीपावली में होने थे, वो अब हो रहे हैं। इसमें एक नहीं बल्कि कई कारण हैं। यह एक प्रकार की चेतावनी है कि हमें अब कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिए, जो भविष्य के लिए शहर के हित में रहेंगे।
- डा. रविंद्रा खैवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, इन्वायरमेंट विंग पीजीआई चंडीगढ़
इस इलाके में हाई प्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे हवाओं की गति काफी कम है। दिन के तापमान में भी गिरावट जारी है। अगले तीन से चार दिन के बाद ही हालात में कुछ बदलाव आ सकते हैं। पंजाब व हरियाणा में धुंध भी आ रही है। इसलिए मौसम का मिजाज बदलने में वक्त लगेगा।
- सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर मौसम विभाग चंडीगढ़
पिछले चार दिन से मौसम बदला है। इसका एक ही कारण है कि पंजाब व हरियाणा के इलाकों में पराली जलाई जा रही है। इसके लिए दोनों प्रदेश को अपने स्तर पर कदम उठाने होंगे।
- पीजेएस डढवाल, मेंबर सेक्रेटरी चंडीगढ़ प्रदूषण कंट्रोल कमेटी
1.पंजाब में पराली जलाने का धुआं शहर में आना।
2.गुरुपर्व में आतिशबाजी का होना।
3.मौसम में हवाओं का न चलना
4.दिन के पारे में गिरावट आना
5.मौसम की स्थिति एक जैसी का होना
6.बारिश का न होना भी एक कारण है
कब तक मिलेगा छुटकारा
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि चंडीगढ़ में इस समय हाईप्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे हवाएं नीचे की ओर चल रही हैं। मौसम में लगातार एक जैसा बना हुआ है। हवाओं की रफ्तार काफी कम है। दूसरी तरफ पंजाब के इलाकों में बर्निंग चल रही है। जब तक मौसम का मिजाज नहीं बदलता, तब तक प्रदूषण से राहत नहीं मिलने वाली। कम से कम से तीन से चार दिन तक ऐसा ही मौसम रहने वाला है।
लगातार मौसम एक जैसा रहने से प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। जो हालात दीपावली में होने थे, वो अब हो रहे हैं। इसमें एक नहीं बल्कि कई कारण हैं। यह एक प्रकार की चेतावनी है कि हमें अब कुछ ऐसे कदम उठाने चाहिए, जो भविष्य के लिए शहर के हित में रहेंगे।
- डा. रविंद्रा खैवाल, एसोसिएट प्रोफेसर, इन्वायरमेंट विंग पीजीआई चंडीगढ़
इस इलाके में हाई प्रेशर एरिया बना हुआ है। इससे हवाओं की गति काफी कम है। दिन के तापमान में भी गिरावट जारी है। अगले तीन से चार दिन के बाद ही हालात में कुछ बदलाव आ सकते हैं। पंजाब व हरियाणा में धुंध भी आ रही है। इसलिए मौसम का मिजाज बदलने में वक्त लगेगा।
- सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर मौसम विभाग चंडीगढ़
पिछले चार दिन से मौसम बदला है। इसका एक ही कारण है कि पंजाब व हरियाणा के इलाकों में पराली जलाई जा रही है। इसके लिए दोनों प्रदेश को अपने स्तर पर कदम उठाने होंगे।
- पीजेएस डढवाल, मेंबर सेक्रेटरी चंडीगढ़ प्रदूषण कंट्रोल कमेटी