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विनेश मामले में सियासत तेजः कांग्रेस ने राज्यसभा में भेजने की बात कही तो सीएम ने चार करोड़ का चला दांव

Sat, 10 Aug 2024 11:45 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 10 Aug 2024 11:45 AM IST
सार

हरियाणा में अक्तूबर के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विपक्ष कोई भी अवसर खोना नहीं चाहता। भाजपा तीसरी बार हैट्रिक बनाने की कोशिश में है, वहीं लोकसभा चुनाव में बराबरी का मुकाबला खेल कांग्रेस वापसी की कोशिश में जुटी हुई है। कांग्रेस को उम्मीद है कि वह इस बार अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। लिहाजा विनेश के ओलंपिक से बाहर होने के बाद कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुट गई है।

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Politics intensified in Haryana risen after wrestler Vinesh Phogat announc retirement
विनेश फोगाट - फोटो : PTI

विस्तार

पेरिस ओलंपिक में फाइनल से पहले अयोग्य घोषित किए जाने के बाद पहलवान विनेश फोगाट के संन्यास लेने की घोषणा पर हरियाणा में सियासी पारा चढ़ गया है। राजनीतिक पार्टियां चुनावी बिसात बिछाने में जुट गई हैं। 
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हरियाणा से आने वाली विनेश फोगाट के ओलंपिक से बाहर होने के मुद्दे को सियासी रंग दिया जाने लगा है। कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला इस पूरे मामले को साजिश बताकर केंद्र सरकार को घेरने में जुट गए हैं। वहीं, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा विनेश फोगाट को राज्यसभा में भेजने की बात कहकर हरियाणा में अपने समीकरण सेट करने की कोशिश में है। हुड्डा के इस चाल पर सैनी सरकार ने पलटवार किया। सरकार विनेश को जुझारू बेटी बताकर रजत पदक विजेता की तरह सारी सुविधाएं और स्वागत करने का एलान कर डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। 
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पूर्व सीएम हुड्डा का उल्टा पड़ता दांव

कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि अगर पार्टी के पास पर्याप्त विधायक होते तो वह विनेश को राज्यसभा भेजते। मगर हुड्डा का यह दांव उल्टा पड़ता दिखाई पड़ रहा है। विनेश के फोगाट के ताऊ ने ही इसे राजनीतिक स्टंट बताया। वहीं, इनेलो ने हुड्डा पर निशाना साधा है। इनेलो के अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भूपेन्द्र हुड्डा की मांग राजनीति से प्रेरित है, पिछले ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने जब गोल्ड जीतकर देश को गर्वित किया तो उस समय हुड्डा ने नीरज को राज्यसभा में भेजने के बजाय अपने बेटे को राज्यसभा क्यों भेजा। क्या भूपेंद्र हुड्डा को उस समय खिलाड़ी या उनसे जुड़ा सम्मान नजर नहीं आया। 
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वहीं, सीएम नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पोस्ट कर पूछा कि जब आप सरकार में थे तो गीता और बबीता को राज्यसभा क्यों नहीं भेजा। खेल नीति के अनुसार मेडल जीतने के बाद गीता और बबीता को डीएसपी क्यों नहीं बनाया। वहीं, ओलंपिक में हरियाणा के अन्य खिलाड़ियों ने भी पदक जीता है, मगर उन्हें राज्यसभा भेजने की बात क्यों नहीं की। पिछले साल पहलवानों के आंदोलन में विनेश ही आंदोलन का बड़ा चेहरा थीं। पहलवानों ने महीनों तक दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया था। आंदोलन के दौरान दिल्ली की सड़कों पर उन्हें घसीटते हुए तस्वीरें भी सामने आई थीं।

सैनी डैमेज कंट्रोल में जुटे

कांग्रेस के इस स्टंट पर नुकसान को भांपते हुए हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने डैमेज कंट्रोल कोशिश शुरू कर दी। नायब सिंह सैनी ने एलान किया है कि विनेश फोगाट को हरियाणा सरकार ओलंपिक में सिल्वर मेडल विजेता की तरह इनाम, सम्मान और अन्य सुविधाएं देगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा की हमारी बहादुर बेटी विनेश फोगाट ने जबरदस्त प्रदर्शन करके ओलंपिक के फाइनल में प्रवेश किया था। किन्हीं भी वजहों से वो भले ही ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल पाई हो, लेकिन हम सबके लिए वो एक चैंपियन हैं। विनेश फोगाट का स्वागत और अभिनंदन एक मेडलिस्ट की तरह ही किया जाएगा। सरकार ओलंपिक रजत पदक विजेता को जो सम्मान, इनाम और सुविधाएं देती है वे सभी विनेश फोगाट को भी सम्मान के साथ दिया जाएगा।

ओलंपिक में अधिक वजन के कारण मेडल से वंचित रहना देश के लिए पदक का भारी नुकसान है। साथ ही यह विनेश के लिए व्यक्तिगत रूप से और एक खिलाड़ी के रूप में बहुत बड़ा आघात है। खेल, राजनीतिक और समाज से जुड़े सभी लोगों से निवेदन है कि खेल राष्ट्र के गौरव का विषय है। इसलिए इस विषय पर कोई राजनीत न करें। - योगेश्वर दत्त, पूर्व ओलंपियन


हुड्डा ने दांव चलकर जाट समाज की सहानुभूति और ज्यादा बढ़ाने की कोशिश की है। उन्हें पता है कि उनके पास नंबर नहीं है और वह भेज नहीं सकते है। विनेश की उम्र भी कम है। वह अब 30 की होगी। मगर यह दांव खेलकर कांग्रेस ने भाजपा को घेरने की कोशिश जरूर की है। - डॉ. सतीश त्यागी, चुनाव विश्लेषक


 
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