{"_id":"57ed401c4f1c1bc01c57408b","slug":"politician-ex-cm-bhupendra-hudda-farmer-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की सहानुभूति बटोरने में जुटे पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों की सहानुभूति बटोरने में जुटे पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Thu, 29 Sep 2016 09:54 PM IST
विज्ञापन
bhupinder singh hudda
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में चल रहे सियासत के खेल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों की सहानुभूति बटोरना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर चल रहे धरनों की कड़ी में शुक्रवार को अंबाला में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। हुडा ग्राउंड में इकट्ठे होकर कांग्रेसी डीसी आफिस तक पैदल मार्च करेंगे।
कांग्रेस के प्रवक्ता रणसिंह मान ने बताया कि सबसे पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा चंडीगढ़ में राज्यपाल को ज्ञापन देने के बाद मेवात से इन प्रदर्शनों की शुरुआत की थी। इसके बाद नारनौल में राव नरेंद्र और राव दानसिंह के साथ भारी संख्या में कांग्रेसियों को इकट्ठा किया। इस दौरान वे मानेसर से नारनौल तक 32 जगह रुके और लोगों केसाथ चाय पी।
मान ने बताया कि करनाल के सफल धरने के बाद जींद और होडल में भी धरना देकर डीसी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जा चुका है। सभी इक्कीस जिलों में यह कार्यक्रम करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इन सभी आयोजनों में कांग्रेस ने अधिक से अधिक संख्या में किसानों को अपने साथ जोड़ा है। किसान इस बात से सहमत हैं कि फसल बीमा योजना उनके हक में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांग्रेस के प्रवक्ता रणसिंह मान ने बताया कि सबसे पहले भूपेंद्र सिंह हुड्डा चंडीगढ़ में राज्यपाल को ज्ञापन देने के बाद मेवात से इन प्रदर्शनों की शुरुआत की थी। इसके बाद नारनौल में राव नरेंद्र और राव दानसिंह के साथ भारी संख्या में कांग्रेसियों को इकट्ठा किया। इस दौरान वे मानेसर से नारनौल तक 32 जगह रुके और लोगों केसाथ चाय पी।
विज्ञापन
मान ने बताया कि करनाल के सफल धरने के बाद जींद और होडल में भी धरना देकर डीसी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जा चुका है। सभी इक्कीस जिलों में यह कार्यक्रम करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इन सभी आयोजनों में कांग्रेस ने अधिक से अधिक संख्या में किसानों को अपने साथ जोड़ा है। किसान इस बात से सहमत हैं कि फसल बीमा योजना उनके हक में नहीं है।
विज्ञापन