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Haryana: डॉक्टरों और दवाओं की कमी पर सदन से सड़क तक भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष, नहीं सुधरे हालात

Tue, 06 Aug 2024 02:46 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 06 Aug 2024 02:46 PM IST
सार

सत्ताधारी दल भाजपा का दावा है कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस समय प्रदेश में पांच सरकारी कॉलेज हैं और तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज इसी साल बनकर तैयार हो जाएंगे।

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Political dispute over health services in medical colleges of Haryana
हरियाणा में मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाएं - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के मुद्दे को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस और इनेलो ने विधानसभा में कई बार सरकार को घेरा है। 

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अब विधानसभा चुनाव को देखते हुए अन्य विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर सरकार पर हमलावर हो रहे हैं। दिल्ली और पंजाब में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सिलसिलेवार हरियाणा सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है।
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सत्ताधारी दल भाजपा का दावा है कि सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस समय प्रदेश में पांच सरकारी कॉलेज हैं और तीन सरकारी मेडिकल कॉलेज इसी साल बनकर तैयार हो जाएंगे। इनमें महेंद्रगढ़-नारनौल, जींद और भिवानी के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। उधर, विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार सरकार केवल कागजों में ही मेडिकल कॉलेजों का गुणगान कर रही है, जबकि हकीकत ये है कि दस साल में सरकार एक भी मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं कर पाई है।

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स्वास्थ्य सेवाओं का बैठा दिया भट्ठा : अभय

इनेलो के प्रधान महासचिव और विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पिछले दस साल में भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का भट्ठा बैठा दिया है। अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक में डॉक्टर नहीं हैं। इतना ही नहीं सहयोगी स्टाफ की भी भारी कमी है। वहीं, इससे पहले कांग्रेस ने भी दस साल तक प्रदेश में राज किया, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने भी गंभीरता नहीं दिखाई। उस समय भी डॉक्टरों के पद खाली थे और आज भी वो खाली ही पड़े हैं। इनेलो-बसपा गठबंधन की सरकार बनने के बाद हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया जाएगा।

न डॉक्टर और न दवाएं, जनता रामभरोसे : सुशील गुप्ता

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। गुप्ता ने कहा कि अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में न तो डॉक्टर हैं और न ही दवाएं। अधिकतर अस्पतालों के भवन जर्जर हैं तो उपकरणों और दवाइयों की भी कमी है। कई जिलों में तो गायनी की डॉक्टर तक नहीं हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञ डॉक्टर भी भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार मेडिकल कॉलेजों को लेकर केवल भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। असल में आज तक एक भी नया मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हो पाया है। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर दिल्ली की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त किया जाएगा और लोगों को उनके घर के नजदीक सेवा देने के लिए मोहल्ला क्लीनिक शुरू किए जाएंगे।

एक भी मेडिकल कॉलेज शुरू किया हो तो बताएं: हुड्डा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार सरेआम झूठ बोल रही है। बड़े-बड़े पोस्टरों में बताया जा रहा है कि हरियाणा के 15 जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं, जबकि यह सबसे बड़ा झूठ है। पिछले दस साल में भाजपा सरकार एक भी मेडिकल कॉलेज न तो बना पाई है और न ही शुरू कर पाई है। करनाल मेडिकल कॉलेज कांग्रेस सरकार के समय बना था। इसके बाद भाजपा केवल घोषणाएं करके लोगों को भ्रमित कर रही है। मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत तक डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद खाली होना साफ संकेत देता है कि सरकार का स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई ध्यान नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों डॉक्टरों को भी अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल करनी पड़ी थी। कांग्रेस इसीलिए भाजपा से हिसाब मांग रही है। 

खुद कुछ किया नहीं, भाजपा कर रही तो दिक्कत : कटारिया

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के चीफ मीडिया कोऑर्डिनेटर सुदेश कटारिया ने कहा कि विपक्षी दलों को हरियाणा की सुधरती सेहत हजम नहीं हो रही है। खुद के शासन काल में न तो कांग्रेस ने कभी मेडिकल कॉलेजों के बारे में सोचा और न इनेलो ने। आम आदमी पार्टी का हरियाणा में कोई अस्तित्व ही नहीं है। हकीकत ये है कि जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2014 में प्रदेश की कमान संभाली थी तो उस समय प्रदेश में एक सहायता प्राप्त समेत मात्र 6 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज इनकी संख्या 15 हो गई है। पहले एमबीबीएस की सीटें मात्र 700 थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 2185 पहुंच गई


है। पीजी की सीटें 289 से बढ़ाकर 1006 की गई हैं। करनाल में पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। इसके अलावा, रेवाड़ी एम्स की आधारशिला खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रख चुके हैं। भाजपा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।

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