फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Policy forcibly sold along with home loan, not canceling the policy later proved costly for the bank

Chandigarh News: होम लोन के साथ जबरन पाॅलिसी बेची, बाद में पॉलिसी रद्द न करना बैंक को पड़ा महंगा

Wed, 18 Dec 2024 01:21 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2024 01:21 AM IST
विज्ञापन
Policy forcibly sold along with home loan, not canceling the policy later proved costly for the bank
चंडीगढ़। होम लोन के साथ जबरन बीमा पॉलिसी बेचने के बाद कई दिन तक दस्तावेज न देना और बाद में बीमा पॉलिसी रद्द न करना पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को महंगा पड़ गया। इस पर दंपती शिकायतकर्ताओं ने उपभोक्ता में केस दायर किया। आयोग ने कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया और उपभोक्ता आयोग की बीमा की राशि 38 हजार रुपये 9 प्रतिशत ब्याज और 20 हजार रुपये मुआवजे के रूप में देने का आदेश दिया।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता हमेश कुमार और उनकी पत्नी रामनदीप निवासी जालंधर ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि उन्होंने पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से घर खरीदने के लिए लोन लिया था। उन्हें लोन के साथ बीमा पॉलिसी लेने के लिए मजबूर किया गया जिस पर उन्होंने पॉलिसी ले ली लेकिन पॉलिसी दस्तावेज़ समय पर नहीं दिए गए। जब काफी समय के बाद पॉलिसी दस्तावेज साझा किए गए तो शिकायतकर्ताओं को महसूस हुआ कि पॉलिसी उनके लोन सुरक्षा के उद्देश्य को पूरा नहीं करती थी। क्योंकि पॉलिसी के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी और समय पर दस्तावेज़ नहीं भेजे गए थे। पॉलिसी केवल तीन साल के लिए दुर्घटना कवर करती थी जबकि लोन 20 साल का था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पॉलिसी रद्द करने की मांग की जिस पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने जवाब नहीं दिया। इस पर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का का रुख किया।
विज्ञापन

दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने माना कि बीमा कंपनियों ने आईआरडीएआई के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया और पॉलिसी दस्तावेज़ बहुत देरी से भेजे गए। वहीं, आयोग द्वारा आदेश में कहा गया कि शिकायतकर्ता को बीमा पॉलिसी की समीक्षा करने का पूरा अधिकार है और अब उन्हें 15 दिन के भीतर पॉलिसी रद्द करने का अधिकार प्राप्त है। इसके साथ ही कंपनी को शिकायतकर्ताओं को 38 हजार रुपए का रिफंड और 20 हजार का मुआवजा देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed