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Chandigarh News: नियमों का उल्लंघन करने वाले 9 क्लबों की पुलिस ने वापस ली एनओसी
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चंडीगढ़। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के फटकार के बाद यूटी प्रशासन का आबकारी व कराधान विभाग और पुलिस के अधिकारियों की नींद खुली है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले 9 क्लबों की पुलिस ने अपनी एनओसी वापस ले ली है। साथ ही आबकारी विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा। इस पर विभाग ने भी नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों नहीं लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। क्लबों को सुनवाई के लिए भी बुलाया गया है।
आबकारी व कराधान विभाग की तरफ से बताया गया कि कानूनों और नियमों का पालन न करने के लिए क्लबों व रेस्तरां को नोटिस जारी किया है। कहा कि विभाग को एसएसपी से 28 नवंबर और 6 दिसंबर को लेटर प्राप्त हुए हैं। इसमें एसएसपी ने बताया है कि नौ क्लब व रेस्टोरेंट बार-बार ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम- 2000 का उल्लंघन करते पाए गए हैं। इसलिए पुलिस ने उनके परिसर में लाइसेंस के संचालन के संबंध में एनओसी वापस ले ली है। उसी पत्र में एसएसपी ने आबकारी विभाग से क्लबों पर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है। इसमें कैंडल हॉस्पिटैलिटी (द वॉल्ट), प्रिस्टीन हॉस्पिटैलिटी (डी''ओरा क्लब), जेएसएम एसपीएल रेस्टोरेंट एलएलपी (हार्ड रॉक कैफे), रिबेल हॉस्पिटैलिटी (काकुना क्लब), रबदित्ता कॉरपोरेट्स (काला घोड़ा), जीबीएस हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (बार्गेन एन बूज), द टाइमलाइनर्स (बुलेवार्ड), सैंस फूड्स (मिनिस्ट्री ऑफ बार एक्सचेंज), जैक्स एंटरप्राइजेज (कल्चर क्लब) शामिल हैं। ये सभी सेक्टर-26 और 7 में स्थित हैं। इन सभी को आबकारी एवं कराधान विभाग के कलेक्टर (आबकारी) के सामने 16 दिसंबर को दोपहर तीन बजे सुनवाई के लिए बुलाया है। अगर क्लबों की तरफ से कोई नहीं पेश होगा तो विभाग मान लेगा कि उन्हें अपने पक्ष में कुछ भी नहीं कहना है और वह उस अनुसार आदेश जारी करेंगे।
जिस डी''ओरा क्लब के बाहर हुआ था धमाका, उसे भी नोटिस
प्रशासन की तरफ से डी''ओरा क्लब को भी बार-बार नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया है। यह वही क्लब है, जहां कुछ दिन पहले धमाका हुआ है। इसके अलावा प्रशासन ने अन्य 5 क्लबों को भी नोटिस जारी किया है जो तेज आवाज में डीजे बजाते हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। इसमें अर्बन बॉसेस एलएलपी (प्रैनस्टर एफएंडबी कैंपस), रेड चिली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (क्विजो क्लब), रॉक एंड स्टॉर्म हॉस्पिटैलिटी (ब्रू एस्टेट / सैंटे क्लब), इनफिनिटीड एंटरप्राइजेज (वाइल्ड थाइम सेक्टर-7), एसके हॉस्पिटैलिटी (जीक क्लब) शामिल हैं। इस पर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 का उल्लंघन का आरोप है। इन क्लबों के संचालकों को 17 दिसंबर को दोपहर तीन बजे सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
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सेक्टर-7 की आरडब्ल्यूए की ओर से हाईकोर्ट में दायर की याचिका पर प्रशासन को लगी थी फटकार
हाल में हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल खेत्रपाल की खंडपीठ ने रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-7 द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशासन को फटकार लगाई थी। याचिकाकर्ता संस्था ने इन क्लबों द्वारा अपने व्यवसाय को चलाने में विभिन्न मानदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान एसएसपी चंडीगढ़ ने अदालत के समक्ष पेश होकर बताया कि छह क्लबों द्वारा किए गए उल्लंघन के संबंध में एनओसी वापस लेने का आग्रह पुलिस विभाग द्वारा डीसी को भेजा गया है। मामले की सुनवाई 12 दिसंबर के लिए स्थगित करते हुए हाईकोर्ट ने एसएसपी चंडीगढ़ को अगली सुनवाई की तारीख पर वर्चुअली उपस्थित होने के लिए कहा है। इस मामले में याचिकाकर्ता संस्था ने तर्क दिया था कि सभी बार और रेस्तरां को छह लाख रुपये के अतिरिक्त वार्षिक शुल्क का भुगतान करने पर तीन बजे तक काम करने की अनुमति है।
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आबकारी व कराधान विभाग की तरफ से बताया गया कि कानूनों और नियमों का पालन न करने के लिए क्लबों व रेस्तरां को नोटिस जारी किया है। कहा कि विभाग को एसएसपी से 28 नवंबर और 6 दिसंबर को लेटर प्राप्त हुए हैं। इसमें एसएसपी ने बताया है कि नौ क्लब व रेस्टोरेंट बार-बार ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम- 2000 का उल्लंघन करते पाए गए हैं। इसलिए पुलिस ने उनके परिसर में लाइसेंस के संचालन के संबंध में एनओसी वापस ले ली है। उसी पत्र में एसएसपी ने आबकारी विभाग से क्लबों पर उचित कार्रवाई का आग्रह किया है। इसमें कैंडल हॉस्पिटैलिटी (द वॉल्ट), प्रिस्टीन हॉस्पिटैलिटी (डी''ओरा क्लब), जेएसएम एसपीएल रेस्टोरेंट एलएलपी (हार्ड रॉक कैफे), रिबेल हॉस्पिटैलिटी (काकुना क्लब), रबदित्ता कॉरपोरेट्स (काला घोड़ा), जीबीएस हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (बार्गेन एन बूज), द टाइमलाइनर्स (बुलेवार्ड), सैंस फूड्स (मिनिस्ट्री ऑफ बार एक्सचेंज), जैक्स एंटरप्राइजेज (कल्चर क्लब) शामिल हैं। ये सभी सेक्टर-26 और 7 में स्थित हैं। इन सभी को आबकारी एवं कराधान विभाग के कलेक्टर (आबकारी) के सामने 16 दिसंबर को दोपहर तीन बजे सुनवाई के लिए बुलाया है। अगर क्लबों की तरफ से कोई नहीं पेश होगा तो विभाग मान लेगा कि उन्हें अपने पक्ष में कुछ भी नहीं कहना है और वह उस अनुसार आदेश जारी करेंगे।
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जिस डी''ओरा क्लब के बाहर हुआ था धमाका, उसे भी नोटिस
प्रशासन की तरफ से डी''ओरा क्लब को भी बार-बार नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किया गया है। यह वही क्लब है, जहां कुछ दिन पहले धमाका हुआ है। इसके अलावा प्रशासन ने अन्य 5 क्लबों को भी नोटिस जारी किया है जो तेज आवाज में डीजे बजाते हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। इसमें अर्बन बॉसेस एलएलपी (प्रैनस्टर एफएंडबी कैंपस), रेड चिली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (क्विजो क्लब), रॉक एंड स्टॉर्म हॉस्पिटैलिटी (ब्रू एस्टेट / सैंटे क्लब), इनफिनिटीड एंटरप्राइजेज (वाइल्ड थाइम सेक्टर-7), एसके हॉस्पिटैलिटी (जीक क्लब) शामिल हैं। इस पर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 का उल्लंघन का आरोप है। इन क्लबों के संचालकों को 17 दिसंबर को दोपहर तीन बजे सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
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सेक्टर-7 की आरडब्ल्यूए की ओर से हाईकोर्ट में दायर की याचिका पर प्रशासन को लगी थी फटकार
हाल में हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल खेत्रपाल की खंडपीठ ने रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-7 द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशासन को फटकार लगाई थी। याचिकाकर्ता संस्था ने इन क्लबों द्वारा अपने व्यवसाय को चलाने में विभिन्न मानदंडों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान एसएसपी चंडीगढ़ ने अदालत के समक्ष पेश होकर बताया कि छह क्लबों द्वारा किए गए उल्लंघन के संबंध में एनओसी वापस लेने का आग्रह पुलिस विभाग द्वारा डीसी को भेजा गया है। मामले की सुनवाई 12 दिसंबर के लिए स्थगित करते हुए हाईकोर्ट ने एसएसपी चंडीगढ़ को अगली सुनवाई की तारीख पर वर्चुअली उपस्थित होने के लिए कहा है। इस मामले में याचिकाकर्ता संस्था ने तर्क दिया था कि सभी बार और रेस्तरां को छह लाख रुपये के अतिरिक्त वार्षिक शुल्क का भुगतान करने पर तीन बजे तक काम करने की अनुमति है।