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पंजाब में एएसआई बन कर ही रिटायर होंगे पुलिस मुलाजिम, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की घोषणा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, होशियारपुर (पंजाब)
Updated Tue, 10 Jul 2018 09:46 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : SELF
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को पुलिस कर्मचारियों के लिए सुनिश्चित सेवा तरक्की के लिए ‘वन रैंक अप प्रमोशन’ स्कीम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस स्कीम के लागू होने से पुलिस में तैनात कोई भी कर्मचारी एएसआई के पद तक पदोन्नत होकर ही सेवा मुक्त होगा। मुख्यमंत्री आज सोमवार को पीआरटीसी (पुलिस रिक्रूट्स ट्रेनिंग सेंटर) जहानखेलां में सिखलाई हासिल कर चुके 2068 कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड से सलामी लेने आए थे। उन्होंने इस दौरान 14 पुलिस कर्मियों को पदोन्नत कर नए रैंक के बैज प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि पुलिस में हैड कांस्टेबल और नॉन गजटेड अफसरों के रैंकों में ठहराव आने के कारण फोर्स में निराशा बढ़ रही थी। बहुत सारे पद खाली पड़े होने और योग्यता होने के बावजूद पदोन्नति नहीं मिल पा रही थी। अब नए स्कीम के तहत 16 साल की नौकरी के बाद हेड कांस्टेबल, 24 साल की नौकरी होने के बाद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) और 30 साल की नौकरी के बाद सब इंस्पेक्टर (एसआई) के तौर पर पदोन्नति का प्रावधान किया गया है।
पीआरटीसी में जवानों को दी जाने वाली ट्रेनिंग को इंडियन मिलिट्री अकादमी और नेशनल डिफेंस अकादमी जैसी बड़ी संस्थाओं के बराबर बताते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रेनिंग सेंटर के मौजूदा ढांचे की अपग्रेडशन के लिए राज्य के बजट में से 5 करोड़ देने की घोषणा की। उन्होंने अपने निजी फंड से 50 लाख रुपये सेंटर के पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों की भलाई के लिए दिए। मुख्यमंत्री ने पास आउट होने वाले 255 बैच के जवानों की परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट से सलामी ली।
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उन्होंने राज्य में से आतंकवाद को खत्म करने के लिए लड़ी लड़ाई के दौरान शहीद हुए पंजाब पुलिस के 1800 जवानों को याद किया। उन्होंने बताया कि 1964 में पंजाब पुलिस की चार टुकड़ियों को हजरत बल में कानून व अमन शांति को कायम रखने के लिए भेजा गया था। उस समय वे भी आर्मी अफसर के तौर पर वहां मौजूद थे।
उन्होंने गैंगस्टर्स को चेतावनी दी कि या वे अपराध का रास्ता छोड़ दें या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। इस दौरान पास आउट हुए 2068 नवनियुक्त कांस्टेबलों ने शपथ ली। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा की ओर से इनडोर विषय में ओवर ऑल टापर रहे फाजिल्का के कांस्टेबल मनप्रीत सिंह और आउटडोर विषय में टापर रहे लुधियाना के सुरिंदर सिंह और पासिंग आउट परेड के परेड कमांडर बलजीत सिंह को सम्मानित किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह और सुंदर शाम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल, एसएसपी जे एलांचेझियन, विधायक संगत सिंह गिलजियां, रजनीश कुमार बब्बी, अरुण कुमार डोगरा, डॉ. राज कुमार, पवन कुमार आदिया, यूथ कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरप्रीत सिंह लाली और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष चौधरी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि पुलिस में हैड कांस्टेबल और नॉन गजटेड अफसरों के रैंकों में ठहराव आने के कारण फोर्स में निराशा बढ़ रही थी। बहुत सारे पद खाली पड़े होने और योग्यता होने के बावजूद पदोन्नति नहीं मिल पा रही थी। अब नए स्कीम के तहत 16 साल की नौकरी के बाद हेड कांस्टेबल, 24 साल की नौकरी होने के बाद असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) और 30 साल की नौकरी के बाद सब इंस्पेक्टर (एसआई) के तौर पर पदोन्नति का प्रावधान किया गया है।
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पीआरटीसी में जवानों को दी जाने वाली ट्रेनिंग को इंडियन मिलिट्री अकादमी और नेशनल डिफेंस अकादमी जैसी बड़ी संस्थाओं के बराबर बताते हुए मुख्यमंत्री ने ट्रेनिंग सेंटर के मौजूदा ढांचे की अपग्रेडशन के लिए राज्य के बजट में से 5 करोड़ देने की घोषणा की। उन्होंने अपने निजी फंड से 50 लाख रुपये सेंटर के पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों की भलाई के लिए दिए। मुख्यमंत्री ने पास आउट होने वाले 255 बैच के जवानों की परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट से सलामी ली।
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उन्होंने राज्य में से आतंकवाद को खत्म करने के लिए लड़ी लड़ाई के दौरान शहीद हुए पंजाब पुलिस के 1800 जवानों को याद किया। उन्होंने बताया कि 1964 में पंजाब पुलिस की चार टुकड़ियों को हजरत बल में कानून व अमन शांति को कायम रखने के लिए भेजा गया था। उस समय वे भी आर्मी अफसर के तौर पर वहां मौजूद थे।
उन्होंने गैंगस्टर्स को चेतावनी दी कि या वे अपराध का रास्ता छोड़ दें या नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। इस दौरान पास आउट हुए 2068 नवनियुक्त कांस्टेबलों ने शपथ ली। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और डीजीपी सुरेश अरोड़ा की ओर से इनडोर विषय में ओवर ऑल टापर रहे फाजिल्का के कांस्टेबल मनप्रीत सिंह और आउटडोर विषय में टापर रहे लुधियाना के सुरिंदर सिंह और पासिंग आउट परेड के परेड कमांडर बलजीत सिंह को सम्मानित किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह और सुंदर शाम अरोड़ा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल, डिप्टी कमिश्नर विपुल उज्ज्वल, एसएसपी जे एलांचेझियन, विधायक संगत सिंह गिलजियां, रजनीश कुमार बब्बी, अरुण कुमार डोगरा, डॉ. राज कुमार, पवन कुमार आदिया, यूथ कांग्रेस के पंजाब प्रधान अमरप्रीत सिंह लाली और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष चौधरी मौजूद थे।