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अमित चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका पर पुलिस ने किया विरोध
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चंडीगढ़। पांच करोड़ की ठगी के आरोपी रामलाल के बेटे अमित चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका के विरोध में पुलिस ने शुक्रवार को डॉ. रजनीश की कोर्ट में अर्जी दाखिल की। पुलिस का कहना है कि जांच के लिए अमित को हिरासत में लिया जाना जरूरी है। ऐसे में उसकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द की जाए।
पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता अतुल्य शर्मा के अनुसार, उनके गुरु के शिष्य अरविंदर सिंगला ने उन्हें रामलाल से मिलवाया था। उसके बाद रामलाल से अतुल्य शर्मा के अच्छे संबंध बन गए। वह रामलाल की बेटी की शादी में भी पहुंचे थे। इसी दौरान रामलाल ने पांच करोड़ के सौदे की बात की और कहा कि इतना अच्छा सौदा हाथ से निकलने मत देना। इसलिए शिकायतकर्ता ने अपना मुंबई वाला घर बेचा, कुछ पिता से उधार लिया, पर्सनल लोन लेकर जुलाई 2015 से जनवरी 2016 तक थोड़ा-थोड़ा कर पांच करोड़ रुपया दे दिया।
रामलाल को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके दोस्त के घर से दो सूटकेस और दो बड़े पॉलीबैग से 122 ब्लैंक स्टांप पेपर और 315 ब्लैंक चेक और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए। शिकायतकर्ता द्वारा किए इन सब खुलासों की जांच के लिए अमित को हिरासत में लिया जाना बहुत जरूरी है। इसलिए अग्रिम जमानत याचिका रद्द किए जाने की अपील की है। अमित की 100 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी भी एसआईटी ने सीज की है। पत्नी नैना का खाता खुद अमित और उसकी बहन अंजू ही आपरेट करते थे। शिकायतकर्ता का पैसा अमित, अंजू और इनके पिता रामलाल ने बैंक में जमा करवाया था। इसके अलावा अमित के बेटे अभिषेक के खाते में कभी 49 हजार तो कभी 45 हजार रुपया लगातार 19 दिन जमा करवाया गया। इसी तरह अमित के बेटे रणविजय के खाते में भी पैसा जमा करवाया गया। शिकायतकर्ता ने सारे प्रूफ, कॉल रिकार्डिंग, पेमेंट की डिटेल जमा करवाई है। इस दौरान 40 लोग भी जांच में शामिल हुए। पुलिस का कहना है कि इन सभी के बारे में अमित से पूछताछ करनी है, इसलिए उसकी अग्रिम याचिका रद्द की जानी चाहिए।
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पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता अतुल्य शर्मा के अनुसार, उनके गुरु के शिष्य अरविंदर सिंगला ने उन्हें रामलाल से मिलवाया था। उसके बाद रामलाल से अतुल्य शर्मा के अच्छे संबंध बन गए। वह रामलाल की बेटी की शादी में भी पहुंचे थे। इसी दौरान रामलाल ने पांच करोड़ के सौदे की बात की और कहा कि इतना अच्छा सौदा हाथ से निकलने मत देना। इसलिए शिकायतकर्ता ने अपना मुंबई वाला घर बेचा, कुछ पिता से उधार लिया, पर्सनल लोन लेकर जुलाई 2015 से जनवरी 2016 तक थोड़ा-थोड़ा कर पांच करोड़ रुपया दे दिया।
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रामलाल को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके दोस्त के घर से दो सूटकेस और दो बड़े पॉलीबैग से 122 ब्लैंक स्टांप पेपर और 315 ब्लैंक चेक और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद हुए। शिकायतकर्ता द्वारा किए इन सब खुलासों की जांच के लिए अमित को हिरासत में लिया जाना बहुत जरूरी है। इसलिए अग्रिम जमानत याचिका रद्द किए जाने की अपील की है। अमित की 100 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी भी एसआईटी ने सीज की है। पत्नी नैना का खाता खुद अमित और उसकी बहन अंजू ही आपरेट करते थे। शिकायतकर्ता का पैसा अमित, अंजू और इनके पिता रामलाल ने बैंक में जमा करवाया था। इसके अलावा अमित के बेटे अभिषेक के खाते में कभी 49 हजार तो कभी 45 हजार रुपया लगातार 19 दिन जमा करवाया गया। इसी तरह अमित के बेटे रणविजय के खाते में भी पैसा जमा करवाया गया। शिकायतकर्ता ने सारे प्रूफ, कॉल रिकार्डिंग, पेमेंट की डिटेल जमा करवाई है। इस दौरान 40 लोग भी जांच में शामिल हुए। पुलिस का कहना है कि इन सभी के बारे में अमित से पूछताछ करनी है, इसलिए उसकी अग्रिम याचिका रद्द की जानी चाहिए।
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