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एक लड़की ने वो कर दिखाया, जो गांववाले 27 साल में नहीं कर सके
ब्यूरो/अमर उजाला, रतिया/फतेहाबाद
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:46 PM IST
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फतेहाबाद की इस लड़की ने गांव का नाम बदलवाने को मोदी को पत्र लिखा
- फोटो : अमर उजाला
मिलिए, एक ऐसी छात्रा से, जिसने छोटी उम्र में वह काम कर दिखाया, जो पूरे गांववाले 27 साल में नहीं कर सके। मामला, फतेहबाद जिले का है। रतिया खंड के गांव ‘गंदा’ की छात्रा हरप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आठ जनवरी को पत्र लिखकर अपने गांव का नाम बदलने की गुहार लगाई थी।
इसका कहना था कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मेरे गांव का नाम ‘गंदा’ है। किसी को बताते हैं तो शर्म आती है। लोग हमारे गांव का नाम लेकर बेइज्जती करते हैं। प्लीज बदल दीजिए...। यह गुहार लगाई थी। पीएमओ ने इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए तत्काल फतेहाबाद व रतिया के प्रशासन को गांव का नाम बदलने व अन्य समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया और गांव का नाम बदलने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। हरप्रीत कौर के इस प्रयास से पूरा गांव खुश है। गांव वाले कह रहे हैं कि इस बच्ची ने वो कर दिखाया जो गांव वाले पिछले 27 साल से नहीं कर सके।
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इसका कहना था कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मेरे गांव का नाम ‘गंदा’ है। किसी को बताते हैं तो शर्म आती है। लोग हमारे गांव का नाम लेकर बेइज्जती करते हैं। प्लीज बदल दीजिए...। यह गुहार लगाई थी। पीएमओ ने इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए तत्काल फतेहाबाद व रतिया के प्रशासन को गांव का नाम बदलने व अन्य समस्याओं के समाधान करने के निर्देश दिए।
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जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया और गांव का नाम बदलने को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। हरप्रीत कौर के इस प्रयास से पूरा गांव खुश है। गांव वाले कह रहे हैं कि इस बच्ची ने वो कर दिखाया जो गांव वाले पिछले 27 साल से नहीं कर सके।
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पंचायत ने 1989 में की थी नाम बदलने की थी सिफारिश
फतेहाबाद की इस लड़की ने गांव का नाम बदलवाने को मोदी को पत्र लिखा
- फोटो : अमर उजाला
गांव ‘गंदा’ की पंचायत ने चार मार्च 1989 को प्रस्ताव पास कर गांव का नाम बदलकर अजीत नगर रखने की सिफारिश की थी, लेकिन राजस्व विभाग एवं प्रशासन की अन्य औपचारिकताओं के पूरे न होने के चलते गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया पर अमल नहीं हो सका।
इसके बाद सरकारी और गैर सरकारी रिकॉर्ड में गांव का यही नाम चलता रहा, लेकिन हरप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को गांव के नाम बदलने एवं अन्य समस्याओं बारे लिख दिया। पीएमओ से मिले जवाबी पत्र के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को तत्काल बैठक बुलवाकर फिर से प्रस्ताव मांगे जानी की प्रक्रिया शुरू की है।
इसके बाद सरकारी और गैर सरकारी रिकॉर्ड में गांव का यही नाम चलता रहा, लेकिन हरप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री कार्यालय को गांव के नाम बदलने एवं अन्य समस्याओं बारे लिख दिया। पीएमओ से मिले जवाबी पत्र के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों को तत्काल बैठक बुलवाकर फिर से प्रस्ताव मांगे जानी की प्रक्रिया शुरू की है।
हरप्रीत कौर ने ये लिखा था पत्र में
फतेहाबाद की इस लड़की ने गांव का नाम बदलवाने को मोदी को पत्र लिखा
- फोटो : अमर उजाला
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
भारत सरकार, नई दिल्ली
सविनय निवेदन यह है कि हमारे गांव का नाम ‘गंदा’ है। हम जहां भी जाते हैं, लोग हमारी बेइज्जती करते हैं हमारे गांव का नाम लेकर। प्लीज इसे बदल दीजिए। समस्याएं कई और भी हैं। स्कूल की चारदीवारी नहीं है। स्कूल टाइम में आवारा पशु अंदर घुस जाते हैं और हमें पढ़ाई में दिक्कत होती है।
छोटे बच्चे तो अपने घर चले जाते हैं। हमारे स्कूल और साथ लगते पशु अस्पताल में तकरीबन 100 पौधे लगे हुए हैं, लेकिन चारदीवारी न होने से उनकी सुरक्षा भी नहीं है। स्कूल और अस्पताल की जमीन पर अवैध कब्जा कर भेड़ों का बाड़ा बना दिया गया है। इन सभी समस्याओं से निजात दिलवाएं।
प्रधानमंत्री कार्यालय से इस बाबत एक पत्र आया है, जिसे रतिया एसडीएम को मार्क कर दिया गया है। जैसे ही रतिया से रिपोर्ट आ जाएगी, पीएम दफ्तर को पत्र का जवाब भेज दिया जाएगा।
- एनके सोलंकी, डीसी, फतेहाबाद
भारत सरकार, नई दिल्ली
सविनय निवेदन यह है कि हमारे गांव का नाम ‘गंदा’ है। हम जहां भी जाते हैं, लोग हमारी बेइज्जती करते हैं हमारे गांव का नाम लेकर। प्लीज इसे बदल दीजिए। समस्याएं कई और भी हैं। स्कूल की चारदीवारी नहीं है। स्कूल टाइम में आवारा पशु अंदर घुस जाते हैं और हमें पढ़ाई में दिक्कत होती है।
छोटे बच्चे तो अपने घर चले जाते हैं। हमारे स्कूल और साथ लगते पशु अस्पताल में तकरीबन 100 पौधे लगे हुए हैं, लेकिन चारदीवारी न होने से उनकी सुरक्षा भी नहीं है। स्कूल और अस्पताल की जमीन पर अवैध कब्जा कर भेड़ों का बाड़ा बना दिया गया है। इन सभी समस्याओं से निजात दिलवाएं।
प्रधानमंत्री कार्यालय से इस बाबत एक पत्र आया है, जिसे रतिया एसडीएम को मार्क कर दिया गया है। जैसे ही रतिया से रिपोर्ट आ जाएगी, पीएम दफ्तर को पत्र का जवाब भेज दिया जाएगा।
- एनके सोलंकी, डीसी, फतेहाबाद