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24 वर्षों तक बने राम, अब बन रहे हैं रावण
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चंडीगढ़। ज्योति भारद्वाज सेक्टर 29 स्थित ओसीएफ सांस्कृतिक मंच से पिछले 28 वर्ष से जुड़े हैं। 24 वर्षों तक रामलीला में श्री राम की भूमिका निभाने के बाद अब दो साल से रावण का रोल अदा कर रहे हैं। उनके पिता शाम सुंदर मंच के संस्थापक सदस्य हैं। शाम सुंदर पिछले 52 वर्ष से मंच से जुड़े हैं। उन्होंने दशरथ, रावण, बाली समेत कई अन्य भूमिका में रोल अदा कर चुके हैं।
ज्योति भारद्वाज ने बताया कि पिता की प्रेरणा से इस मंच पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत भगवान श्री राम के रोल से की और यह रोल 24 वर्ष तक निभाया। पिछले 2 साल से रावण और दशरथ की भूमिका निभा रहा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रावण का किरदार शुरू से ही बहुत आकर्षित करता था। उनका कहना है कि रावण रामायण का खलनायक न होकर प्रतिनायक है। अपनी बहन के अपमान का प्रतिशोध लेने के लिए उसने साक्षात नारायण से वैर ले लिया।
ज्योति भारद्वाज का बेटा चिरायु भारद्वाज 6 वर्ष की उम्र से ही मंच के साथ जुड़ा है। बाल लक्ष्मण, अंगद, मेघनाद और पिछले 2 साल से लक्ष्मण की भूमिका निभा रहा है। डीएवी कॉलेज सेक्टर 10 के बीकॉम फाइनल ईयर के विद्यार्थी चिरायु पार्श्व गायन की जिम्मेदारी भी मंच पर बखूबी निभाते हैं।
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ज्योति भारद्वाज ने बताया कि पिता की प्रेरणा से इस मंच पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत भगवान श्री राम के रोल से की और यह रोल 24 वर्ष तक निभाया। पिछले 2 साल से रावण और दशरथ की भूमिका निभा रहा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रावण का किरदार शुरू से ही बहुत आकर्षित करता था। उनका कहना है कि रावण रामायण का खलनायक न होकर प्रतिनायक है। अपनी बहन के अपमान का प्रतिशोध लेने के लिए उसने साक्षात नारायण से वैर ले लिया।
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ज्योति भारद्वाज का बेटा चिरायु भारद्वाज 6 वर्ष की उम्र से ही मंच के साथ जुड़ा है। बाल लक्ष्मण, अंगद, मेघनाद और पिछले 2 साल से लक्ष्मण की भूमिका निभा रहा है। डीएवी कॉलेज सेक्टर 10 के बीकॉम फाइनल ईयर के विद्यार्थी चिरायु पार्श्व गायन की जिम्मेदारी भी मंच पर बखूबी निभाते हैं।
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