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पिता की ज्यादती बताने को मंच पर दिखाया ‘अंत हाजिर हो’
ब्यूरो, अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:16 PM IST
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नाटक
- फोटो : अमर उजाला
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सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में दो दिवसीय थिएटर फेस्टिवल में शनिवार को ‘अंत हाजिर हो’ नाटक का मंचन किया गया। इसका लेखन मीराकांत और निर्देशन हरमन पाल सिंह ने किया। मंचन स्टेज क्राफ्ट थिएटर ग्रुप की ओर से किया गया।
इसके माध्यम से कलाकारों ने दर्शाया कि आजकल घर में ही बच्चों का शोषण पिता करने लगते हैं।
नाटक में दर्शाया गया है कि एक पिता के दो बेटियां होती हैं। इसमें छोटी बेटी का पिता यौन शोषण करने लगता है। इस बारे में वह किसी को नहीं बताती है। वह अपने इस दुख को लेखन से व्यक्त करती है। वह डायरी लिखने लगती है। डायरी में अपने पिता के कुकृत्य को लिखती है। एक दिन उसकी बड़ी बहन को पता लग जाता है।
जब वह जान पाती है कि यह डायरी उसकी बड़ी बहन ने पढ़ ली है तो वह यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाती है और आत्महत्या कर लेती है। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि जुर्म करने से ज्यादा खतरनाक उसे सहना है।
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इसके माध्यम से कलाकारों ने दर्शाया कि आजकल घर में ही बच्चों का शोषण पिता करने लगते हैं।
नाटक में दर्शाया गया है कि एक पिता के दो बेटियां होती हैं। इसमें छोटी बेटी का पिता यौन शोषण करने लगता है। इस बारे में वह किसी को नहीं बताती है। वह अपने इस दुख को लेखन से व्यक्त करती है। वह डायरी लिखने लगती है। डायरी में अपने पिता के कुकृत्य को लिखती है। एक दिन उसकी बड़ी बहन को पता लग जाता है।
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जब वह जान पाती है कि यह डायरी उसकी बड़ी बहन ने पढ़ ली है तो वह यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाती है और आत्महत्या कर लेती है। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि जुर्म करने से ज्यादा खतरनाक उसे सहना है।
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