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Chandigarh News: व्हाट्सएप पर डीजीपी के फोटो का इस्तेमाल कर पूछी जाने लगी डीएसपी की लोकेशन
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चंडीगढ़। यूटी पुलिस के डीजीपी प्रवीर रंजन की फोटो का इस्तेमाल कर एक व्हाट्सएप नंबर से शहर के कई डीएसपी से उनकी लोकेशन पूछे जाने लगी। मंगलवार देर शाम अचानक व्हाट्सएप पर पूछे गए लोकेशन से पहले तो कुछ अफसर घबरा गए। हालांकि, बाद में फर्जीवाड़े की सारी कहानी समझ में आई।
दरअसल, चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों से व्हाट्सएप पर पहले तो हेलो, हाउ आर यू लिखकर हालचाल पूछा गया। उसके बाद उनसे उनकी लोकेशन पूछे जाने लगी। ऐसा एक दो नहीं बल्कि कई डीएसपी रैंक के अधिकारियों के साथ हुआ। कुछ देर में ही अधिकारी मोबाइल नंबर देखकर समझ गए कि यह नंबर डीजीपी का नहीं है। जब उक्त नंबर पर कॉल की गई तो फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर, डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को संदेश जारी कर इसे नजरअंदाज करने के लिए कहा। साइबर सेल फोन नंबर और डीजीपी की फोटो इस्तेमाल करने वाले का पता लगाने में जुट गए हैं।
साइबर अपराधी अकसर वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की फोटो का इस्तेमाल कर आम लोगों और अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को डराने के लिए यह काम करते हैं। दरअसल, साइबर अपराधी फोटो इंटरनेट से डाउनलोड कर वर्चुअल व्हाट्सएप नंबर के स्टेटस में डीपी लगा लेते हैं।
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ठगी से बचने के लिए क्या करें
अनजान नंबर से आने वाले संदेश की जांच पड़ताल करें। किसी की बातों में न आएं। साइबर अपराध होने पर तुरंत अपनी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर: 155260 · चंडीगढ़ साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर: +917087116997 पर जरूर दें। शिकायत पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी की जा सकती है।
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दरअसल, चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों से व्हाट्सएप पर पहले तो हेलो, हाउ आर यू लिखकर हालचाल पूछा गया। उसके बाद उनसे उनकी लोकेशन पूछे जाने लगी। ऐसा एक दो नहीं बल्कि कई डीएसपी रैंक के अधिकारियों के साथ हुआ। कुछ देर में ही अधिकारी मोबाइल नंबर देखकर समझ गए कि यह नंबर डीजीपी का नहीं है। जब उक्त नंबर पर कॉल की गई तो फोन रिसीव नहीं हुआ। उधर, डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को संदेश जारी कर इसे नजरअंदाज करने के लिए कहा। साइबर सेल फोन नंबर और डीजीपी की फोटो इस्तेमाल करने वाले का पता लगाने में जुट गए हैं।
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साइबर अपराधी अकसर वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की फोटो का इस्तेमाल कर आम लोगों और अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को डराने के लिए यह काम करते हैं। दरअसल, साइबर अपराधी फोटो इंटरनेट से डाउनलोड कर वर्चुअल व्हाट्सएप नंबर के स्टेटस में डीपी लगा लेते हैं।
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ठगी से बचने के लिए क्या करें
अनजान नंबर से आने वाले संदेश की जांच पड़ताल करें। किसी की बातों में न आएं। साइबर अपराध होने पर तुरंत अपनी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर: 155260 · चंडीगढ़ साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर: +917087116997 पर जरूर दें। शिकायत पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर भी की जा सकती है।