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Highcourt: मनीमाजरा की मोटर मार्केट में अतिक्रमण से निकलना मुश्किल, मेडिकल इमरजेंसी में लोगों की जान को खतरा
Thu, 08 Feb 2024 08:21 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Feb 2024 08:21 AM IST
सार
मनीमाजरा में बनी मोटर मार्केट में अतिक्रमण बढ़ रहा है। मार्केट में आने वाले वाहनों के कारण सड़क पर काफी ट्रैफिक समस्या भी रहती है। अब हाईकोर्ट ने प्रशासक के सलाहकार, निगम आयुक्त, चीफ आर्किटेक्ट और एस्टेट ऑफिसर से जवाब मांगा है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
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विस्तार
चंडीगढ़ के मनीमाजरा में मौजूद मोटर मार्केट में अतिक्रमण के चलते लोगों को होने वाली परेशानी संबंधी हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रशासक के सलाहकार, निगम आयुक्त, चीफ आर्किटेक्ट और एस्टेट ऑफिसर को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए जीरकपुर निवासी देवांश खन्ना ने हाईकोर्ट को बताया कि वह रोजाना मोटर मार्केट से होकर गुजरते हैं और यहां पर अत्याधिक ट्रैफिक समस्या का सामना करना पड़ता है। मोटर मार्केट में मौजूद वेंडरों व मैकेनिकों ने फुटपाथ, पार्किंग व मार्केट के बरामदों में अपनी पेटी लगाई हुई है। इसके अलावा पूरी पार्किंग ठीक होने के लिए आने वाले वाहनों से भरी पड़ी रहती है। मुख्य मार्ग के दोनों ओर भी रिपेयरिंग के लिए आए बस, जेसीबी, ट्रक व अन्य वाहन खड़े रहते हैं। इनके कारण आम लोगों का इस मार्ग से निकल पाना तक मुश्किल हो जाता है।
याची ने बताया कि इलेक्ट्रिक का काम भी पार्किंग आदि में किया जा रहा है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो उस स्थिति में लोगों के पास भागकर जान बचाने के लिए कोई मार्ग तक मौजूद नहीं होगा। इसके साथ ही पार्किंग में हादसाग्रस्त वाहनों की भी लाइन लगी रहती है और इनके बिखरे हिस्से लोगों के लिए जान का खतरा पैदा कर सकते हैं। अवैध अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि यदि कोई आगजनी की घटना हो जाए तो फायर ब्रिगेड का वहां समय पर पहुंच पाना बहुत मुश्किल है। यही स्थिति मेडिकल इमरजेंसी में भी बन सकती है।
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याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि मोटर मार्केट में मौजूद मैकेनिकों और वेंडरों को इस मार्केट से बाहर कोई अन्य स्थान दिया जाए। ऐसा करके उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित नहीं होगी और लोगों के कीमती जीवन को भी सुरक्षित किया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए जीरकपुर निवासी देवांश खन्ना ने हाईकोर्ट को बताया कि वह रोजाना मोटर मार्केट से होकर गुजरते हैं और यहां पर अत्याधिक ट्रैफिक समस्या का सामना करना पड़ता है। मोटर मार्केट में मौजूद वेंडरों व मैकेनिकों ने फुटपाथ, पार्किंग व मार्केट के बरामदों में अपनी पेटी लगाई हुई है। इसके अलावा पूरी पार्किंग ठीक होने के लिए आने वाले वाहनों से भरी पड़ी रहती है। मुख्य मार्ग के दोनों ओर भी रिपेयरिंग के लिए आए बस, जेसीबी, ट्रक व अन्य वाहन खड़े रहते हैं। इनके कारण आम लोगों का इस मार्ग से निकल पाना तक मुश्किल हो जाता है।
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याची ने बताया कि इलेक्ट्रिक का काम भी पार्किंग आदि में किया जा रहा है। ऐसे में कोई हादसा होता है तो उस स्थिति में लोगों के पास भागकर जान बचाने के लिए कोई मार्ग तक मौजूद नहीं होगा। इसके साथ ही पार्किंग में हादसाग्रस्त वाहनों की भी लाइन लगी रहती है और इनके बिखरे हिस्से लोगों के लिए जान का खतरा पैदा कर सकते हैं। अवैध अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि यदि कोई आगजनी की घटना हो जाए तो फायर ब्रिगेड का वहां समय पर पहुंच पाना बहुत मुश्किल है। यही स्थिति मेडिकल इमरजेंसी में भी बन सकती है।
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याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि मोटर मार्केट में मौजूद मैकेनिकों और वेंडरों को इस मार्केट से बाहर कोई अन्य स्थान दिया जाए। ऐसा करके उनकी रोजी-रोटी भी प्रभावित नहीं होगी और लोगों के कीमती जीवन को भी सुरक्षित किया जा सकेगा। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।