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दुर्लभ फोटो देखने के शौकीन हैं तो कला भवन आएं
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 28 Nov 2013 10:50 AM IST
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प्रसिद्ध कलाकार एस शोभा सिंह की 114वीं जयंती पर पंजाब आर्ट्स काउंसिल और पंजाब ललित कला अकादमी ने एक फोटो प्रदर्शनी लगाई। शोभा सिंह ज्यादातर रियलिस्टिक पेंटिंग करते थे।
तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी पंजाब कला भवन में लगाई गई है। इसका उद्घाटन पंजाब ललित अकादमी पूर्व अध्यक्ष जोत सिंह ने किया।
कार्यक्रम में चीफ गेस्ट सांस्कृतिक मामलों के संसदीय सचिव संत बलबीर सिंह मौजूद रहे। इसमें पहली बार शोभा के 42 ऐसे दुर्लभ फोटो पेश किए गए हैं जो किसी ने नहीं देखे हैं।
प्रदर्शनी में चंडीगढ़ के साथ कनाडा के पांच चित्रकारों ने भी भाग लिया है। इन कलाकारों ने शोभा सिंह की तरह रियलिस्टिक पेंटिंग करके दिखाई।
रियलिस्टिक पेंटिंग में फिक्शन नहीं
चंडीगढ़ के फ्री लांस आर्टिस्ट सिकंदर सिंह ने बताया कि वे रियलिस्टिक पेंटिंग करना पसंद करते हैं। रियलिस्टिक पेंटिंग में किसी भी तरह का फिक्शन नहीं होता। लोगों को देखते ही समझ में आ जाता है कि पेंटिंग में पेंटर क्या दिखाना चाहता है।
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पेंटिंग से पहले कुछ नहीं-प्रभजोत सिंह
चंडीगढ़ के आर्ट्स कॉलेज के मास्टर्स के स्टूडेंट प्रभजोत सिंह ने कहा कि वे पेंटिंग करने से पहले कुछ नहीं सोचते। जब रंग उठाते हैं तो उसी समय दिमाग में आइडिया आना शुरू हो जाते हैं। वे उन्हें चित्रकला से दिखाते हैं। उन्हें कल्पना और फैंटेसी करना पसंद है। इसीलिए चित्रों में भी उसी को डालना पसंद करते हैं।
पिताजी हैं मेरे आदर्श: जरनैल सिंह
कनाडा से आए जरनैल सिंह ने बताया कि उनके पापा एक प्रसिद्ध आर्टिस्ट थे। वे पंजाबी लड़कियों और उनके स्वभाव पर फोकस करते हैं। इसलिए पंजाब और हरियाणा की लड़कियों की खूबसूरती पर पेंटिंग करते हैं।
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तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी पंजाब कला भवन में लगाई गई है। इसका उद्घाटन पंजाब ललित अकादमी पूर्व अध्यक्ष जोत सिंह ने किया।
कार्यक्रम में चीफ गेस्ट सांस्कृतिक मामलों के संसदीय सचिव संत बलबीर सिंह मौजूद रहे। इसमें पहली बार शोभा के 42 ऐसे दुर्लभ फोटो पेश किए गए हैं जो किसी ने नहीं देखे हैं।
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प्रदर्शनी में चंडीगढ़ के साथ कनाडा के पांच चित्रकारों ने भी भाग लिया है। इन कलाकारों ने शोभा सिंह की तरह रियलिस्टिक पेंटिंग करके दिखाई।
रियलिस्टिक पेंटिंग में फिक्शन नहीं
चंडीगढ़ के फ्री लांस आर्टिस्ट सिकंदर सिंह ने बताया कि वे रियलिस्टिक पेंटिंग करना पसंद करते हैं। रियलिस्टिक पेंटिंग में किसी भी तरह का फिक्शन नहीं होता। लोगों को देखते ही समझ में आ जाता है कि पेंटिंग में पेंटर क्या दिखाना चाहता है।
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पेंटिंग से पहले कुछ नहीं-प्रभजोत सिंह
चंडीगढ़ के आर्ट्स कॉलेज के मास्टर्स के स्टूडेंट प्रभजोत सिंह ने कहा कि वे पेंटिंग करने से पहले कुछ नहीं सोचते। जब रंग उठाते हैं तो उसी समय दिमाग में आइडिया आना शुरू हो जाते हैं। वे उन्हें चित्रकला से दिखाते हैं। उन्हें कल्पना और फैंटेसी करना पसंद है। इसीलिए चित्रों में भी उसी को डालना पसंद करते हैं।
पिताजी हैं मेरे आदर्श: जरनैल सिंह
कनाडा से आए जरनैल सिंह ने बताया कि उनके पापा एक प्रसिद्ध आर्टिस्ट थे। वे पंजाबी लड़कियों और उनके स्वभाव पर फोकस करते हैं। इसलिए पंजाब और हरियाणा की लड़कियों की खूबसूरती पर पेंटिंग करते हैं।