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पीजीआई स्टैंडिंग सलेक्शन कमेटी को झटका

Wed, 11 Dec 2013 08:28 AM IST
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/ अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 11 Dec 2013 08:28 AM IST
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PGI Standing Selection Committee

पीजीआई के डाक्टरों के प्रमोशन में अहम रोल निभाने वाली स्टैंडिंग सिलेक्शन कमेटी को जबरदस्त झटका लगा है।

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हाईकोर्ट ने कमेटी के दो मेंबरों इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के डायरेक्टर जनरल वीएम कटोच और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अरुण कुमार ग्रोवर को तुरंत हटाने के निर्देश जारी किए हैं।

साथ ही डाक्टरों के प्रमोशन के लिए होने वाले इंटरव्यू को दोबारा से लेने को कहा है। इससे पीजीआई के 17 डाक्टरों के प्रमोशन का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
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इन डाक्टरों का प्रमोशन पिछले दो साल से लटका था। इनका आरोप था कि स्टैंडिंग सिलेक्शन कमेटी के सदस्य उनके साथ भेदभाव कर रहे और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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हाईकोर्ट ने हाल ही में सुनाए अपने फैसले में पीजीआई की गवर्निंग बॉडी को निर्देश दिए कि कमेटी में नए सदस्यों को शामिल कर डाक्टरों के प्रमोशन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाए।

याचिकाकर्ताओं का दावा था कि वे सभी 17 डाक्टरों अपने प्रमोशन के लिए जरूरी योग्यताएं रखते थे। इनमें उनके रिसर्च पेपर, पब्लिकेशंस भी शामिल थे।

इन्हें पीजीआई की स्टैंडडिंग सिलेक्शन कमेटी ने इंटरव्यू के लिए बुलाया और 23 अप्रैल 2011 को इनकी एप्लीकेशन खारिज कर दी गई।

आरटीआई से जब इस बारे में सूचना मांगी गई तो अर्जी खारिज करने का कोई संतुष्ट जवाब नहीं मिला। डाक्टर इस मसले को लेकर पीजीआई की गवर्निंग बॉडी के पास पहुंचे।

बॉडी ने इस मसले को दोबारा से स्टैंडडिंग कमेटी के पास रिव्यू के लिए भेजा। उसके बाद सभी डाक्टरों को दोबारा से इंटरव्यू के लिए बुलाया और लेकिन फिर से उन्हें वापस भेज दिया गया।

यह सिलसिला छह जुलाई 2013 तक चलता रहा। उसके बाद गवर्निंग बॉडी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें फिर से इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, लेकिन इस बार अन्य डाक्टरों को भी बुला लिया गया।

यानी जो जूनियर थे, उन्हें भी इंटरव्यू के लिए निमंत्रण भेजा गया। इससे डॉक्टर नाराज हो गए और इस फैसले के खिलाफ उन्होंने कैट से गुहार लगाई।

कैट ने इस पर गवर्निंग बॉडी पर फैसला डालते हुए कहा कि वे डाक्टरों के हित में फैसला जल्द लें और संस्थान के संविधान के मुताबिक कमेटी के सदस्यों को भी बदले।

कैट के इस फैसले के खिलाफ पीजीआई हाईकोर्ट चली गई। हाईकोर्ट ने उल्टा पीजीआई को झटका दे दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद से डाक्टरों में खुशी की लहर है और अब उन्हें इंटरव्यू की कॉल का इंतजार है।


इन प्रमुख डाक्टरों के अटके थे प्रमोशन
एनेस्थीसिया विभाग की डाक्टर संध्या, पीडियाट्रिक्स की डा. जयश्री, इसी विभाग की डा. अमिता त्रेहन, ओरल हेल्थ साइंस की डाक्टर एसपी सिंह, आर्थोपेडिक्स के डाक्टर आदित्य अग्रवाल, आर्थोपेडिक्स के डाक्टर विजय गोनी, गेस्ट्रो के डाक्टर विजय गोनी, गेस्ट्रो के डा. एके शर्मा, एनेस्थीसिया की डाक्टर सुब्रतो पोद्दार, बायोकेमेस्ट्री के डाक्टर वीएस साहा, फोरेंसिक मेडिसिन के डा. एसपी मंडल आदि।

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