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पीजीआई का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट पांच महीने बाद फेल
आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 10 Feb 2014 12:05 AM IST
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पीजीआई का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट फेल हो गया है। साढ़े पांच महीने पहले जिस मरीज का हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ था, उसने दम तोड़ दिया है। विशेषज्ञों ने मरीज की मौत का कारण शरीर द्वारा रिजेक्शन बताया है।
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यानी मरीज का शरीर प्रत्यारोपित हृदय के साथ एडजस्ट नहीं कर पा रहा था। हैरानी की बात यह है कि रिजेक्शन के लक्षण मौत से तीन दिन पहले दिखने लगे थे जबकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता है।
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अंबाला कैंट के रहने वाले 53 वर्षीय एमएल अरोड़ा का हार्ट ट्रांसप्लांट पिछले साल चार अगस्त को हुआ था। इस साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में हुई अरोड़ा की मौत से पीजीआई के डाक्टर निराश हैं जबकि उनके परिजन गमगीन हैं।
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डाक्टरों का कहना है कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे थे। रोजाना पांच किलोमीटर पैदल चलते थे। दफ्तरों का काम भी निपटा रहे थे। उनके रेगुलर काम से पीजीआई को उम्मीद बंधने लगी थी, लेकिन अचानक उनकी मौत हो गई।
साल 2013 में मिली थी हार्ट ट्रांसप्लांट की मंजूरी:
पीजीआई चंडीगढ़ में हार्ट ट्रांसप्लांट को मंजूरी 2013 में मिली थी। हार्ट ट्रांसप्लांट का यह प्रोजेक्ट तीन साल पहले पीजीआई के पूर्व डायरेक्टर डॉ. केके तलवार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में भेजा था। मंजूरी मिलते ही पीजीआई चंडीगढ़ नेशनल आर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के अंतर्गत देश के दस इंस्टीट्यूट में शुमार हो गया है।