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पीजीआई में एवेस्टिन बंद, आंखों के मरीजों की परेशानी बढ़ी

Wed, 14 Sep 2016 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 14 Sep 2016 01:54 AM IST
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PGI's Advanced Eye Department Avestin injection is completely closed
पीजीआई चंडीगढ़
पीजीआई के एडवांस आई डिपार्टमेंट में एवेस्टिन इंजेक्शन का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे उन मरीजों की मुश्किले बढ़ गईं हैं, जिनकी डायबिटीज के कारण रोशनी जाती रहती है। एवेस्टिन की एक डोज 1500 रुपये पर पड़ती है जबकि उसकी जगह इस्तेमाल की जाने वाली दवा ल्यूसेंटिस की कीमत करीब 25 हजार रुपये है। ऐसे में गरीब व मध्य वर्ग के मरीजों के लिए ल्यूसेंटिस लगवाना मुश्किल है।
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 पीजीआई का कहना है कि जब तक सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) से कोई निर्देश नहीं आता तब तक इस पर फैसला नहीं लिया जाएगा। सीडीएससीओ से न तो पीजीआई को पत्र भेजा गया है और न स्थानीय ड्रग कंट्रोलर को। जुलाई के महीने में एवेस्टिन का इंजेक्शन लगने से 25 से ज्यादा लोगों की आंखों में दिक्कत आ गई थी। उसके बाद पीजीआई ने एवेस्टिन का इंजेक्शन लगाने पर रोक लगा थी। उस दौरान बताया गया था कि कुछ समय के लिए एवेस्टिन को बंद किया जा रहा है। सीडीएससीओ से निर्देश मिलने के बाद उस पर फिर से विचार किया जाएगा। पीजीआई में डायबिटिक रेटिनापैथी के हजारों मरीज आते हैं।
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मरीजों के लिए रामबाण है एवेस्टिन दवा

PGI's Advanced Eye Department Avestin injection is completely closed
Avestin injection is completely closed - फोटो : Demo Pic
पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के पूर्व एचओडी आमोद गुप्ता मानते हैं कि एवेस्टिन मरीजों के लिए रामबाण दवा है। विश्व में रोजाना लाखों एवेस्टिन के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। कहीं कोई नुकसान नहीं है। यह दवा मुख्य रूप से डायबिटिक रेटीनोपैथी (डायबिटीज के बाद आंखों की रोशनी कम होना) और मैकुलर डीजेनरेशन (आंखों की रोशनी जाना) के इलाज में रामबाण साबित हुई है। इससे कई मरीजों की आंखों की रोशनी वापस आ चुकी है।

अब लेजर ही एक मात्र सहारा 
एवेस्टिन की जगह ल्यूसेंटिस का इस्तेमाल करना भी मुश्किल है। ऐसे में अब लेजर ही एक मात्र रास्ता बचता है। लेजर तकनीक से रोशनी वापस तो आती है, लेकिन जितना अच्छा परिणाम एवेस्टिन जितना बेहतर नहीं है। लेजर की वेटिंग लंबी है। ऐसे में मरीजों के ही मुश्किले बढ़ रही हैं। पीजीआई का कहना है कि एवेस्टिन का बंद होना मरीजों का सबसे बड़ा नुकसान है।
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