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मरीजों के लिए खुला पीजीआई... अब मैनुअल कार्ड बनाइए और डॉक्टरों को दिखाइए
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चंडीगढ़। पीजीआई में 18 महीने बाद सोमवार से सभी मरीजों के लिए ओपीडी सुविधा शुरू होने जा रही है। न्यू ओपीडी के मरीजों का मौके पर ही पंजीकरण किया जाएगा। इससे पहले चल रही टेलीकंसल्टेशन व ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी जारी रहेगी। ओपीडी खुलने की सूचना के बाद तमाम मरीज एक दिन पहले ही पीजीआई पहुंच गए। रात को उन्होंने अलग-अलग जगहों पर बसेरा बनाया।
मानकों की अनदेखी की तो प्रवेश नहीं मिलेगा
पीजीआई प्रशासन ने मरीजों व उनके परिजनों से अनुरोध किया है कि वे कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए ओपीडी में आएं, ताकि इस सुविधा को बिना बाधा के संचालित किया जा सके। पीजीआई में ओपीडी के नोडल अधिकारी डॉ. नवीन पांडेय ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए मरीजों को न्यू ओपीडी के प्रवेश द्वार पर मास्क और सैनिटाइजर दिया जाएगा। सुरक्षा गार्ड भी कोरोना मानकों के पालन में मदद करेंगे। अगर किसी ने जानबूझकर अनदेखी की तो ओपीडी में प्रवेश नहीं मिलेगा। पीजीआई दूसरे मरीजों की सुरक्षा से किसी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।
अब तक ऐसे देखे जा रहे थे मरीज
20 अप्रैल 2020 को टेली-परामर्श सेवा शुरू की गई
6 सितंबर 2021 को ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा प्रति विभाग 30 रोगियों की सीमा के साथ शुरू की
इस तरह होगा ओपीडी का संचालन
न्यू ओपीडी में टेली परामर्श के लिए पंजीकरण सुबह 8 से 9 बजे तक 0172-275991 नंबर पर किया जाएगा, जिसमें 19 लाइनें हैं।
मौके पर रोगियों का पंजीकरण न्यू ओपीडी में काउंटर पर किया जाएगा। अब सीधे डॉक्टर के पास जा सकेंगे।
ओपीडी में सीधे जाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, जो वर्तमान में प्रति विभाग 30 रोगियों तक सीमित है, उसे 50 करने के साथ नेत्र विज्ञान, हेप्टोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा के लिए 100 मरीज किया जाएगा।
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वर्जन ---
गैर कोविड मरीजों की परेशानी और संक्रमण दर की नियंत्रित स्थिति को ध्यान में रखकर ओपीडी की सुविधा पहले की तरह बहाल करने का निर्णय लिया गया है। अगर दो हफ्ते तक संक्रमण दर ऐसे ही नियंत्रित रही और संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करने में मरीजों का सहयोग मिला तो सुविधा को नियमित किया जाएगा।
-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक
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मानकों की अनदेखी की तो प्रवेश नहीं मिलेगा
पीजीआई प्रशासन ने मरीजों व उनके परिजनों से अनुरोध किया है कि वे कोरोना से बचाव के मानकों का पालन करते हुए ओपीडी में आएं, ताकि इस सुविधा को बिना बाधा के संचालित किया जा सके। पीजीआई में ओपीडी के नोडल अधिकारी डॉ. नवीन पांडेय ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए मरीजों को न्यू ओपीडी के प्रवेश द्वार पर मास्क और सैनिटाइजर दिया जाएगा। सुरक्षा गार्ड भी कोरोना मानकों के पालन में मदद करेंगे। अगर किसी ने जानबूझकर अनदेखी की तो ओपीडी में प्रवेश नहीं मिलेगा। पीजीआई दूसरे मरीजों की सुरक्षा से किसी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।
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अब तक ऐसे देखे जा रहे थे मरीज
20 अप्रैल 2020 को टेली-परामर्श सेवा शुरू की गई
6 सितंबर 2021 को ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा प्रति विभाग 30 रोगियों की सीमा के साथ शुरू की
इस तरह होगा ओपीडी का संचालन
न्यू ओपीडी में टेली परामर्श के लिए पंजीकरण सुबह 8 से 9 बजे तक 0172-275991 नंबर पर किया जाएगा, जिसमें 19 लाइनें हैं।
मौके पर रोगियों का पंजीकरण न्यू ओपीडी में काउंटर पर किया जाएगा। अब सीधे डॉक्टर के पास जा सकेंगे।
ओपीडी में सीधे जाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, जो वर्तमान में प्रति विभाग 30 रोगियों तक सीमित है, उसे 50 करने के साथ नेत्र विज्ञान, हेप्टोलॉजी और आंतरिक चिकित्सा के लिए 100 मरीज किया जाएगा।
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गैर कोविड मरीजों की परेशानी और संक्रमण दर की नियंत्रित स्थिति को ध्यान में रखकर ओपीडी की सुविधा पहले की तरह बहाल करने का निर्णय लिया गया है। अगर दो हफ्ते तक संक्रमण दर ऐसे ही नियंत्रित रही और संक्रमण से बचाव के मानकों का पालन करने में मरीजों का सहयोग मिला तो सुविधा को नियमित किया जाएगा।
-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक
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