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फॉलोअप के मरीजों को पीजीआई नहीं भेज रहा मैसेज, ओपीडी में आने पर लौटा रहे गार्ड

Mon, 02 Aug 2021 02:12 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 02:12 AM IST
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PGI is not sending messages to the follow-up patients, the guards are returning when they come to the OPD
चंडीगढ़। पीजीआई में गैर कोविड मरीजों के इलाज की जटिल व्यवस्था परेशानी का कारण बनता जा रहा है। ओपीडी में दिखाने के लिए पहले तो टेलीकंसल्टेशन के जरिए पंजीकरण करवाना पड़ रहा है। उसके बाद अगर डॉक्टर ने देख लिया तो इलाज शुरू हो जा रहा है, लेकिन फॉलोअप मिलना संभव नहीं हो पा रहा। फॉलोअप के लिए ओपीडी में आने पर सुरक्षा गार्ड उन्हें लौटा दे रहे हैं। इसका कारण उन मरीजों के पास पीजीआई की तरफ से भेजा गया फॉलोअप क ा कोई मैसेज का न होना है। ऐसे में तमाम मिन्नतें करने के बावजूद उन्हें डॉक्टरों के पास नहीं जाने दिया जा रहा है। इसे लेकर मरीज काफी परेशान हैं।
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पीजीआई में ही अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग व्यवस्था लागू की गई है। एक तरफ न्यू ओपीडी के मरीजों को फॉलोअप पर आने की सूचना कॉल कर दे दी जा रही है। दूसरी तरफ एडवांस आईसेंटर में फॉलोअप के सभी मरीजों को तय दिन और तय समय पर आने का मैसेज भेजा जा रहा है। इसके अलावा सर्जरी, न्यूरो, स्त्री एवं प्रसूति रोग व एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में न्यू ओपीडी के मानकों को लागू किए बिना मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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क्या कहते हैं मरीज
मानक के नाम पर किया जा रहा परेशान.. क्या फोन पर हो सकता है इलाज
कोरोना के चलते पीजीआई ने डेढ़ साल से अन्य मरीजों का इलाज बंद कर रखा है, यह व्यवस्था समझ से परे है। अगर फोन पर इलाज हो सकता है तो फिर अस्पताल को खाली करअन्य कार्यों में उपयोग करना चाहिए। मानक केनाम पर केवल मरीजों को परेशान किया जा रहा है।
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-तरसीम मित्तल, सेक्टर 28
पहली बार इलाज हो भी गया तो फॉलोअप असंभव
एक तो महीनेभर कॉल करो तो पंजीकरण होता है। उसके बाद भी इलाज होने में 20 से 25 दिन लग जाते हैं। अगर पहली बार इलाज हो भी गया तो फॉलोअप होना असंभव है, क्योंकि गार्ड ओपीडी केअंदर जाने ही नहीं देते।
-शिवाकांत पाण्डेय, धनास
गरीब और जरूरतमंद के लिए पीजीआई में इलाज करवाना आसान नहीं
पीजीआई में इलाज करवाना आसान बात नहीं है। गरीब और जरूरतमंद के लिए नहीं, पीजीआई वीआईपी मरीजों के लिए बनाया गया है। तभी तो वहां इलाज करवाने के ऐसे-ऐसे मानक बनाए गए हैं कि उसे पूरा करते-करते गरीब मरीज तो दम तोड़ देगा। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
-गौरव सिंगला, 46
पीजीआई में इलाज करवाने का प्रयास करकेजब लोग हार जा रहे हैं तो न चाहते हुए निजी अस्पतालों में जा रहे हैं। पीजीआई में मानकों की अव्यवस्था अगर समय रहते दूर नहीं की गई तो वो दिन अब ज्यादा दूर नहीं जब इलाज केलिए मरीज विद्रोह करेंगे।

तेजिंन्दर सिंह, हल्लोमाजरा
कोट
न्यू ओपीडी के मरीजों को फॉलोअप मैसेज भेजना संभव नहीं, जल्द समाधान निकालेंगे
आई सेंटर में सिर्फ एक ही विभाग की ओपीडी संचालित होती है, इसलिए वहां के फॉलोअप के मरीजों को मैसेज दिया जाता है। जहां तक न्यू ओपीडी की बात है तो वहां कई विभागों के मरीजों को देखा जाता है। इसलिए फॉलोअप मैसेज भेजना संभव नहीं हो पाता। लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही कोई उपाय निकाला जाएगा।
-डॉ. नवीन पाण्डेय, पीजीआई ओपीडी प्रभारी
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