{"_id":"655e5c276e0d0ec281079863","slug":"pgi-injection-case-poisonous-injection-was-made-from-hit-spray-sanitizer-and-sleeping-pills-chandigarh-news-c-16-sml1026-289819-2023-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई इंजेक्शन मामला : हिट स्प्रे, सेनिटाइजर और नींद दवाई से बनाया था जहरीला इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजीआई इंजेक्शन मामला : हिट स्प्रे, सेनिटाइजर और नींद दवाई से बनाया था जहरीला इंजेक्शन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई के नेहरू अस्पताल में स्टाफकर्मी बनकर आरोपी जसप्रीत कौर ने मरीज हरमीत कौर को जो इंजेक्शन लगाया था उसे कॉकरोच मारने वाले स्प्रे, सैनिटाइजर और नींद की दवा से बनाया गया था। यह खुलासा आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। साथ ही यह बात सामने आई है कि जसप्रीत कौर को यह बोलकर इंजेक्शन लगाने के लिए भेजा गया था कि यह मल्टी-विटामिन का इंजेक्शन है। मामले में पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
बुधवार को पुलिस ने महिला मरीज हरमीत के भाई जसमीत सिंह, बूटा सिंह और मंदीप सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जसप्रीत कौर पहले से दो दिन के रिमांड पर है। रिमांड खत्म होने पर उसे वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। बुधवार को चारों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
राजपुरा निवासी भाई जसमीत सिंह अपनी बहन हरमीत के अंतरजातीय विवाह से नाराज था और उसकी हत्या करना चाहता था। इसके लिए जसमीत ने अपने रिश्तेदार बूटा सिंह के जरिए पेशेंट केयर/हेल्पर का काम करने वाले मंदीप सिंह से संपर्क किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के लिए करीब सात लाख रुपये में डील हुई हालांकि जसमीत ने कहा कि वह 10 लाख भी दे देगा लेकिन काम किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए।
विज्ञापन
मंदीप को ही जहरीले इंजेक्शन का प्रबंध करने को कहा गया और एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद उसने दो जहरीले इंजेक्शन तैयार किए, जिसे कॉकरोच मारने वाले स्प्रे, सैनिटाइजर और नींद की दवा मिलाकर बनाया गया था। इसके बाद मंदीप ने पशेंट केयर का काम करने वाली जसप्रीत कौर को इंजेक्शन लगाने के लिए जारी किया और यह बताया कि मरीज को मल्टी-विटामिन का इंजेक्शन लगाना है। इस काम के लिए जसप्रीत को 3,200 रुपये देने की बात कही और एक हजार रुपये पहले और बाकी रकम बाद में दी गई। इसके बाद 15 नवंबर को रात 11.05 बजे जसप्रीत ने पीजीआई कर्मी बनकर हरमीत को इंजेक्शन लगाया था।
जांच में यह भी पता चला है कि मरीज हरमीत कौर और उसका पति गुरविंदर एक ही गांव के हैं। पिछले वर्ष सितंबर में दोनों ने अंतरजातीय विवाह कर लिया था। इससे हरमीत का परिवार नाराज था और उसे कभी गांव न आने के लिए कहा था। गांव में इस मामले पर पंचायत भी बैठी थी। इसके बावजूद हरमीत अपने पति के साथ एक बार गांव आ गई और मायके भी चली गई थी, जिससे उसका भाई जसमीत तैश में आ गया था। वह लगातार गुरविंदर और अपनी बहन को धमकी दे रहा था।
विज्ञापन
बुधवार को पुलिस ने महिला मरीज हरमीत के भाई जसमीत सिंह, बूटा सिंह और मंदीप सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जसप्रीत कौर पहले से दो दिन के रिमांड पर है। रिमांड खत्म होने पर उसे वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा। बुधवार को चारों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई।
विज्ञापन
राजपुरा निवासी भाई जसमीत सिंह अपनी बहन हरमीत के अंतरजातीय विवाह से नाराज था और उसकी हत्या करना चाहता था। इसके लिए जसमीत ने अपने रिश्तेदार बूटा सिंह के जरिए पेशेंट केयर/हेल्पर का काम करने वाले मंदीप सिंह से संपर्क किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या के लिए करीब सात लाख रुपये में डील हुई हालांकि जसमीत ने कहा कि वह 10 लाख भी दे देगा लेकिन काम किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए।
विज्ञापन
मंदीप को ही जहरीले इंजेक्शन का प्रबंध करने को कहा गया और एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद उसने दो जहरीले इंजेक्शन तैयार किए, जिसे कॉकरोच मारने वाले स्प्रे, सैनिटाइजर और नींद की दवा मिलाकर बनाया गया था। इसके बाद मंदीप ने पशेंट केयर का काम करने वाली जसप्रीत कौर को इंजेक्शन लगाने के लिए जारी किया और यह बताया कि मरीज को मल्टी-विटामिन का इंजेक्शन लगाना है। इस काम के लिए जसप्रीत को 3,200 रुपये देने की बात कही और एक हजार रुपये पहले और बाकी रकम बाद में दी गई। इसके बाद 15 नवंबर को रात 11.05 बजे जसप्रीत ने पीजीआई कर्मी बनकर हरमीत को इंजेक्शन लगाया था।
जांच में यह भी पता चला है कि मरीज हरमीत कौर और उसका पति गुरविंदर एक ही गांव के हैं। पिछले वर्ष सितंबर में दोनों ने अंतरजातीय विवाह कर लिया था। इससे हरमीत का परिवार नाराज था और उसे कभी गांव न आने के लिए कहा था। गांव में इस मामले पर पंचायत भी बैठी थी। इसके बावजूद हरमीत अपने पति के साथ एक बार गांव आ गई और मायके भी चली गई थी, जिससे उसका भाई जसमीत तैश में आ गया था। वह लगातार गुरविंदर और अपनी बहन को धमकी दे रहा था।