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Chandigarh News: अंगदान में पीजीआई को मिला सर्वश्रेष्ठ रोटो का राष्ट्रीय पुरस्कार
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चंडीगढ़। अंगदान में पीजीआई ने सर्वश्रेष्ठ रोटो का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। पीजीआई के रीजनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन रोटो को अंगदान के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए उत्तर भारत का बेस्ट रोटो पुरस्कार प्रदान किया गया है। शव के अंगदान को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान के लिए पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल व उनकी टीम को यह सम्मान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शनिवार को प्रदान किया।
नई दिल्ली में डॉ. बीआर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में 14वें भारतीय अंगदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस उपलब्धि पर पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल का कहना है कि मृतक के अंगदान को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाना बहुत सम्मान की बात है। रोटो नॉर्थ ने निरंतर जागरूकता अभियानों के माध्यम से अंग दान के लिए अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिससे मृतक दान कार्यक्रम को काफी बढ़ावा मिला है। वहीं, प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी बहादुर दाता परिवारों को समर्पित है, जिनके प्रियजनों के अंगों को दान करने का उदार भाव हमारे कार्यक्रम की सफलता में सहायक रहा है। कार्यक्रम में डीडीए पंकज राय भी मौजूद रहे।
जारी है पुरस्कार का सिलसिला
यह दूसरी बार है जब मृतक अंगदान कार्यक्रम में योगदान के लिए रोटो पीजीआई को सर्वश्रेष्ठ रोटो का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। पीजीआई ने इससे पहले वर्ष 2015-16, 2016-17, 2018-19 और 2019-20 के लिए मृतक दान के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल श्रेणी में चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। मृतक दानकर्ताओं की सबसे अधिक संख्या वाला 2022-2023 यूटी होने का नव स्थापित पुरस्कार भी जीत चुका है।
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अंगदाता परिवार को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम में दानकर्ता हर्ष पंवार के माता-पिता संजय कुमार और राजो देवी तथा दानकर्ता साहिल के माता-पिता मनोज और राज रानी का सम्मान हुआ। अपने प्रियजनों के अंगदान करने के उनके साहसी निर्णय को दर्शकों ने खड़े होकर सराहा जिससे हृदय, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय और कॉर्निया के प्रत्यारोपण के माध्यम से आठ लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त पीजीआई के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले किडनी प्राप्तकर्ता सुखदेव कुमार को भी सम्मानित किया गया।
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नई दिल्ली में डॉ. बीआर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में 14वें भारतीय अंगदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. विनोद के. पॉल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस उपलब्धि पर पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल का कहना है कि मृतक के अंगदान को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाना बहुत सम्मान की बात है। रोटो नॉर्थ ने निरंतर जागरूकता अभियानों के माध्यम से अंग दान के लिए अनुकूल माहौल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है जिससे मृतक दान कार्यक्रम को काफी बढ़ावा मिला है। वहीं, प्रो. विपिन कौशल ने कहा कि यह पुरस्कार उन सभी बहादुर दाता परिवारों को समर्पित है, जिनके प्रियजनों के अंगों को दान करने का उदार भाव हमारे कार्यक्रम की सफलता में सहायक रहा है। कार्यक्रम में डीडीए पंकज राय भी मौजूद रहे।
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जारी है पुरस्कार का सिलसिला
यह दूसरी बार है जब मृतक अंगदान कार्यक्रम में योगदान के लिए रोटो पीजीआई को सर्वश्रेष्ठ रोटो का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। पीजीआई ने इससे पहले वर्ष 2015-16, 2016-17, 2018-19 और 2019-20 के लिए मृतक दान के लिए सर्वश्रेष्ठ अस्पताल श्रेणी में चार राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। मृतक दानकर्ताओं की सबसे अधिक संख्या वाला 2022-2023 यूटी होने का नव स्थापित पुरस्कार भी जीत चुका है।
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अंगदाता परिवार को भी मिला सम्मान
कार्यक्रम में दानकर्ता हर्ष पंवार के माता-पिता संजय कुमार और राजो देवी तथा दानकर्ता साहिल के माता-पिता मनोज और राज रानी का सम्मान हुआ। अपने प्रियजनों के अंगदान करने के उनके साहसी निर्णय को दर्शकों ने खड़े होकर सराहा जिससे हृदय, यकृत, गुर्दे, अग्न्याशय और कॉर्निया के प्रत्यारोपण के माध्यम से आठ लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ा। इसके अतिरिक्त पीजीआई के सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले किडनी प्राप्तकर्ता सुखदेव कुमार को भी सम्मानित किया गया।