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Chandigarh News: पीजीआई के डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी को बनाया आसान, बचाई 16 साल के मरीज की जान

Wed, 07 Aug 2024 04:51 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2024 04:51 AM IST
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PGI doctors made complex surgery easy, saved the life of a 16 year old patient.
चंडीगढ़। पहली बार पूरी खोपड़ी खोले बिना पीनियल ग्रंथि के 4.6 सेंटीमीटर के ट्यूमर की सफल सर्जरी कर पीजीआई के डॉक्टरों ने मरीज की जान बचा ली। दावा है कि इस तरह की सर्जरी विश्व में पहली बार हुई है क्योंकि पीनियल ग्रंथि मस्तिष्क के ठीक बीच में होती है।
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अब तक पीनियल ग्रंथि के ट्यूमर को हटाने के लिए पूरी खोपड़ी खोलनी पड़ती थी, जिसमें कई तरह के खतरे बढ़ जाते थे लेकिन पीजीआई ने इन खतरों को कम करते हुए पीनियल ग्रंथि से सफलतापूर्वक पूरे ट्यूमर को बाहर निकाल लिया। इसका प्रकाशन अंतरराष्ट्रीय जरनल में वर्ल्ड न्यूरो सर्जरी में किया गया है। पीजीआई के न्यूरो सर्जन प्रो. एसएस ढांडापानी और डॉ. चंद्रशेखर ने इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। एक्सोस्कोप और एंडोस्कोप का उपयोग कर मिनिमली इनवेसिव तकनीक से बहुत कम चीरा लगाए बिना सर्जरी की गई।
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प्रो. एसएस ढांडापानी ने बताया कि पीनियल ग्रंथि के ट्यूमर की सर्जरी में उस स्थान तक पहुंचने के लिए मस्तिष्क के बीच का पूरा रास्ता खाली करना पड़ता है। यह काफी जोखिम भरा काम है। किसी खतरे से बचने के लिए एक्सोस्कोप और एंडोस्कोप का उपयोग किया गया। सबसे पहले 4.6 सेमी के ट्यूमर तक पहुंचकर उसका कुछ भाग हटाया गया। यह सर्जरी इसलिए खतरनाक मानी जाती है क्योंकि यह ट्यूमर मस्तिष्क की महत्वपूर्ण गहरी नसों में चिपक जाता है। ऐसे विशाल ट्यूमर तक पहुंचने के लिए खोपड़ी को व्यापक रूप से खोलने और मस्तिष्क को पीछे खींचने की आवश्यकता होती है, जिसके परिणामस्वरूप जटिलताओं का खतरा अधिक हो सकता है।
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तकनीक को बनाया हथियार
प्रो. ढांडापानी ने बताया कि 16 साल के मरीज में ट्यूमर को हटाने के लिए कीहोल क्रैनियोटॉमी के माध्यम से 3डी एक्सोस्कोप, एंगल्ड एंडोस्कोप और नेविगेशन के संयोजन का उपयोग किया गया। 3डी एक्सोस्कोप पारंपरिक सूक्ष्मदर्शी सर्जरी की तुलना में बेहतर फोकस प्रदान करता है। इसकी मदद से कम स्थान में होने के बावजूद ट्यूमर को आसानी से निकाला जा सका। प्रो. ढांडापानी के नेतृत्व वाली टीम ने इससे पहले वर्ष 2020 में पीनियल ग्रंथि क्षेत्र के लिए एंगल्ड एंडोस्कोप और वर्ष 2022 में पीनियल ट्यूमर की सुरक्षित बायोप्सी के लिए एक और नवीन एंडोस्कोपिक तकनीक का प्रयोग किया था।

अब तक 20 मरीजों की सफल सर्जरी
प्रो. ढांडापानी ने बताया कि यह सर्जरी 9 महीने पहले की गई थी और मरीज का लगातार फॉलोअप किया जा रहा है। वह पूरी तरह ठीक है। इसी क्रम में अब तक ऐसे 20 मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी की जा चुकी है। इन मरीजों के सर्जरी में कोई अतिरिक्त लागत नहीं आई है क्योंकि केवल संस्थान के मौजूदा गैजेट का ही उपयोग किया गया है।
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