{"_id":"571109834f1c1bd3024a6c2d","slug":"pgi-chandigarh-pgi-new-opd-suffer-heat-in-pgi-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई की न्यू ओपीडी में इस सीजन में भी झेलनी पड़ेगी गर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीजीआई की न्यू ओपीडी में इस सीजन में भी झेलनी पड़ेगी गर्मी
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:53 AM IST
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई की न्यू ओपीडी में मरीजों व डॉक्टरों को इस सीजन में भी गर्मी झेलनी पड़ सकती है, क्योंकि एयरकंडीशनर लगने में अभी देरी है। जानकारों का कहना है कि इस गर्मी के सीजन में एसी लगना मुश्किल है।
अभी टेंडर अंडर प्रासेस है। टेंडर अलॉट होने पर और काम शुरू होने में कम से कम दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। पीजीआई में एयरकंडीशनर की जरूरत भी अगले तीन महीने मई, जून और जुलाई में ही पड़ती है और तब तक एयरकंडीशनर का काम पूरा हो पाना मुश्किल है।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस सीजन एसी की व्यवस्था नहीं हुई तो यह पीजीआई प्रशासन की नकामी है। पिछले कई वर्षों से यह मुद्दा चला आ रहा है। गर्मी के बाद काम की शुरुआत कर देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब काम में लेटलतीफी का नतीजा डॉक्टर व मरीज दोनों ही भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
न्यू ओपीडी में 15 हजार लोगों की मौजूदगी एकसाथ
पीजीआई की न्यू ओपीडी में अगर वीकेंड को छोड़ दिया जाए तो हर दिन दस हजार मरीजों की ओपीडी होती है। स्टाफ कर्मचारियों, डॉक्टरों और परिजनों को मिलाकर करीब 15 हजार लोगों की एक साथ मौजूदगी रहती है।
ऐसे में मई-जून में न्यू ओपीडी में बैठना हर किसी के लिए मुश्किल हो जाता है। पंखे व कूलिंग काम करना बंद कर देते हैं। जो मरीज बीमार होते हैं, उनकी हालत और खराब हो जाती है। डॉक्टर भी परेशान रहते हैं। खासकर उन ओपीडी के डाक्टर, जिस ओपीडी में जमकर भीड़ उमड़ती है।
डॉक्टरों ने दिया था धरना
एयरकंडीशनर की मांग पर पीजीआई की फैकल्टी एसोसिएशन ने पिछले साल कई बार प्रदर्शन किया। डायरेक्टर दफ्तर के बाहर धरने तक दिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने कहा था कि यह काम जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन पीजीआई प्रशासन की तैयारियों से लगता है कि अभी इस काम में और वक्त लगेगा।
कोट
पिछले एक महीने से बाहर हूं। इस बारे में अपेडट नहीं हो पाए। चंडीगढ़ पहुंचने पर इस प्रोजेक्ट के स्टेटस के बारे में पता करेंगे।
-टीडी यादव, प्रेसिडेंट पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन
विज्ञापन
अभी टेंडर अंडर प्रासेस है। टेंडर अलॉट होने पर और काम शुरू होने में कम से कम दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। पीजीआई में एयरकंडीशनर की जरूरत भी अगले तीन महीने मई, जून और जुलाई में ही पड़ती है और तब तक एयरकंडीशनर का काम पूरा हो पाना मुश्किल है।
विज्ञापन
डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस सीजन एसी की व्यवस्था नहीं हुई तो यह पीजीआई प्रशासन की नकामी है। पिछले कई वर्षों से यह मुद्दा चला आ रहा है। गर्मी के बाद काम की शुरुआत कर देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब काम में लेटलतीफी का नतीजा डॉक्टर व मरीज दोनों ही भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
न्यू ओपीडी में 15 हजार लोगों की मौजूदगी एकसाथ
पीजीआई की न्यू ओपीडी में अगर वीकेंड को छोड़ दिया जाए तो हर दिन दस हजार मरीजों की ओपीडी होती है। स्टाफ कर्मचारियों, डॉक्टरों और परिजनों को मिलाकर करीब 15 हजार लोगों की एक साथ मौजूदगी रहती है।
ऐसे में मई-जून में न्यू ओपीडी में बैठना हर किसी के लिए मुश्किल हो जाता है। पंखे व कूलिंग काम करना बंद कर देते हैं। जो मरीज बीमार होते हैं, उनकी हालत और खराब हो जाती है। डॉक्टर भी परेशान रहते हैं। खासकर उन ओपीडी के डाक्टर, जिस ओपीडी में जमकर भीड़ उमड़ती है।
डॉक्टरों ने दिया था धरना
एयरकंडीशनर की मांग पर पीजीआई की फैकल्टी एसोसिएशन ने पिछले साल कई बार प्रदर्शन किया। डायरेक्टर दफ्तर के बाहर धरने तक दिए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।
इसके बाद पीजीआई प्रशासन ने कहा था कि यह काम जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन पीजीआई प्रशासन की तैयारियों से लगता है कि अभी इस काम में और वक्त लगेगा।
कोट
पिछले एक महीने से बाहर हूं। इस बारे में अपेडट नहीं हो पाए। चंडीगढ़ पहुंचने पर इस प्रोजेक्ट के स्टेटस के बारे में पता करेंगे।
-टीडी यादव, प्रेसिडेंट पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन