'मरे कुत्ते की रिपोर्ट दिखाओ, फिर होगा बच्चे का इलाज'
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कुत्ते के काटे जाने पर गंभीर घायल हुए बच्चे को जब पीजीआई में लाया गया तो वहां के डाक्टरों की बात सुन वो सन्न रह गए। डाक्टरों ने कहा कि बच्चे का इलाज कराना है तो पहले मरे कुत्ते की रिपोर्ट दिखाओ। अब बच्चे के परिजन कुत्ते का शव उठाकर रिपोर्ट बनवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
मामला, यमुनानगर के रादौर कस्बे का है। यहां गांव खुर्दबन में एक कुत्ते ने चार वर्षीय बालक के मुंह को बुरी तरह नोंच खाया। कुत्ते के हमले से बालक बुरी तरह लहूलुहान हो गया। बच्चे को छुड़ाने के चक्कर में गांववालों ने कुत्ते को पीट पीटकर मार डाला।
गंभीर रूप से घायल बालक को सरकारी अस्पताल रादौर ले जाया गया जहां बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। बच्चे को काटने के बाद कुत्ते की भी कुछ घंटे के बाद मौत हो गई।
चार साल के बच्चे को कुत्ते ने काट लिया था
पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल बच्चे का डॉक्टरों ने यह कहकर इलाज करने से मना कर दिया कि पहले मरे हुए कुत्ते के शरीर में मौजूद रेबिज की मात्रा की जांच करवाकर रिपोर्ट उन्हें दिखाई जाए।
इसके बाद से गांव खुर्दबन का प्रभावित परिवार मरे हुए कुत्ते को लेकर दो दिन से जठलाना के पशु अस्पताल में घूम रहा है। डॉक्टरों ने मरे हुए कुत्ते की जांच न होने की बात कहकर उन्हें अस्पताल से वापस भेज दिया। अस्पताल से मरे हुए कुत्ते को थर्मोकोल के एक बड़े बॉक्स में बर्फ में डालकर उसकी पैकिंग कर प्रभावित परिवार को सौंप दिया।
जठलाना पशु अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें बताया कि मरे हुए पशु की प्रयोगशाला कसौली में है वहीं ले जाकर कु त्ते की जांच प्रयोगशाला में करवाई जा सक ती है।
इस पर प्रभावित परिवार के सदस्य अनिल कुमार, संदीप व भूषण ने कहा कि कसौली जाकर कुत्ते की प्रयोगशाला में जांच नहीं करवा सकते जिसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और मरे हुए कुत्ते की जांच पशु पालन विभाग द्वारा करवाए जाने की मांग की। इसके बाद पशु पालन विभाग के कर्मचारी मरे हुए कुत्ते को लेकर कसौली प्रयोगशाला के लिए रवाना हुए।