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पीजीआई देगा मृतकों के आश्रितों को नौकरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 28 Jan 2014 09:58 AM IST
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पीजीआई के इतिहास में पहली बार एक साथ 38 मृतकों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का फैसला लिया गया है।
पीजीआई इंप्लाइज यूनियन की अगुवाई में ये लोग करीब चार से पांच साल से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे थे। यूनियन की ओर से लगातार पीजीआई प्रशासन को चिट्ठियां भेजी जा रही थीं।
बताया जा रहा है कि सभी के आफर लेटर तैयार किए जा रहे हैं। तीन से चार दिन के भीतर आश्रितों को आफर लेटर भी मिल जाएंगे।
आश्रितों की मांगे पूरी होने पर यूनियन के चेयरमैन अश्विनी मुंजाल ने पीजीआई के डायरेक्टर का आभार जताया है। पीजीआई में साल 2008 से किसी भी आश्रितों को नौकरी नहीं दी गई थी।
इससे कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यूनियन ने पिछले साल पीजीआई की गोल्डन जुबली पर आश्रितों को नौकरी देने के लिए गुहार लगाई थी। पहले आश्रितों को नौकरी देने के लिए नियम काफी कठिन थे।
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यूनियन ने पीजीआई की कमेटी को एक सुझाव भेजा, जिसे पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर योगेश चावला ने स्वीकार कर लिया।
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पीजीआई इंप्लाइज यूनियन की अगुवाई में ये लोग करीब चार से पांच साल से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे थे। यूनियन की ओर से लगातार पीजीआई प्रशासन को चिट्ठियां भेजी जा रही थीं।
बताया जा रहा है कि सभी के आफर लेटर तैयार किए जा रहे हैं। तीन से चार दिन के भीतर आश्रितों को आफर लेटर भी मिल जाएंगे।
आश्रितों की मांगे पूरी होने पर यूनियन के चेयरमैन अश्विनी मुंजाल ने पीजीआई के डायरेक्टर का आभार जताया है। पीजीआई में साल 2008 से किसी भी आश्रितों को नौकरी नहीं दी गई थी।
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इससे कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। यूनियन ने पिछले साल पीजीआई की गोल्डन जुबली पर आश्रितों को नौकरी देने के लिए गुहार लगाई थी। पहले आश्रितों को नौकरी देने के लिए नियम काफी कठिन थे।
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यूनियन ने पीजीआई की कमेटी को एक सुझाव भेजा, जिसे पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर योगेश चावला ने स्वीकार कर लिया।