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कच्चे तेल की कीमत कम, पिछले दो महीने से फिर क्यों रोज बढ़ रहे हैं दाम?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:26 AM IST
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petrol pump
- फोटो : File Photo
देखते ही देखते पेट्रोल का दाम 70 रुपये प्रति लीटर हो गया और लोगों को पता तक नहीं चला। रोजाना अपडेट किए जा रहे पेट्रोल डीजल के दामों के कारण ऐसा हुआ है। शुक्रवार को 30 पैसे की बढ़ोतरी के साथ यूटी में पेट्रोल का दाम 70.03 रुपये हो गया है। जबकि 20 पैसे की बढ़ोतरी डीजल में हुई और दाम 58.60 रुपये प्रति लीटर हो गया। हैरानी की बात तो यह है कि कच्चे तेल की कीमतें बेहद कम हैं। ऐसे में पेट्रोल डीजल के दाम घटने चाहिए थे।
जानकारों का कहना है कि मुताबिक चार साल पहले जब पेट्रोल केदाम 70 रुपये केपार हुए थे, तब कच्चे तेल की कीमत 120 रुपये लीटर के आस-पास थी, जबकि अब यह कीमत 50 से 52 रुपये है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोज बदलाव होने के बाद ज्यादातर लोगों का ध्यान इस ओर नहीं गया और नतीजा यह हुआ कि जुलाई से अब तक तेल कंपनियां पेट्रोल का दाम 6.60 रुपये और डीजल के दाम 4.06 रुपये तक बढ़ा चुकी हैं। पहले सभी सरकारी कंपनियां हर पखवाड़े में कीमतों में बदलाव करती थीं। जिससे उनको अंतरराष्ट्रीय दाम के अनुसार किया जा सके और करेंसी में उतार-चढ़ाव के अनुसार समायोजन हो सके। 16 जून से तेल कंपनियों ने अपनी कीमतों में रोज बदलाव शुरू किया।
बाइक वालों के लिए नहीं कोई चारा
पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की मार सबसे ज्यादा बाइक वाले उपभोक्ता पर पड़ती है। क्योंकि बाइक में पेट्रोल केअलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। जो बाइक चालक 60 रुपये लीटर पर भी 100 रुपये का तेल लेता था, वह 70 रुपये दाम होने के बाद भी 100 रुपये का ही तेल लेता है। फर्क पड़ रहा है तेल की मात्रा पर, जो हर दिन कम हो रही है।
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जानकारों का कहना है कि मुताबिक चार साल पहले जब पेट्रोल केदाम 70 रुपये केपार हुए थे, तब कच्चे तेल की कीमत 120 रुपये लीटर के आस-पास थी, जबकि अब यह कीमत 50 से 52 रुपये है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोज बदलाव होने के बाद ज्यादातर लोगों का ध्यान इस ओर नहीं गया और नतीजा यह हुआ कि जुलाई से अब तक तेल कंपनियां पेट्रोल का दाम 6.60 रुपये और डीजल के दाम 4.06 रुपये तक बढ़ा चुकी हैं। पहले सभी सरकारी कंपनियां हर पखवाड़े में कीमतों में बदलाव करती थीं। जिससे उनको अंतरराष्ट्रीय दाम के अनुसार किया जा सके और करेंसी में उतार-चढ़ाव के अनुसार समायोजन हो सके। 16 जून से तेल कंपनियों ने अपनी कीमतों में रोज बदलाव शुरू किया।
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बाइक वालों के लिए नहीं कोई चारा
पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की मार सबसे ज्यादा बाइक वाले उपभोक्ता पर पड़ती है। क्योंकि बाइक में पेट्रोल केअलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। जो बाइक चालक 60 रुपये लीटर पर भी 100 रुपये का तेल लेता था, वह 70 रुपये दाम होने के बाद भी 100 रुपये का ही तेल लेता है। फर्क पड़ रहा है तेल की मात्रा पर, जो हर दिन कम हो रही है।
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मंत्री जी का तर्क भी पढ़िए
petrol
क्या कहते हैं लोग
1. कच्चे तेल के दाम जब कम हैं तो ऐसे में सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करनी चाहिए, लेकिन इसकेउलट किया जा रहा है। महंगाई कम होने के सरकार केदावे गलत हैं।
अजीत सिंह, व्यापारी
2. जो उम्मीदें थी, उस पर सरकार खरी नहीं उतरी। रोजाना दाम बढ़ रहे हैं। उपभोक्ता इससे परेशान हो रहा है।
प्रभाष पोद्दार, आयकर सलाहकार
दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता का बजट उतना ही है। इतने दाम करीब चार साल पहले थे, जब कच्चा तेल भी काफी महंगा था। अब कच्चे तेल का दाम कम हैं।
अमनप्रीत सिंह, महासचिव, चंडीगढ़ पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन
मंत्री जी का तर्क भी पढ़िए
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि पहले अचानक ही कभी दो, कभी चार तो कभी छह से आठ रुपये दाम बढ़ जाते थे। इससे उपभोक्ता का बजट गड़बड़ा जाता था। अब ऐसा नहीं है। बाजार के हिसाब से रोजाना दाम घटते बढ़ते हैं। ऐसे में बढ़ोतरी मामूली होती है जबकि दाम यदि घटते हैं तो इसका फायदा उपभोक्ता को तुरंत दिया जाता है। इसके लिए उपभोक्ता को इंतजार नहीं करना पड़ता।
1. कच्चे तेल के दाम जब कम हैं तो ऐसे में सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करनी चाहिए, लेकिन इसकेउलट किया जा रहा है। महंगाई कम होने के सरकार केदावे गलत हैं।
अजीत सिंह, व्यापारी
2. जो उम्मीदें थी, उस पर सरकार खरी नहीं उतरी। रोजाना दाम बढ़ रहे हैं। उपभोक्ता इससे परेशान हो रहा है।
प्रभाष पोद्दार, आयकर सलाहकार
दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन उपभोक्ता का बजट उतना ही है। इतने दाम करीब चार साल पहले थे, जब कच्चा तेल भी काफी महंगा था। अब कच्चे तेल का दाम कम हैं।
अमनप्रीत सिंह, महासचिव, चंडीगढ़ पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन
मंत्री जी का तर्क भी पढ़िए
मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि पहले अचानक ही कभी दो, कभी चार तो कभी छह से आठ रुपये दाम बढ़ जाते थे। इससे उपभोक्ता का बजट गड़बड़ा जाता था। अब ऐसा नहीं है। बाजार के हिसाब से रोजाना दाम घटते बढ़ते हैं। ऐसे में बढ़ोतरी मामूली होती है जबकि दाम यदि घटते हैं तो इसका फायदा उपभोक्ता को तुरंत दिया जाता है। इसके लिए उपभोक्ता को इंतजार नहीं करना पड़ता।
ऐसे बदलते रहे पेट्रोल के दाम
petrol pump
ऐसे बदलते रहे दाम
पेट्रोल
4 जुलाई 63.25
1 अगस्त 65.54
30 अगस्त 69.26
1 सितंबर 69.40
2 सितंबर 69.56
3 सितंबर 69.69
4 सितंबर 69.80
5 सितंबर 69.85
9 सितंबर 70.03
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1 अगस्त 65.54
30 अगस्त 69.26
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3 सितंबर 69.69
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5 सितंबर 69.85
9 सितंबर 70.03
ऐसे बदलते रहे डीजल के दाम
Petrol
डीजल
4 जुलाई 54.21
1 अगस्त 56.36
12 अगस्त 57.95
30 अगस्त 57.82
1 सितंबर 57.94
5 सितंबर 58.27
9 सितंबर 58.60
4 जुलाई 54.21
1 अगस्त 56.36
12 अगस्त 57.95
30 अगस्त 57.82
1 सितंबर 57.94
5 सितंबर 58.27
9 सितंबर 58.60