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महिला पुलिसकर्मियों को सुविधाएं नहीं देने पर याचिका दायर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 Mar 2016 12:50 AM IST
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महिला पुलिस
- फोटो : file photo
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चंडीगढ़ पुलिस के सिपाही जगजीत सिंह ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर कहा है कि चंडीगढ़ में सेक्सुअल हरासमेंट ऑफ वुमेन ऐट वर्क प्लेस एक्ट का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा। महिला पुलिसकर्मियों को शोषण का शिकार होना पड़ रहा है।
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एडवोकेट बीएस मक्कड़ के माध्यम से दायर याचिका में जगजीत ने कहा है कि थानों में अलग शौचालयों की कमी है। इससे महिला पुलिसकर्मी और महिला बंदियों को परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर अस्तित्व में आए पांच नए थानों में अभी तक महिला हेल्प डेस्क नहीं है और शौचालय का भी अलग प्रबंध नहीं है। दूसरा तथ्य उजागर किया गया है कि महिला पुलिसकर्मियों को रात में ड्यूटी देनी पड़ती है और ऐसे में उन्हें देर रात छुट्टी कर अपने वाहनों में जाना पड़ता है। दिन के समय ट्रैफिक ड्यूटी दे रही महिला पुलिसकर्मियों को भी परेशानी होती है।
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इसके अलावा कहा गया है कि कैदियों को लाने ले जाने में भी महिला पुलिस कर्मियों को सेक्सुअल हरासमेंट होती है। कैदी गाड़ी में गालियां बकते आते हैं और महिला पुलिस क र्मियों को यह सब कुछ झेलना पड़ता है।
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दलील दी गई है कि उपरोक्त एक्ट के तहत किसी नियोक्ता को महिला स्टाफ के सेक्सुअल हरासमेंट की रोकथाम के लिए उचित व्यवस्था करनी जरूरी है, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस में इस एक्ट का मुकम्मल पालन नहीं हो पा रहा। याचिका में मांग की गई है कि एक्ट के प्रावधानों का सही पालन सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन और पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।