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हाईकोर्ट पहुंचा मेवात गैंगरेप केस, याचिका दायर, पुलिस जांच पर सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 12 Sep 2016 09:52 PM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा मेवात गैंगरेप केस
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मेवात के डिंगरहेड़ी गांव में गैंगरेप और दंपति की हत्या का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका पर कल बुधवार को सुनवाई होगी। मेवात के एक वकील ने याचिका दायर कर पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
याचिका में मेवात पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता के वकील मोहम्मद अरशद ने बताया कि बीते 25 अगस्त को कुछ लोग जबरन एक घर में घुसे और सो रहे लोगों से मारपीट कर उन्हें बांध दिया।
इसके बाद घर में मौजूद महिलाओं के साथ उन्होंने दुराचार किया। बाद में घर में लूटपाट कर फरार हो गए। जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए, लेकिन आरोपियों को पकड़ने की कोशिश नहीं की गई।
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याचिका में मेवात पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया गया है। याचिकाकर्ता के वकील मोहम्मद अरशद ने बताया कि बीते 25 अगस्त को कुछ लोग जबरन एक घर में घुसे और सो रहे लोगों से मारपीट कर उन्हें बांध दिया।
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इसके बाद घर में मौजूद महिलाओं के साथ उन्होंने दुराचार किया। बाद में घर में लूटपाट कर फरार हो गए। जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने पीड़ितों के बयान भी दर्ज किए, लेकिन आरोपियों को पकड़ने की कोशिश नहीं की गई।
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एसआईटी गठित की गई, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी
जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
यह मामला मीडिया में आने पर सरकार ने एसआईटी का गठन कर दिया, लेकिन अब तक जांच का काम आगे नहीं बढ़ा है। याचिका में कहा गया है कि इस मामले पर 36 बिरादरी ने महापंचायत भी बुलाई गई, जिसमें पीड़ितों को 50 लाख रुपये मुआवजा और नौकरी देने की मांग की गई।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। याचिका में आगे कहा गया है कि इस वारदात में एक वर्ग विशेष के लोग शामिल हैं, जिस वर्ग से स्थानीय सांसद भी हैं।
इसलिए इस मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। याचिका में अपील की गई है कि इस मामले में जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई को सौंपी जाए और दोषी नेताओं और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की गई, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। याचिका में आगे कहा गया है कि इस वारदात में एक वर्ग विशेष के लोग शामिल हैं, जिस वर्ग से स्थानीय सांसद भी हैं।
इसलिए इस मामले में आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। याचिका में अपील की गई है कि इस मामले में जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई को सौंपी जाए और दोषी नेताओं और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।