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पाकिस्तान से आयात पर 200 प्रतिशत ड्यूटी बढ़ाने को हाईकोर्ट में चुनौती, केंद्र सरकार को नोटिस
Wed, 22 May 2019 12:04 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 22 May 2019 12:04 PM IST
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फाइल फोटो
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पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान से सामान आयात करने पर बढ़ाई गई 200 प्रतिशत ड्यूटी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट सौरभ कपूर के माध्यम से पाकिस्तान से सामान आयात करने वाली कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पाकिस्तान से सामान आयात करने पर बढ़ाई गई 200 प्रतिशत ड्यूटी की नोटिफिकेशन को चुनौती दी है।
याची ने कहा कि वह पाकिस्तान से पिछले तीन दशकों से सामान मंगवा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान से आयात किए जाने वाले सामान का पहले ही 16 फरवरी को कस्टम्स से क्लीयरेंस ले लिया था। उनका सामान 25 लाख 60 हजार मूल्य का था, जिस पर कस्टम डियूटी और आईजीएसटी मिला कर उनसे 6 लाख 27 हजार रूपए की डियूटी तय कर इसे भरे जाने के लिए कहा गया था। बाद में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर पाकिस्तान से आयात किये जाने वाले सामान पर 200 प्रतिशत डियूटी लगा उन्हें 79 लाख 27 हजार रुपये का भुगतान करने को कहा गया।
याचिकाकर्ता कम्पनी ने जब यह ड्यूटी नहीं भरी तो उनका सामान जब्त कर उसकी नीलामी करवाने के आदेश जारी कर दिए। इसी के खिलाफ याचिकाकर्ता कम्पनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी है। हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि जब्त किए गए सामान की नीलामी जो 15 मई को करवाई जानी तय की गई थी, अब उसे स्थगित कर 27 मई कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने इस जानकारी की रिकॉर्ड में लेते हुए 22 मई को नोटिस का जवाब दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।
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याची ने कहा कि वह पाकिस्तान से पिछले तीन दशकों से सामान मंगवा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान से आयात किए जाने वाले सामान का पहले ही 16 फरवरी को कस्टम्स से क्लीयरेंस ले लिया था। उनका सामान 25 लाख 60 हजार मूल्य का था, जिस पर कस्टम डियूटी और आईजीएसटी मिला कर उनसे 6 लाख 27 हजार रूपए की डियूटी तय कर इसे भरे जाने के लिए कहा गया था। बाद में सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर पाकिस्तान से आयात किये जाने वाले सामान पर 200 प्रतिशत डियूटी लगा उन्हें 79 लाख 27 हजार रुपये का भुगतान करने को कहा गया।
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याचिकाकर्ता कम्पनी ने जब यह ड्यूटी नहीं भरी तो उनका सामान जब्त कर उसकी नीलामी करवाने के आदेश जारी कर दिए। इसी के खिलाफ याचिकाकर्ता कम्पनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे चुनौती दी है। हाईकोर्ट के नोटिस के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि जब्त किए गए सामान की नीलामी जो 15 मई को करवाई जानी तय की गई थी, अब उसे स्थगित कर 27 मई कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने इस जानकारी की रिकॉर्ड में लेते हुए 22 मई को नोटिस का जवाब दिए जाने के आदेश दे दिए हैं।
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