कठुआ दुष्कर्मः हाईकोर्ट में 5 आरोपियों की सजा के खिलाफ अपील एडमिट, जुर्माने पर लगी रोक
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देश को झकझोर देने वाले जम्मू-कश्मीर के कठुआ दुष्कर्म कांड के 5 आरोपियों की सजा के खिलाफ दाखिल अपील पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए एडमिट कर ली है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा इन पर लगाए गए जुर्माने पर भी रोक लगा दी है। हालांकि हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मामला बेहद गंभीर है और इसे लटकने नहीं दिया जाएगा।
हाईकोर्ट 5 जुलाई से इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा और जल्द से जल्द इसका फैसला सुना देगा। गौरतलब है कि पठानकोट की सेशन कोर्ट ने इस मामले के 7 में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था।
मामले के मुख्य साजिशकर्ता सांझी राम, परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी तो वहीं पुलिस अधिकारी सुरेंदर शर्मा, हेड कॉन्स्टेबल तिलक राज और एसआई आनंद दत्ता को पांच-पांच साल कैद की सजा दी गई थी।
इस सजा के खिलाफ कांस्टेबल तिलक राज पहले ही हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर चुका है जिसे हाईकोर्ट एडमिट कर चुका है। अब परवेश कुमार और पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया ने उम्रकैद की सजा को तथा पुलिस अधिकारी सुरेंदर शर्मा व एसआई आनंद दत्ता ने 5 साल की सजा को चुनौती दी है।
हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद उनकी अपील को सुनवाई के लिए एडमिट कर लिया है। इसके साथ ही सेशन कोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने की राशि पर भी रोक लगा दी है।
यह है मामला
गत वर्ष 10 जनवरी को कठुआ में 8 साल की बच्ची का अपहरण किया गया था और इसके बाद 17 जनवरी को उस बच्ची की लाश मिली थी। लाश क्षत-विक्षत स्थिति में मिली थी, जिसके चलते बहुत धरने और प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद पुलिस ने 15 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें बड़े खुलासे हुए थे।
मामले में विवाद बढ़ता देख इस केस को जम्मू-कश्मीर के बाहर पंजाब के पठानकोट में सुनवाई के लिए भेज दिया गया था। इसके बाद पठानकोट जिला अदालत ने आठ में से सात को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी।