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सिख कैदियों की रिहाई के लिए दायर याचिका वापस

Sat, 10 Jan 2015 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 10 Jan 2015 09:50 AM IST
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Petition Back for Releasing of Sikh Prisoners

पंजाब के सेवानिवृत्त आईएएस नरिंदर सिंह ने शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर देश भर की जेलों में सिख कैदियों की रिहाई की मांग की। लेकिन उनके वकील रंजन लखनपाल बेंच को याचिका के बारे में संतुष्ट नहीं कर पाए, लिहाजा याचिका वापस लेनी पड़ी।

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हालांकि हाईकोर्ट ने नए तथ्यों के साथ दोबारा याचिका दायर करने की उन्हें छूट जरूर दी है। याचिका में कहा गया था कि देश भर की जेलों में ऐसे अनेक सिख बंद हैं, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है। याचिका में आगे कहा गया कि आतंकवाद के दौरान अनेक सिखों को सजा हुई थी।
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चूंकि उम्र कैद 14 साल की होती है, फिर भी कई कैदी ऐसे हैं, जिन्हें जेलों में 25 साल से भी अधिक अरसा बीत चुका है। सजा पूरी होने के बावजूद इन्हें रिहा नहीं किया जा रहा, लिहाजा केंद्र सरकार सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की जेलों से रिहाई सुनिश्चित बनाए।
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हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से ऐसे कैदियों की सूची मांगी, जो सजा पूरी होने के बाद भी जेलों में बंद हैं। साथ ही अदालत ने उन जेलों का विवरण भी मांगा, जहां ऐसे कैदी बंद हैं। हाईकोर्ट ने पूछा कि जिनकी रिहाई की मांग की जा रही है, वह किस अपराध में लिप्त थे।


बेंच के प्रश्नों का एडवोकेट लखनपाल मौके पर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके और नए तथ्यों के साथ दोबारा याचिका दायर करने की छूट की मांग की। हाईकोर्ट ने यह छूट दे दी, जिसके बाद याचिका वापस ले ली गई।

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