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Chandigarh News: नर्सिंग अफसरों की कारगुजारी, नींद से जागे और बिना जांचे लिख दी रिपोर्ट

Thu, 06 Jul 2023 02:06 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jul 2023 02:06 AM IST
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Performance of nursing officers, woke up from sleep and wrote report without checking
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के दो नर्सिंग अफसरों की हैरान करने वाली कारगुजारी सामने आई है। अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज की हर दो घंटे पर शुगर जांच करने के मामले में उनकी चालाकी ने उन्हें ही फंसा दिया है। रात को नींद पूरी करने के चक्कर में ड्यूटी पर तैनात उन नर्सिंग अफसरों ने मरीज की भर्ती की फाइल में फर्जी रिपोर्ट दर्ज कर दी। यह मामला सामने आया तो अस्पताल में बवाल मच गया। बड़ी बात यह है कि जिस मरीज की फाइल में फर्जी रिपोर्ट लगा दी गई है वह प्रशासनिक अधिकारी जानकार है। अस्पताल प्रशासन ने ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग अफसरों से जवाब मांगा है। उनके स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है। इस जवाब के बाद आगे की कार्रवाई होगी। जानकारी के अनुसार अस्पताल की मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज की शुगर जांच हर दो-दो घंटे में होनी थी। उसके शुगर जांच रिपोर्ट की रीडिंग के आधार पर ही डॉक्टर उसके इलाज से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले थे लेकिन उस यूनिट में ड्यूटी पर तैनात दोनों नर्सिंग अफसरों ने अपने पेशे के आदर्श को ताक पर रखकर मनमानी की। जब तक नींद नहीं आई तब तक मरीज की रीडिंग ली। उसके बाद दोनों सो गए। सुबह नींद खुली तो आनन-फानन में बचे हुए कॉलम में मनमानी रीडिंग भर दी। अगली सुबह जब डॉक्टर आए तो उन्होंने मरीज के परिजनों को बताया कि स्थिति ठीक है। क्योंकि रीडिंग सामान्य आई है। यह सुनकर कहा किअभी तो 24 घंटे की रीडिंग पूरी ही नहीं हुई है। जिसके बाद यह मामला सामने आया और परिजनाें की शिकायत पर जांच शुरू हुई है।
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चतुराई से कई की चल रही नौकरी
इस तरह की चतुराई करके अपनी नौकरी चलाने वालों के बारे में अमर उजाला ने पहले भी खबरों के माध्यम से जानकारी दी थी। इसमें बताया गया था कि किस तरह से फर्जीवाड़ा कर नर्सिंग अफसर बनने वाले अभ्यर्थी अपनी ड्यूटी चला रहे हैं। रात में इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान ऐसे नर्सिंग अफसर ही तय चुनिंदा दवाएं देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर नींद फरमाते हैं। ऐसे में हर दो घंटे पर जांच कर रिपोर्ट लिखने की ड्यूटी में तय फार्मूला लागू न होने पर इस तरह से काम करने वालों की पोल खुल गई है।
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नर्सिंग अफसरों की नियुक्ति पर उठ चुका है सवाल
जीएमसीएच 32 में 28 अगस्त 2022 को नर्सिंग अफसरों के 182 पदों पर तैनाती के लिए परीक्षा ली गई थी। इसमें 10594 उम्मीदवार हुए शामिल थे। तीन चरणों में लिखित परीक्षा देने के बाद हुई नियुक्ति अभी जांच के घेरे में है। क्योंकि नियुक्ति में अब तक चार फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा जा चुका है। मामले को लेकर दो बार जांच कमेटी भी गठित हो चुकी है। ऐसे में अस्पताल के ही कर्मचारियों का कहना है कि फर्जी नर्सिंग अफसर बनने वालों की जड़ पुरानी है ये बिना जांच के रिपोर्ट लिखने वाले नर्सिंग अफसरों ने साबित कर दिया है।
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बिना जांच के मरीज की रिपोर्ट लिखने वाले मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले में संबंधित नर्सिंग अफसरों से जवाब मांगा गया है। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32


इस तरह की घटना निदंनीय है। इस मामले की जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए क्योंकि इससे न केवल एक मरीज के सेहत से खिलवाड़ होता है बल्कि मेडिकल प्रोफेशन पर भी सवाल उठने लगते हैं। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए ड्यूटी स्थल पर कड़ी मॉनिटरिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
-डॉ. विवेक मल्होत्रा, आईएमए सचिव

इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। क्योंकि नर्सिंग का पेशा एक बेहद गंभीर पेशा है।
मंजनीक कौर, अध्यक्ष पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन
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