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चंडीगढ़ में चिपको आंदोलन: पेड़ों से चिपक गए लोग... पहले लाल धागा बांधा, फिर गले लगाकर खड़े हो गए, Video

Wed, 05 Mar 2025 05:22 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 05 Mar 2025 05:22 PM IST
सार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पास सड़क चौड़ी करने और पार्किंग स्थल के निर्माण के लिए हाल ही में कई पेड़ों की कटाई की गई, जिससे लोगों में काफी रोष है।

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People started Chipko Andolan to save trees in Chandigarh
पेड़ों से चिपके लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में चिपको आंदोलन शुरू हो गया है। शहर के सबसे फेमस टूरिस्ट प्लेस रॉक गार्डन और उसके आसपास के हरे-भरे क्षेत्र को बचाने की लड़ाई अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। रॉक गार्डन के पास बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने से शहर के लोगों में खासी नाराजगी है। प्रशासन की कार्रवाई को रोकने के लिए कई लोगों ने चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से लिपटकर विरोध जताया। 

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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पास सड़क चौड़ी करने और पार्किंग स्थल के निर्माण के लिए हाल ही में कई पेड़ों की कटाई की गई, जिससे लोगों में काफी रोष है। वहां एक ग्रीन एरिया में पेवर लगाकर पार्किंग बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके खिलाफ मंगलवार को कई लोगों ने रॉक गार्डन के पास पेड़ों से चिपक कर प्रदर्शन किया।
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People started Chipko Andolan to save trees in Chandigarh
पेड़ों का काटने का विरोध करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
सेविंग चंडीगढ़ बैनर तले कई लोग शाम 5.30 बजे पहुंचे और उन्होंने रॉक गार्डन के पास कई पेड़ों को लाल धागा बांधा और फिर उन्हें गले लगाकर खड़े हो गए। पर्यावरण प्रेमी अंजलि पुरी ने कहा कि जागरूक नागरिक होने के नाते सभी को हरियाली बचाने के लिए आगे आना चाहिए।समीता कौर ने कहा कि पेड़ों को बचाते हुए ही विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

आरके गर्ग ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन-सी आपात स्थिति थी कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए गए। प्रशासन को पहले अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए था। वहीं, दीपिका गांधी ने कहा कि यदि जंगल के क्षेत्र को इस तरह गैर-वन क्षेत्र में बदला जाने लगा, तो भविष्य में शहर की ग्रीन बेल्ट और अन्य हरित क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।

इस अभियान में शामिल पवीला बाली, पूजा पासी और अमनदीप सिंह ने कहा कि ‘सेविंग चंडीगढ़’ ग्रुप का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि शहर के जंगल और हरित क्षेत्र हमारे अस्तित्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

क्या था चिपको आंदोलन
चिपको आंदोलन चंडीगढ़ से दूर उत्तराखंड में शुरू हुआ था। यह एक वन संरक्षण आंदोलन था। इस आंदोलन में पेड़ों को गले लगाकर उनकी कटाई को रोका गया था। इस आंदोलन की शुरुआत साल 1973 में हुई थी।
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