चंद्रयान-2 की चांद पर लैंडिंग से ‘कल्पना के करनाल’ में उत्साह, लोगों ने कहा सपना हुआ पूरा

गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल Updated Sat, 07 Sep 2019 02:43 AM IST
विज्ञापन
कल्पना चावला
कल्पना चावला - फोटो : फाइल फोटो

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
भारत के चंद्रयान-2 के सफलतापूर्वक आखिरी चरण में पहुंचने से कल्पना चावला के करनाल में उत्साह है। लोगों को इस पल का बेसब्री से इंतजार था। उनका कहना है कि कल्पना चावला ने जो सपना देखा वो अब पूरा हो रहा है। देश तरक्की की राह पर है। कल्पना के स्कूल टैगोर बाल निकेतन की छात्रा शीतल भी इस विषय पर अपने नासा टूर के दौरान विशेषज्ञों से चर्चा कर चुकी हैं।
विज्ञापन

इधर उनके स्कूल और कॉलेज में देश की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी का माहौल है। चंद्रयान-2 की चांद पर लैंडिंग के इस पल पर करनाल का हर शख्स कल्पना को याद कर रहा है। जिसने आकाश गंगा के रहस्यों को सुलझाने के लिए अपनी जान दी थी। एक फरवरी 2003 को अंतरिक्ष के मिशन से लौटते वक्त नासा का कोलंबिया शटल यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में कल्पना चावला
समेत सात अंतरिक्ष यात्रियों की जान गई थी।
यूएसए के साथ मैन मिशन मार्स में इंडिया को नहीं लेते.. ये गर्व का पल         

इधर जुलाई माह में ही नासा के यूनाइटेड स्पेस स्कूल का हिस्सा बन चुकीं टैगोर बाल निकेतन स्कूल करनाल की छात्रा शीतल चौधरी ने कहा कि ये तो होना ही था। नासा में मेरे पहले ही दिन जब मिनटर्स ने मेरा इंटरव्यू लिया तो चंद्रयान-2 पर भी बात हुई थी। हमारा ग्रुप नासा जोनसंस स्पेस सेंटर भी घूमा, वैज्ञानिक क्रिस हेड से भी बात की। तो उस दौरान उन्होंने स्पेस और चंद्रयान को लेकर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि जब नासा में हम अपनी टीम में काम कर रहे थे तो वहां पर एक चर्चा के दौरान पूछा गया कि इंडिया को मैन मिशन मार्स में साथ लेना है या नहीं? तो विशेषज्ञों का कहना था कि इंडिया को नहीं लेते हैं। इंडिया तो इसे खुद ही कर लेगा। यही बात हमारे लिए काफी है, जो हमारा देश यूएसए में भी मिसाल बना।
 
36 विद्यार्थी बन चुके यूनाइटेड स्पेस स्कूल का हिस्सा    

टैगोर बाल निकेतन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. राजन लांबा का कहना है कि आज जब भारत का चंद्रयान-2 चांद पर उतर रहा है तो हम करनाल की बेटी कल्पना चावला को कैसे भुला सकते हैं। यह देश के लिए गर्व का पल है। हमें आज भी उस बेटी पर नाज है। उन्होंने बताया कि कल्पना चावला से प्रेरित होकर ही अब तक उनके स्कूल से 36 विद्यार्थी नासा में लगने वाले यूनाइटेड स्पेस स्कूल का हिस्सा बन चुके हैं। कल्पना चावला के नाम पर हॉल भी बनाया गया है। जहां बच्चे विज्ञान से जुड़ी चीजों को सीखते हैं।
 
ये कल्पना की प्रेरणा है, जो महिलाओं के हाथ है मिशन की कमान      

दयाल सिंह कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. चंद्रशेखर भारद्वाज का कहना है कि चंद्रयान-2 की चांद पर लैंडिंग देश के लिए खुशी का पल है। उन्होंने कहा कि यह मिशन कल्पना चावला का था। आज उसी का सपना पूरा हुआ है। कल्पना से मिली प्रेरणा का ही यह नतीजा है कि आज चंद्रयान की कमान भी दो महिलाओं के हाथ में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X