लॉकडाउन 3.0 का दूसरा दिन, आम दिनों की तरह नजर आया चंडीगढ़, सड़कों पर रही चहल-पहल
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चंडीगढ़ में कर्फ्यू खत्म होने और लॉकडाउन 3.0 के दूसरे दिन मंगलवार को चंडीगढ़ आम दिनों की तरह नजर आया। शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में गाड़ियां दौड़ती नजर आईं। खास बात रही कि सड़कों पर मोटरसाइकिल की संख्या कम जबकि कारों की संख्या ज्यादा हो गई है। मंगलवार को शहर की कुछ बाजारों की पार्किंग कारों से भरी नजर आईं। हालांकि गनीमत रही की लोगों को सोमवार के मुकाबले मंगलवार को जाम से कुछ कम जूझना पड़ा।
कई जगहों पर पुलिस का नाका हटने पर लोग नियमों की धज्जियां उड़ाते भी नजर आए। प्रशासन की तरफ से दी गई छूट के चलते मंगलवार सुबह 7 बजे से ही लोगों का सड़कों पर आना शुरू हो गया था। कुछ लोग मॉर्निंग वॉक तो कुछ लोग अपने निजी काम से शहर में घूमते नजर आए। इस दौरान जीरकपुर, हाउसिंग बोर्ड चौक समेत अन्य बॉर्डर एरिया में पुलिस की कुछ जगह मुस्तैदी दिखी तो कई जगहों पर बिना चेकिंग के वाहनों का आना-जाना लगा रहा।
ट्रिब्यून चौक, जेडब्ल्यू मैरियट चौक, सेक्टर 26 ट्रांसपोर्ट लाइट प्वाइंट, हाउसिंग बोर्ड रेलवे लाइट प्वाइंट, समेत अन्य कुछ लाइट प्वाइंट पर थोड़ी बहुत जाम की स्थिति बनी रही। ट्रिब्यून चौक पर गाड़ियों की संख्या सुबह से ही ज्यादा रही। एक अनुमान के अनुसार, मंगलवार को शहर की सड़कों पर सोमवार से भी ज्यादा चहल-पहल रही।
सेक्टर-45 स्थित बुड़ैल, धनास, मनीमाजरा, सेक्टर-19, 21, 18, मलोया, रामदरबार और हल्लोमाजरा की अंदरूनी मार्केट में नजारा ऐसा रहा, मानो कोरोना का प्रकोप शहर से खत्म हो गया है। सुबह से ही लोग दुपहिया और चारपहिया वाहनों से घर से बाहर निकले। सब्जी मंडी से लेकर मेडिकल स्टोर तक भीड़ देखी गई।
कई लोग शहर की सड़कों पर बाइक और स्कूटी पर घूमते नजर आए। सड़कों पर इतने वाहन दिखे कि एक बार तो ऐसा लगा कि लॉकडाउन खत्म हो गया है। वहीं, सड़कों पर कई लोग ऐसे दिखे जो एक मोटरसाइकिल पर तीन-तीन सवार होकर आराम से आ-जा रहे थे, जबकि प्रशासन के निर्देशों के अनुसार एक मोटरसाइकिल पर दूसरा कोई नहीं बैठ सकता। लॉकडाउन 3.0 के दूसरे दिन पुलिस भी थोड़ी ढीली दिखी। कुछ नाकों पर पुलिसकर्मी कुर्सी पर बैठे नजर आए।
किताबों की दुकान पर रही सबसे ज्यादा भीड़
मंगलवार को किताबों की दुकानों पर काफी भीड़ रही। सेक्टर-19 स्थित मनचंदा बुक डिपो ने भीड़ को नियंत्रित करने के मकसद से टोकन सिस्टम लागू कर दिया। इसकी वजह से ज्यादातर परिजन अपनी बारी का इंतजार करते हुए सड़क के किनारे बैठे रहे। कई परिजन ऐसे भी रहे लोग दुकान मालिक से आग्रह करते दिखे कि वे लाइन में ज्यादा देर खड़े नहीं रह सकते इसलिए उन्हें किताबें जल्दी दे दीं जाएं।
इसके अलावा शहर की विभिन्न कालोनियों के अंदर मंगलवार को भी ऑड-ईवन से दुकानें नहीं खुलीं। कॉलोनियों में बैंकों के सामने काफी लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पुलिस भी मौजूद रही। इसके अलावा मंगलवार को शहर के ठेकों पर भीड़ सोमवार के मुकाबले कम दिखी। प्रमुख सेक्टरों में खुलने वाले ठेकों पर एक समय 5 से 10 लोग ही नजर आए।
ज्यादातर पार्किंग हुई फुल
जरूरत के सामान की दुकानों और दफ्तर को खोलने की राहत दी गई है। इसके चलते ज्यादातर लोग मंगलवार को भी अपने घरों से काम पर और कुछ लोग आसपास के एरिया में सैर सपाटा के लिए बाहर निकले। इस दौरान सेक्टर 35, सेक्टर 10, सेक्टर 9 समेत अन्य कई पार्किंग वाहनों से फुल रही। इन पार्किंग में दो पहिया वाहनों से ज्यादा कारें कतार में खड़ी हुई थीं।
ठेकों के बाहर तैनात रही पुलिस
सोमवार को ठेका खुलते ही लोग दुकानों पर शराब की खरीददारी के लिए लोग उमड़ पड़े। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का बिल्कुल ख्याल नहीं रखा गया। इससे सबक लेते हुए पुलिस ठेकों के बाहर तैनात नजर आई। हालांकि पुलिस की सख्ती के कारण मंगलवार को ठेके पर पहले के मुकाबले कुछ कम भीड़ देखने को मिली।
किसी दुकान पर सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ीं तो होगी सील: परिदा
एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि दुकानदारों को इस बात का ध्यान रखना है कि उनके ग्राहक सामाजिक दूरी का पालन करें। अगर इसका उल्लंघन होता पाया गया तो उस दुकान को सील कर दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन से भी अपील की है कि सभी दुकानदार अपने पास हैंड सैनिटाइजर रखें, जिससे वायरस के फैलने का खतरा न हो।
अगर संभव हो तो थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर किसी उद्योगपति, दुकानदार आदि को अपना काम शुरू करने से संबंधित कोई मांग है या कोई शिकायत है तो वह यूटी के वित्त सचिव अजॉय कुमार सिन्हा से संपर्क कर सकते हैं।