{"_id":"68936cf1b8beafa3200c2f20","slug":"people-of-punjab-are-eating-cheese-and-desi-ghee-containing-dangerous-chemicals-chandigarh-news-c-16-1-pkl1082-783722-2025-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: खतरनाक केमिकल युक्त पनीर व देसी घी खा रहे पंजाब के लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: खतरनाक केमिकल युक्त पनीर व देसी घी खा रहे पंजाब के लोग
विज्ञापन
फोटो सहित...
-स्वास्थ्य विभाग ने चेताया, सेहत के लिए हानिकारक
-पनीर के 43 व देसी घी के 15.78 फीसदी सैंपल फेल,
-स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी, दूध के भी 700 सैंपल फेल पा गए
-- -
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के लोग केमिकल युक्त पनीर व देसी घी का सेवन कर रहे हैं जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। पंजाब में पनीर के 43 प्रतिशत सैंपल फेल हुए हैं। इनमें 7.09 सैंपल तो सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। इनमें खतरनाक केमिकल पाया गया है।
इसी तरह देसी घी के भी 15.78 सैंपल फेल पाए गए हैं जबकि 9.83 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन साल के अंदर विशेष अभियान चलाकर यह सैंपल लिए थे जिसकी रिपोर्ट जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि इनका सेवन सेहत के लिए हानिकारक है। लोगों को बाहर से खुला पनीर और देसी घी की खरीद से परहेज करना चाहिए। इसकी जगह दूध लेकर घर पर ही पनीर व देसी घी बनाना चाहिए। दूध में फिर भी उस तरह की मिलावट नहीं पाई गई है जो इन दोनों खाद्य पदार्थों में पाई गई है। विभाग ने पनीर के 2340 सैंपल लिए थे जिसमें से 1027 फेल हो गए। इसमें कुल 589 केस दर्ज किए गए।
देसी घी के 1160 सैंपल लिए गए जिनमें से 183 सैंपल फेल पाए गए और 73 मामलों में केस भी दर्ज किए गए। विभाग ने दूध के पिछले तीन सालों में 2559 सैंपल लिए थे जिसमें से 700 सैंपल फेल हुए जबकि 11 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक पाए गए। इसमें 467 मामले दर्ज किए गए। मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा व यूपी से मिलावटरी पनीर आ रहा है
विज्ञापन
मसाले भी सुरक्षित नहीं
विभाग ने तरह मसालों के 729 सैंपल में से 94 फेल और 12 सैंपल अनसेफ थे। विभाग ने मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों के 1776 सैंपल लिए जिनमें 146 फेल हुए। 17 सैंपल ऐसे सामने आए जिनका सेवन के लिए खतरनाक था। पिछले पांच सालों में 145 मामलों में कैद और जुर्माने की सजा भी हुई है।
फलों को पकाने में भी केमिकल का उपयोग
मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि फलों को पकाने के लिए भी कैल्शियम कार्बाइड केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सब्जियों के साथ ही स्प्रिंग रोल और मोमो की भी चेकिंग कर रहे हैं। सभी रेहड़ीवालों के खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। तय मानकों पर खरा उतरने पर रेहड़ी पर फूड सेफ्टी ऑफ इंडिया का स्टीकर लगा रहे हैं ताकि लोगों को यह जानकारी मिले कि यहां खाना सुरक्षित है। फूड बिजनेस ऑपरेटरों 3.17 लाख लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अब तक की जा चुकी है।
तीन सालों में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त
खाद्य पदार्थ मात्रा (किलोग्राम में)
पनीर 5311
देसी घी 5128
मिल्क 4000
मिठाई व फास्ट फूड 2589
विज्ञापन
-स्वास्थ्य विभाग ने चेताया, सेहत के लिए हानिकारक
-पनीर के 43 व देसी घी के 15.78 फीसदी सैंपल फेल,
-स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी, दूध के भी 700 सैंपल फेल पा गए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब के लोग केमिकल युक्त पनीर व देसी घी का सेवन कर रहे हैं जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। पंजाब में पनीर के 43 प्रतिशत सैंपल फेल हुए हैं। इनमें 7.09 सैंपल तो सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। इनमें खतरनाक केमिकल पाया गया है।
इसी तरह देसी घी के भी 15.78 सैंपल फेल पाए गए हैं जबकि 9.83 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन साल के अंदर विशेष अभियान चलाकर यह सैंपल लिए थे जिसकी रिपोर्ट जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि इनका सेवन सेहत के लिए हानिकारक है। लोगों को बाहर से खुला पनीर और देसी घी की खरीद से परहेज करना चाहिए। इसकी जगह दूध लेकर घर पर ही पनीर व देसी घी बनाना चाहिए। दूध में फिर भी उस तरह की मिलावट नहीं पाई गई है जो इन दोनों खाद्य पदार्थों में पाई गई है। विभाग ने पनीर के 2340 सैंपल लिए थे जिसमें से 1027 फेल हो गए। इसमें कुल 589 केस दर्ज किए गए।
विज्ञापन
देसी घी के 1160 सैंपल लिए गए जिनमें से 183 सैंपल फेल पाए गए और 73 मामलों में केस भी दर्ज किए गए। विभाग ने दूध के पिछले तीन सालों में 2559 सैंपल लिए थे जिसमें से 700 सैंपल फेल हुए जबकि 11 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक पाए गए। इसमें 467 मामले दर्ज किए गए। मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा व यूपी से मिलावटरी पनीर आ रहा है
विज्ञापन
मसाले भी सुरक्षित नहीं
विभाग ने तरह मसालों के 729 सैंपल में से 94 फेल और 12 सैंपल अनसेफ थे। विभाग ने मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों के 1776 सैंपल लिए जिनमें 146 फेल हुए। 17 सैंपल ऐसे सामने आए जिनका सेवन के लिए खतरनाक था। पिछले पांच सालों में 145 मामलों में कैद और जुर्माने की सजा भी हुई है।
फलों को पकाने में भी केमिकल का उपयोग
मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि फलों को पकाने के लिए भी कैल्शियम कार्बाइड केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सब्जियों के साथ ही स्प्रिंग रोल और मोमो की भी चेकिंग कर रहे हैं। सभी रेहड़ीवालों के खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। तय मानकों पर खरा उतरने पर रेहड़ी पर फूड सेफ्टी ऑफ इंडिया का स्टीकर लगा रहे हैं ताकि लोगों को यह जानकारी मिले कि यहां खाना सुरक्षित है। फूड बिजनेस ऑपरेटरों 3.17 लाख लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अब तक की जा चुकी है।
तीन सालों में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त
खाद्य पदार्थ मात्रा (किलोग्राम में)
पनीर 5311
देसी घी 5128
मिल्क 4000
मिठाई व फास्ट फूड 2589