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जहरीली शराब कांडः जांच के आदेश तो हुए, पर पीड़ितों को न इंसाफ की उम्मीद न मुआवजे की

Wed, 05 Aug 2020 01:26 PM IST
खुशबू गोयल अमित मरवाहा, तरनतारन
अमित मरवाहा, तरनतारन Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 05 Aug 2020 01:26 PM IST
सार

  • मुआवजे में अहम भूमिका निभाएगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
  • शराब माफिया की दहशत से जुबान नहीं खोल रहे लोग

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People Died due to Poisonous Wine, People Have no Expectation for Justice
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

जहरीली शराब से मौतों के मामले में भले ही राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन मृतकों के परिजनों को न तो इंसाफ की उम्मीद है और न ही मुआवजा मिलने की। क्षेत्र में शराब माफिया की दहशत के चलते मृतकों के परिवार के लोग अपनी जुबान खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। गांव पंडोरी गोला से जहरीली शराब गांव-गांव तक पहुंचाई गई। गांव मल्लमोहरी व पंडोरी गोला में दो ऐसे परिवार हैं, जिसके पिता और पुत्र की चिता एक साथ जली।
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मुआवजा राशि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अहम भूमिका रहेगी। शराब माफिया की दहशत का नतीजा यह है कि 42 से अधिक परिवारों ने कानूनी झमेले से दूर रहते हुए मृतकों के पोस्टमार्टम नहीं करवाए। जिले में दो दिन में केवल 34 मृतकों के ही पोस्टमार्टम हुए हैं। सूत्रों के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कानूनी कार्रवाई में यह बताया जाना था कि आखिर जहरीली शराब कहां से खरीदी गई। जिले में मौत का आधिकारिक आंकड़ा 82 है। गांव में सरेआम शराब बेची जा रही है। मौत का कारोबार करने वाले इन लोगों को पुलिस का भी खौफ नहीं है।
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इसलिए अधिकतर परिवारों ने कानूनी कार्रवाई से अपने हाथ खींच लिए। इन परिवारों को डर था कि पोस्टमार्टम के लिए बयान देने के मौके पर अगर पूछा गया कि जहरीला जाम कहां से खरीदा था, तो शराब माफिया से साथ दुश्मनी पड़ सकती है। सरकारी अस्पतालों में होने वाले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट खरड़ लैब से मंगवाई जाती है। शराब पीकर मरने वाले लोगों के विसरे जांच के लिए इसी लैब में भेजे जाने हैं। आम तौर पर शराब पीकर मरने वाले लोगों व धारा 174 की कार्रवाई में करवाए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट चार से छह माह तक लटकी रहती है।
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प्रशासन की टीम बना रही रिपोर्ट: एसडीएम

एसडीएम रजनीश अरोड़ा का कहना है कि जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिवारों को सरकार दो-दो लाख का मुआवजा देगी। यह मुआवजा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही दिया जाना है या बिना रिपोर्ट के, इस बारे में अभी सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए। प्रशासन की टीम शराब पीकर मरने वालों की रिपोर्ट तैयार करेगी।

लोग बिना डरे शिकायत करें: एसएसपी
तरनतारन के एसएसपी ध्रुमन एच. निंबले का कहना है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। वे खुलकर अवैध शराब के धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ शिकायत करें। पुलिस कार्रवाई करेगी। शिकायत करने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। जरूरत हुई तो सुरक्षा भी दी जाएगी।
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