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चंडीगढ़ पुलिस के पास समय नहीं: 1300 से ज्यादा वेरिफिकेशन पेंडिंग, थानों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे लोग

Mon, 24 Feb 2025 02:27 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 24 Feb 2025 02:27 AM IST
सार

चंडीगढ़ में 1300 से अधिक लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन पेंडिंग है। इनमें 1200 ऑनलाइन और करीब 125 मैनुअली पुलिस वेरिफिकेशन हैं।

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People are worried about police verification, more than 1300 pending In Chandigarh
पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

चंडीगढ़ में पुलिस वेरिफिकेशन करवाने के लिए लोग अपने काम छोड़कर थाने, बीट बॉक्स और पुलिस मुख्यालय के चक्कर काटने पर मजबूर हैं। किसी को नौकरी के लिए कैरेक्टर सर्टिफिकेट चाहिए तो किसी को अन्य काम के लिए वेरिफिकेशन करवानी है।
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1300 से अधिक लोगों की पुलिस वेरिफिकेशन पेंडिंग है। इनमें 1200 ऑनलाइन और करीब 125 मैनुअली पुलिस वेरिफिकेशन हैं। सबसे अहम किरायेदारों और नौकरों की वेरिफिकेशन को भी पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही है। चंडीगढ़ में गैंगस्टरों और आतंकियों की किसी न किसी वारदात में इन्वोल्वमेंट रहती है, इसके बावजूद चंडीगढ़ पुलिस का हाल यह है कि वह शहर में रहने वाले नौकरों और किरायेदारों की समय पर वेरिफिकेशन नहीं कर रही है। हालांकि वेरिफिकेशन न करवाने पर मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। कई लोगों की वेरिफिकेशन तो दिसंबर और जनवरी महीने से ही पेंडिंग है। सूत्रों के मुताबिक कॉलोनी में रहने वाले लोगों को वेरिफिकेशन के लिए ज्यादा परेशानी होती है।
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बीट बॉक्स की लापरवाही से नहीं हो रही समय पर वेरिफिकेशन

सूत्रों ने बताया कि वेरिफिकेशन करने की जिम्मेदारी पुलिस बीट बॉक्स और समावेश केंद्रों की है। हालांकि समावेश केंद्र तेजी से वेरिफिकेशन कर रहे हैं, लेकिन बीट बॉक्स के पुलिसकर्मियों की लापरवाही के कारण वेरिफिकेशन पेंडिंग हैं। सबसे ज्यादा सारंगपुर थाने और सेक्टर-34 थाने अंतर्गत की वेरिफिकेशन लंबित हैं।
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ऑनलाइन और मैनुअल वेरिफिकेशन में क्या है अंतर

ऑनलाइन में पासपोर्ट, कैरेक्टर सर्टिफिकेट, नौकर, किरायेदार और अन्य वेरिफिकेशन ऑनलाइन अप्लाई की जाती हैं। इसके अलावा मैनुअल की जाने वाली वेरिफिकेशन डीसी ऑफिस से आती हैं। इनमें मैरिज, आर्म्स लाइसेंस, सरकारी, प्राइवेट कर्मचारियों की वेरिफिकेशन और अन्य होती हैं। इसमें लगभग 40 आर्म्स लाइसेंस की वेरिफिकेशन, 50 मैरिज और करीब 120 कर्मचारियों की वेरिफिकेशन पेंडिंग हैं।

दो महीने से नहीं आई किसी की कॉल, नौकरी नहीं मिल पाई

किशनगढ़ निवासी शांति नेगी ने बताया कि उसने सुरक्षाकर्मी की नौकरी के लिए अप्लाई किया था। इसके लिए उसे कैरेक्टर सर्टिफिकेट चाहिए था। पुलिस वेरिफिकेशन के बाद कैरेक्टर सर्टिफिकेट मिलना था। दो महीने पहले कैरेक्टर सर्टिफिकेट के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया था, लेकिन अभी तक उन्हें किसी की कॉल तक नहीं आई। इसके चलते उन्हें सुरक्षाकर्मी की जॉब नहीं मिली। अब वह इंडस्टि्रयल एरिया में दूसरी जगह पर नौकरी लगी हैं।
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