अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: संक्रमण से बचाव, बड़े से लेकर बच्चे तक लगवा रहे हैं टीका
अनुज ने बताया कि सेक्टर-37 मार्केट के प्रधान के तौर पर वे टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने का भी दायित्व निभा रहे हैं।
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विस्तार
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 निवासी 46 साल के अनुज सहगल के परिवार के सात सदस्यों ने कोरोना का टीका लगवा लिया है। उनका छोटा बेटा अभी 10 साल का है इसलिए उसे टीका नहीं लगा। अनुज का कहना है कि उन्हें अब बस 10 साल के बच्चों का टीकाकरण शुरू होने का इंतजार है ताकि वे अपने बेटे को भी टीका लगवाकर पूरे परिवार को सुरक्षा घेरे में शामिल कर लें। अनुज व उनकी पत्नी भारती के अनुसार कोरोना जैसी महामारी से बचाव में टीका ही एकमात्र हथियार है इसलिए इसे लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
अनुज के परिवार में उनकी माता कांता सहगल (75 साल), सास शीला बैश (72), ससुर हरीश बैश (76), पत्नी भारती सहगल (42), बेटी भाविता सहगल (17) और बेटा ईश्वन कुमार सहगल (10) है। एक परिवार में साथ रहते हुए घर की तीनों पीढ़ियों ने एक जागरूक नागरिक होने का फर्ज अदा करते हुए टीका लगवाकर टीकाकरण अभियान की सफलता में योगदान दिया है।
अनुज ने बताया कि सेक्टर-37 मार्केट के प्रधान के तौर पर वे टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को जागरूक करने का भी दायित्व निभा रहे हैं। शहर में व्यस्कों ने टीकाकरण का लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है। इसके अलावा 14 से 17 साल तक के आधे से ज्यादा बच्चों को टीका लग चुका है।
अभियान को सफल बनाने में निजी और सरकारी स्कूल भी कर रहे सहयोग
80 प्रतिशत से अधिक छात्रों को लगा टीका
स्कूल में 12 साल से अधिक उम्र के 80 प्रतिशत से अधिक छात्रों को टीका लग चुका है। इसमें नौवीं से बारहवीं के सभी बच्चों का टीकाकरण हो गया है। छोटी कक्षा के छात्रों की परीक्षाओं के कारण उनका टीकाकरण नहीं हो पाया है। -अनुजा शर्मा, प्राचार्य, डीएवी स्कूल-15
15 साल से अधिक उम्र के अधिकांश बच्चों हो चुका टीकाकरण
15 साल से अधिक उम्र के अधिकांश बच्चों ने कोरोना का टीका लगवा लिया है। इसके लिए स्कूलों में टीकाकरण शिविर भी लगाए गए थे। 12 से 14 वर्ष के छात्रों ने परीक्षाओं के चलते अभी टीकाकरण नहीं करवाया है। परीक्षाएं खत्म होने के बाद अप्रैल में इनके लिए जागरुकता अभियान चलाएंगे। - सीमा, प्राचार्य, जीएमएसएसएस-धनास
क्या कहते हैं अभिभावक
बच्चों के लिए कैसे कर सकते हैं इनकार
जब कोरोना का टीका बड़ों के लिए जरूरी है तो बच्चों को इसे लगाने से कैसे इनकार किया जा सकता है। मेरे परिवार के सभी सदस्यों ने टीका लगवा लिया है। हम दूसरों को भी जल्द से जल्द टीका लगवाने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि टीका ही महामारी से बचाएगा। -हरजोत कौर, हल्लोमाजरा
पहले था इंतजार अब कर रहे आनाकानी, कैसे मिलेगी जीत
जब तक कोरोना से बचाव के लिए टीका नहीं आया था तब सभी को उसका इंतजार था। अब जब टीका आसानी से उपलब्ध है तब उसे लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं। इस सोच के कारण ही हमें महामारी पर जीत नहीं मिल पा रही है। मैंने खुद के साथ ही अपने बच्चों को भी टीके की खुराक लगवा दी है। टीका लगवाने के बावजूद हम बचाव के मानकों का पालन कर रहे हैं। - मेजर सिंह, सेक्टर- 22
पूरे परिवार को टीके का सुरक्षा चक्र प्रदान करें
मैं पीजीआई में कार्यरत हूं। मैंने और मेरे परिवार के सभी सदस्यों ने टीका लगवा लिया है। मैंने दोनों खुराक के साथ ही प्रिकॉशन डोज भी लगवा ली है। बचाव के साधन उपलब्ध हैं, फिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं। जल्द से जल्द खुद के साथ ही अपने पूरे परिवार को टीके का सुरक्षा चक्र प्रदान कीजिए। - मोहनलाल गुप्ता, सेक्टर- 24डी
भ्रम न पालें, जल्द से जल्द बच्चों को टीका लगवाएं
कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए जब टीके का हथियार उपलब्ध है तो भ्रम और कही-सुनी बातों पर यकीन करना मूर्खता है। जल्द से जल्द टीका लगवाइए। बच्चों के लिए हमें खुद जागरूक होने के साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना होगा, तभी शत प्रतिशत सुरक्षा चक्र बन सकेगा। - सुशील, नयागांव
क्या कहते हैं बच्चे
डर को दिल से निकालकर टीका लगवा लें
मैंने कोरोना का टीका लगवा लिया है। सच कहूं तो टीका लगवाने से पहले थोड़ा डर जरूर लगा था लेकिन लगने के बाद आत्मविश्वास बढ़ गया है। मैं कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा चक्र के घेरे में हूं। मैं अपने हमउम्र सभी लोगों को यही कहूंगा कि डर को दिल से बाहर निकालकर जल्द से जल्द टीका लगवा लें। -आदर्श कुमार, 16 साल
डर और भ्रम पर ध्यान देना मूर्खता
मैंने टीके की पहली खुराक लगवा ली है। मानक के अनुसार 28वें दिन दूसरी खुराक भी लगवाऊंगा। जहां तक डर और भ्रम की बात है तो अपनी सुरक्षा को लेकर इन चीजों पर ध्यान देना मूर्खता है। -साहिल गुप्ता, 14 साल
खुद को टीका लगवाने के साथ दूसरों को भी जागरूक करें
टीका हमारी सुरक्षा के लिए है। यह बात हमें खुद समझनी होगी। जब तक हम आगे बढ़कर टीका लगवाने की हामी नहीं भरेंगे तब तक हमारे अभिभावक हमें ऐसा करने के लिए नहीं कहेंगे। हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि खुद के साथ ही दूसरों को भी टीका लगवाने के लिए जागरूक करें।
-नूरदीप कौर, 17 साल
कोरोना टीकाकरण पर एक नजर
- उम्र लक्ष्य परिणाम प्रतिशत में
- 18 साल से उपर 843000 1083467 128.53 प्रतिशत
- 12-14 साल 45000 2764 6.14 प्रतिशत
- 15-18 साल 72000 60605 84.17 प्रतिशत
प्रिकॉशन डोज की स्थिति
- वर्ग प्राप्ति
- स्वास्थ्यकर्मी 14.30 प्रतिशत
- अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी 27.44 प्रतिशत
- 60 साल से ज्यादा उम्र 21.76 प्रतिशत
कोरोना टीकाकरण अभियान के 6वें चरण को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार कर रहा है। परीक्षा समाप्त होते ही स्कूलों में व्यापक स्तर पर जागरुकता अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें बच्चों के साथ उनके माता-पिता को भी जागरूक किया जाएगा। - डॉ. मंजीत सिंह, टीकाकरण अधिकारी