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Chandigarh News: जिप अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सरपंचों की पेंशन बढ़ाई, 2400 करोड़ के कार्यों की घोषणा
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चंडीगढ़/पंचकूला। हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को पंचायती राज प्रतिनिधियों पर जमकर सौगातें बरसाईं। पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय पंचायत-सम्मलेन में सीएम नायब सिंह सैनी ने जिला परिषद, पंचायत समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष और सरपंचों की पेंशन में बढ़ोतरी की। वहीं, 2400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इसके साथ ही 1861 ग्राम पंचायतों को एससी/बीसी चौपालों की मरम्मत या अधूरी पड़ी चौपालों को पूरा करने के लिए मौके पर ही एक क्लिक से 118 करोड़ 47 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष की पेंशन को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार, उपाध्यक्ष की पेंशन एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये, पंचायत समिति अध्यक्ष की पेंशन 1500 से बढ़ाकर 2250 रुपये, उपाध्यक्ष की पेंशन 750 से बढ़ाकर 1125 रुपये और सरपंच की पेंशन एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक को देखते हुए राज्य
सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक कंप्यूटर ऑपरेटर देने का निर्णय लिया है ताकि सरपंचों को अपने हिसाब -किताब में आसानी हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा- सरपंचों की जो भी उचित मांगें
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और भी होंगी तो उन पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने 2400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा करते हुए कहा कि इनमें से 900-900 करोड़ रुपये गांव व शहरी क्षेत्र के लिए दिए जाएंगे। साथ ही पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग की चौपालों की मरम्मत ओर अधूरी पड़ी चौपालों को पूरा करने के लिए 118.47 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सीएम ने अपने संबोधन ने कहा- सभी सरपंच अपने -अपने गांव के विकास के लिए रोड मैप बनाएं। धन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे पंचायत में प्रस्ताव पास करके अपने क्षेत्र के विधायकों को भेज दें, बिना रोक-टोक काम करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार पहली सरकार है जिसने पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में न केवल बढ़ोतरी की है बल्कि प्रतिनिधियों को पेंशन देना का काम भी शुरू किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले की सरकारें अगर किसी गांवों के विकास के लिए एक बार 5 लाख रुपये की घोषणा कर देती थी तो उसका छह महीने तक केवल ढिंढोरा पीटती थी जबकि काम होते ही नहीं थे। मगर वर्तमान सरकार ने तो 5-5 लाख रुपये अनगिनत बार गांव को दिए हैं जिससे गांवों की तस्वीर ही बदल गई है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कंवर पाल, विकास एवं पंचायत राज्य मंत्री महिपाल ढांडा ने भी सरपंचों को संबोधित किया।
सरपंचों को प्रोटोकॉल लिस्ट में शामिल किया
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने राज्य स्तरीय कार्यक्रमों एवं समारोहों के अवसर पर अपने क्षेत्राधिकार में जिला परिषद के अध्यक्ष , पंचायत समिति के अध्यक्ष और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के प्रोटोकॉल का भी प्रावधान किया है। अब जिला परिषद का चेयरमैन डीसी और एसपी के साथ कुर्सी पर बैठेंगे। ब्लॉक समिति के चेयरमैन को एडीसी व सीजेएम के साथ और सरपंचों को भी सम्मान देने के लिए प्रोटोकॉल लिस्ट में पहली बार शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने शासन में पंचायतीराज संस्थाओं की अधिक भागीदारी देने के लिए अंतर -जिला परिषद का गठन किया है।
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मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष की पेंशन को दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार, उपाध्यक्ष की पेंशन एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये, पंचायत समिति अध्यक्ष की पेंशन 1500 से बढ़ाकर 2250 रुपये, उपाध्यक्ष की पेंशन 750 से बढ़ाकर 1125 रुपये और सरपंच की पेंशन एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीक को देखते हुए राज्य
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सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक कंप्यूटर ऑपरेटर देने का निर्णय लिया है ताकि सरपंचों को अपने हिसाब -किताब में आसानी हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा- सरपंचों की जो भी उचित मांगें
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और भी होंगी तो उन पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने 2400 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा करते हुए कहा कि इनमें से 900-900 करोड़ रुपये गांव व शहरी क्षेत्र के लिए दिए जाएंगे। साथ ही पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग की चौपालों की मरम्मत ओर अधूरी पड़ी चौपालों को पूरा करने के लिए 118.47 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सीएम ने अपने संबोधन ने कहा- सभी सरपंच अपने -अपने गांव के विकास के लिए रोड मैप बनाएं। धन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे पंचायत में प्रस्ताव पास करके अपने क्षेत्र के विधायकों को भेज दें, बिना रोक-टोक काम करवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमारी सरकार पहली सरकार है जिसने पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेय में न केवल बढ़ोतरी की है बल्कि प्रतिनिधियों को पेंशन देना का काम भी शुरू किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले की सरकारें अगर किसी गांवों के विकास के लिए एक बार 5 लाख रुपये की घोषणा कर देती थी तो उसका छह महीने तक केवल ढिंढोरा पीटती थी जबकि काम होते ही नहीं थे। मगर वर्तमान सरकार ने तो 5-5 लाख रुपये अनगिनत बार गांव को दिए हैं जिससे गांवों की तस्वीर ही बदल गई है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कंवर पाल, विकास एवं पंचायत राज्य मंत्री महिपाल ढांडा ने भी सरपंचों को संबोधित किया।
सरपंचों को प्रोटोकॉल लिस्ट में शामिल किया
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसने राज्य स्तरीय कार्यक्रमों एवं समारोहों के अवसर पर अपने क्षेत्राधिकार में जिला परिषद के अध्यक्ष , पंचायत समिति के अध्यक्ष और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के प्रोटोकॉल का भी प्रावधान किया है। अब जिला परिषद का चेयरमैन डीसी और एसपी के साथ कुर्सी पर बैठेंगे। ब्लॉक समिति के चेयरमैन को एडीसी व सीजेएम के साथ और सरपंचों को भी सम्मान देने के लिए प्रोटोकॉल लिस्ट में पहली बार शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने शासन में पंचायतीराज संस्थाओं की अधिक भागीदारी देने के लिए अंतर -जिला परिषद का गठन किया है।