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बच्चों में पढ़ाई करने की रुचि पर सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 05 Sep 2016 09:43 AM IST
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टैगोर थियेटर में लगी वर्कशॉप एंजॉय करते हुए बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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बच्चों में पढ़ने की रुचि पर हुए पीयरसन वॉयस ऑफ टीचर सर्वे 2016 की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में 48 और हरियाणा में 52 फीसदी विद्यार्थी पढ़ाई को लेकर विशेष गंभीर नहीं हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक समुदाय ने सामूहिक रूप से भारतीय विद्यार्थियों की वर्तमान रुचि पर अपनी राय दी है। सर्वे के चौथे संस्करण के माध्यम से विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि को बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कारकों को भी पहचाना है।
देश भर में जुलाई 2016 से अगस्त 2016 के बीच करवाए गए सर्वे में शिक्षक की महत्वपूर्ण अंतदृष्टियां शामिल हैं, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और भारत में शिक्षार्थी परिणामों में सुधार करने के भारत सरकार के बड़े विजन में योगदान दे सकती हैं। सर्वेक्षण में पंजाब के 29 और हरियाणा के 20 शहरों को शामिल किया गया था।
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शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक समुदाय ने सामूहिक रूप से भारतीय विद्यार्थियों की वर्तमान रुचि पर अपनी राय दी है। सर्वे के चौथे संस्करण के माध्यम से विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति रुचि को बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कारकों को भी पहचाना है।
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देश भर में जुलाई 2016 से अगस्त 2016 के बीच करवाए गए सर्वे में शिक्षक की महत्वपूर्ण अंतदृष्टियां शामिल हैं, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और भारत में शिक्षार्थी परिणामों में सुधार करने के भारत सरकार के बड़े विजन में योगदान दे सकती हैं। सर्वेक्षण में पंजाब के 29 और हरियाणा के 20 शहरों को शामिल किया गया था।
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केवल 55 फीसदी स्टूडेंट पढ़ाई करने में सक्रिय
चंडीगढ़ में समर कैंप एंजॉय करते हुए बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय निष्कर्ष के अनुसार शिक्षकों का मानना है कि केवल 55 फीसदी विद्यार्थी ही सक्रिय रूप से शैक्षणिक प्रक्रिया में रुचि रखते हैं। शिक्षकों का मानना है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी (51 फीसदी) निजी स्कूलों (67 फीसदी) की तुलना में शिक्षण के साथ बहुत कम जुड़े हुए हैं।
शिक्षक जहां यह मानते हैं कि पिछले पांच वर्षों से शिक्षण गतिविधियों में प्रतिभागिता बढ़ी है, वहीं उनका यह भी कहना है कि विद्यार्थियों के मूल्यों व नैतिकता और अनुशासन में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
शिक्षक महसूस करते हैं कि विद्यार्थियों की ओर से व्यक्तिगत गजट के
शिक्षक जहां यह मानते हैं कि पिछले पांच वर्षों से शिक्षण गतिविधियों में प्रतिभागिता बढ़ी है, वहीं उनका यह भी कहना है कि विद्यार्थियों के मूल्यों व नैतिकता और अनुशासन में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
शिक्षक महसूस करते हैं कि विद्यार्थियों की ओर से व्यक्तिगत गजट के