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पीसीएस टॉपर्स टॉक : जूडीशियरी की परीक्षा कठिन, मेहनत और धैर्य सफलता का राज
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चंडीगढ़। पंजाब सिविल सर्विसेज (पीसीएस) ज्यूडिशियरी के नतीजे में पंजाब यूनिवर्सिटी के 20 पूर्व विद्यार्थियों ने बाजी मारी है। इन सभी ने यूआईएलएस विभाग से ग्रेजुएशन किया है। इनमें से 11 विद्यार्थियों ने संस्थान के ही आईएएस कोचिंग केंद्र से पीसीएस परीक्षा की तैयारी की है। टॉपर्स ने बातचीत में बताया कि ज्यूडिशियरी परीक्षा कठिन है। तैयारी के लिए काफी समय देना पड़ता है इसलिए लक्ष्य तय होना चाहिए। खुद पर भरोसा रखें और धैर्य के साथ मेहनत करें। एक दिन सफलता जरूर मिलेगी। परीक्षा में सेल्फ स्टडी बहुत अहम है। इस पर अधिक ध्यान देना चाहिए और अधिक से अधिक मॉक टेस्ट हल करने चाहिए।
सीनियर के लेक्चर सुनकर मिली ज्यूडिशियरी में जाने की प्रेरणा
मोहाली फेज-1 निवासी और पीयू के यूआईएलएस विभाग से एलएलबी उत्तीर्ण अमनप्रीत कौर ने पीसीएस ज्यूडिशियरी में जनरल कैटेगरी में 12वीं रैंक हासिल की है। अमनप्रीत ने बताया कि वह पिछले साढ़े तीन साल से परीक्षा के लिए तैयारी कर रही थी। गाइडेंस के लिए शुरुआत में कोचिंग ली थी और पीयू के आईएसएस केंद्र से भी मॉक टेस्ट की सहायता ली थी। परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवार को जितना अधिक हो सके सेल्फ स्टडी पर ध्यान देना चाहिए। परिवार में वे पहली लड़की हैं, जिसने कानून की पढ़ाई की। विभाग में सीनियर जिन्होंने ये ज्यूडिशियरी परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनके लेक्चर होते थे। सीनियर को सुनकर ज्यूडिशियरी की प्रेरणा मिली। उनके पिता तेग सिंह कांट्रैक्टर हैं और माता बलविंदर कौर गृहणी हैं। कहा कि जज बनने के बाद ईमानदारी और असूलों के साथ काम करूंगी।
23 साल में नंदिता बनी सबसे युवा जज
सेक्टर-18 पंचकूला निवासी नंदिता शर्मा 23 वर्ष की उम्र में ही 50वीं रैंक हासिल कर सबसे युवा जज बन गई हैं। पिता जगदीप अत्री प्रॉपर्टी डीलर और माता प्रीति गृहणी हैं। पीयू के यूआईएलएस से कानून की पढ़ाई की है। बताया कि नाना माता को जज साहिबा बुलाया करते थे। एक बार स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में जज ने पहला ईनाम दिया था। तभी सोच लिया था कि मैं भी जज बनूंगी। ढाई साल से परीक्षा के लिए तैयारी कर रही थी। पहले प्रयास में ही इस साल परीक्षा उत्तीर्ण हो गई। अभी कोचिंग भी पूरी नहीं हुई है। पिछले साल दिल्ली में ढाई साल की कोचिंग ज्वाइन की थी। बताया कोचिंग के अलावा प्रतिदिन 12 से 15 घंटे की पढ़ाई करती थी। इस परीक्षा में सफल होने के लिए सेल्फ स्टडी और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है।
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अनन्या ने छात्रों को पढ़ाते हुए की पीसीएस की तैयारी
पीयू में कानून विभाग की शिक्षिका अनन्या ऋषि ने पीसीएस ज्यूडिशियरी की परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल की है। बताया कि कानून विभाग से पीएचडी चल रही है, इसलिए कानून के छात्रों को पढ़ाती भी हैं। छात्रों को पढ़ाने के साथ ही परीक्षा के टॉपिक के लिए भी रिवीजन हो जाता था। पिता अश्विनी ऋषि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस से सीनियर डिविजनल मैनेजर से सेवानिवृत्त हैं और माता माधुरी ऋषि पीयू के एन्वायरनमेंट साइंस विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। पीयू के यूआईएलएस विभाग से ही कानून की पढ़ाई है। माता-पिता से जज बनने की प्रेरणा मिली। 2019 में पहली बार पीसीएस की परीक्षा दी थी, लेकिन प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ था। कोरोना में फिर से तैयारी शुरू की। मेरी दोस्त ने हरियाणा की ज्यूडिशियरी परीक्षा उत्तीर्ण की, उससे मुझे भी आत्मविश्वास मिला।
पीयू के छात्रों को मिली रैंक
पीयू के छात्रों में सामान्य श्रेणी में साक्षी अरोड़ा (रैंक 4), अमनप्रीत कौर (रैंक 12), गुरलीन कौर (रैंक 15), अमानतबीर कौर (रैंक 16), परमवीर (रैंक 44), रूपाली गुप्ता (रैंक 19), अनन्या ऋषि (रैंक 21), केयुरी कटारिया (रैंक 24) शामिल है। एससी श्रेणी में सिमरन (रैंक 4), हिमानी (रैंक 5), परनीत कौर सरॉय (रैंक 10) और बीसी श्रेणी के अंतर्गत दासविंदर सिंह (रैंक 8), अमनदीश कौर (रैंक 10) और गुन्नीक कौर (रैंक 14) शामिल है। इसके अलावा पीयू की कामिनी चौधरी, नंदिता अत्री, मनीषा बंयाल, गुरकिरत सिंह, जसलीन कौर और दिव्यांशु ने भी परीक्षा उत्तीर्ण की है।
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सीनियर के लेक्चर सुनकर मिली ज्यूडिशियरी में जाने की प्रेरणा
मोहाली फेज-1 निवासी और पीयू के यूआईएलएस विभाग से एलएलबी उत्तीर्ण अमनप्रीत कौर ने पीसीएस ज्यूडिशियरी में जनरल कैटेगरी में 12वीं रैंक हासिल की है। अमनप्रीत ने बताया कि वह पिछले साढ़े तीन साल से परीक्षा के लिए तैयारी कर रही थी। गाइडेंस के लिए शुरुआत में कोचिंग ली थी और पीयू के आईएसएस केंद्र से भी मॉक टेस्ट की सहायता ली थी। परीक्षा में सफल होने के लिए उम्मीदवार को जितना अधिक हो सके सेल्फ स्टडी पर ध्यान देना चाहिए। परिवार में वे पहली लड़की हैं, जिसने कानून की पढ़ाई की। विभाग में सीनियर जिन्होंने ये ज्यूडिशियरी परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनके लेक्चर होते थे। सीनियर को सुनकर ज्यूडिशियरी की प्रेरणा मिली। उनके पिता तेग सिंह कांट्रैक्टर हैं और माता बलविंदर कौर गृहणी हैं। कहा कि जज बनने के बाद ईमानदारी और असूलों के साथ काम करूंगी।
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23 साल में नंदिता बनी सबसे युवा जज
सेक्टर-18 पंचकूला निवासी नंदिता शर्मा 23 वर्ष की उम्र में ही 50वीं रैंक हासिल कर सबसे युवा जज बन गई हैं। पिता जगदीप अत्री प्रॉपर्टी डीलर और माता प्रीति गृहणी हैं। पीयू के यूआईएलएस से कानून की पढ़ाई की है। बताया कि नाना माता को जज साहिबा बुलाया करते थे। एक बार स्कूल के वार्षिक कार्यक्रम में जज ने पहला ईनाम दिया था। तभी सोच लिया था कि मैं भी जज बनूंगी। ढाई साल से परीक्षा के लिए तैयारी कर रही थी। पहले प्रयास में ही इस साल परीक्षा उत्तीर्ण हो गई। अभी कोचिंग भी पूरी नहीं हुई है। पिछले साल दिल्ली में ढाई साल की कोचिंग ज्वाइन की थी। बताया कोचिंग के अलावा प्रतिदिन 12 से 15 घंटे की पढ़ाई करती थी। इस परीक्षा में सफल होने के लिए सेल्फ स्टडी और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है।
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अनन्या ने छात्रों को पढ़ाते हुए की पीसीएस की तैयारी
पीयू में कानून विभाग की शिक्षिका अनन्या ऋषि ने पीसीएस ज्यूडिशियरी की परीक्षा में 21वीं रैंक हासिल की है। बताया कि कानून विभाग से पीएचडी चल रही है, इसलिए कानून के छात्रों को पढ़ाती भी हैं। छात्रों को पढ़ाने के साथ ही परीक्षा के टॉपिक के लिए भी रिवीजन हो जाता था। पिता अश्विनी ऋषि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस से सीनियर डिविजनल मैनेजर से सेवानिवृत्त हैं और माता माधुरी ऋषि पीयू के एन्वायरनमेंट साइंस विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। पीयू के यूआईएलएस विभाग से ही कानून की पढ़ाई है। माता-पिता से जज बनने की प्रेरणा मिली। 2019 में पहली बार पीसीएस की परीक्षा दी थी, लेकिन प्रीलिम्स भी पास नहीं हुआ था। कोरोना में फिर से तैयारी शुरू की। मेरी दोस्त ने हरियाणा की ज्यूडिशियरी परीक्षा उत्तीर्ण की, उससे मुझे भी आत्मविश्वास मिला।
पीयू के छात्रों को मिली रैंक
पीयू के छात्रों में सामान्य श्रेणी में साक्षी अरोड़ा (रैंक 4), अमनप्रीत कौर (रैंक 12), गुरलीन कौर (रैंक 15), अमानतबीर कौर (रैंक 16), परमवीर (रैंक 44), रूपाली गुप्ता (रैंक 19), अनन्या ऋषि (रैंक 21), केयुरी कटारिया (रैंक 24) शामिल है। एससी श्रेणी में सिमरन (रैंक 4), हिमानी (रैंक 5), परनीत कौर सरॉय (रैंक 10) और बीसी श्रेणी के अंतर्गत दासविंदर सिंह (रैंक 8), अमनदीश कौर (रैंक 10) और गुन्नीक कौर (रैंक 14) शामिल है। इसके अलावा पीयू की कामिनी चौधरी, नंदिता अत्री, मनीषा बंयाल, गुरकिरत सिंह, जसलीन कौर और दिव्यांशु ने भी परीक्षा उत्तीर्ण की है।