Punjab: हाईवे में गई किसान की जमीन, पटवारी ने अपने रिश्तेदार को भेज दिया मुआवजा, डीसी ने निलंबित किया
पंजाब के मोगा में एक पटवारी ने बड़ा कारनामा कर दिखाया। दरअसल, किसान की जमीन का मुआवजा उसने अपने ही एक रिश्तेदार के खाते में भेज दिया। मामले का खुलासा होने पर पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। मुआवजे की यह रकम करीब एक करोड़ 15 लाख रुपये थी।
विस्तार
मोगा के धर्मकोट तहसील के कुछ गांव में भारत माला प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग 754-ए काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 754-ए के लिए किसानों से जमीन अधिग्रहित की गई है। मौजूदा पटवारी ने उसके गलत दस्तावेज जमा करके अपने किसी रिश्तेदार को जमीन का मालिक दिखाकर करीब एक करोड़ 15 लाख रुपये मुआवजा 28 अक्तूबर 2022 को खाते में जमा करवा दिया।
जमीन के असली मालिक संदीप संधू को पता लगने पर उन्होंने डीसी को शिकायत की। डीसी ने जांच के लिए एक कमेटी बनाई। इसके बाद जांच में पटवारी नवदीप सिंह दोषी पाया गया। डीसी ने एक करोड़ 15 लाख रुपये की वसूली कर पटवारी को निलंबित कर दिया। अब कमेटी यह जांच कर रही है कि किसी और के साथ तो ऐसा घोटाला नहीं हुआ है।
जानकारी से यह भी पता चला कि इस भारत माला प्रोजेक्ट के तहत जितने भी किसानों से जमीन ली गई है, उसमें कई किसान ऐसे हैं जिनके जमीन के दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की गई है और जमीन के पैसे किसी और के खाते में भेजे गए हैं। जांच कमेटी अगर गंभीरता से जांच करे तो कई खुलासे हो सकते हैं।
जांच कमेटी के सदस्य एडीसी चारु मीता ने बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के तहत जो जमीन लोगों से खरीदी गई, उस एरिया के पटवारी ने गलत दस्तावेजों के आधार पर अपने किसी रिश्तेदार के खाते में रकम जमा करवा दी। जमीन के असल मालिक को पता लगने पर मोगा डीसी को शिकायत दी। इसके बाद उन्होंने ने एक जांच कमेटी बनाई।
कमेटी की जांच में पटवारी नवदीप सिंह दोषी पाया गया। इसके बाद एक करोड़ 15 लाख रुपये की वसूली कर पटवारी को नौकरी से निलंबित कर दिया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत जितनी भी जमीन आएगी, उसके दस्तावेजों की जांच जाएगी। इसके बाद इस मामले में चार्जशीट तैयार कर अगली कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में शिकायतकर्ता संदीप संधू ने मीडिया के सामने अभी कुछ बोलने से मना कर दिया। उनका कहना है कि इस मामले में कई और खुलासे होंगे जोकि कुछ ही दिनों में प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा किए जाएंगे।