फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Patil sir, all suggestion should include Chandigarh master plan

पाटिल जी, चंडीगढ़ को चाहिए ये मास्टर प्लान

Sun, 29 Jun 2014 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 29 Jun 2014 11:59 AM IST
विज्ञापन
Patil sir, all suggestion should include Chandigarh master plan

प्रशासक महोदय शहर की अगले 20 साल की जरूरतों के लिए ड्राफ्ट किए गए मास्टर प्लान दस बदलाव बेहद जरूरी हैं। अगर अभी इन पर ध्यान नहीं दिया गया तो लम्हों की खता लोग सदियों तक भुगतेंगे।

विज्ञापन


नगर वासियों का यह दर्द और चंडीगढ़ की भविष्य की जरूरतों का एजेंडा शनिवार को अमर उजाला कार्यालय में हुई राउंड टेबल कान्फ्रेंस में सामने आया। शहर के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य लोगों आपसी तर्क-वितर्क और मंथन से यह खाका सामने आया। मास्टर प्लान पर प्रशासन की ओर से बैठकों का दौर जारी है और अगले कुछ सप्ताह में ड्राफ्ट फाइनल कर गृहमंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजा जा सकता है।

विज्ञापन

लोगों के सुझाव

Patil sir, all suggestion should include Chandigarh master plan

1. शुरू हो स्टिल्ट पार्किंग: सेक्टरों में घरों के आगे पार्किंग की दिक्कत तभी दूर होगी।
2. एफएआर बढ़ाया जाए: परिवार बढ़ रहे हैं, स्कूलों में बच्चे बढ़ रहे हैं, इंडस्ट्री की जरूरत बढ़ रही है।
3. प्राइवेट अस्पतालों की गुंजाइश बढ़े: लोग इलाज के लिए मोहाली और पंचकूला जाने को मजबूर हैं।
4. फ्लाइओवर भी बनें: सेक्टर-17 में दो बने हैं तो अन्य जगह क्यों नहीं बन सकते।
5. हाईराइज बिल्डिंगों की इजाजत: शहर पर बढ़ने वाले जनसंख्या दबाव को देखते हुए जरूरी।
6. पब्लिक ट्रांसपोर्ट दुरुस्त हो: मेट्रो जब आए तब आए, तब तक बसों की संख्या बढ़े।
7. स्कूली प्लेग्राउंड आम बच्चों के लिए खोले जाएं: ज्यादातर सेक्टरों में खेलने की जगह नहीं।
8. टूरिज्म सेंटर की तरह सुखना और रॉकगार्डन का विकास: कई और टूरिस्ट प्वाइंट बनें।
9. इंडस्ट्री के लिए ठोस नीति हो: इंडस्ट्रिीयल एरिया में अन्य गतिविधियों को अनुमति क्यों।
10 कर्मचारियों को दें घर: दशकों तक शहर में रहकर सेवा करने वालों को घर बनाने की जगह मिले।

‘बाइबल नहीं हैं कार्बूजिए, जरूरी बदलाव किए जाएं

Patil sir, all suggestion should include Chandigarh master plan

शहर के भविष्य का खाका पिछले साढ़े तीन साल से तैयार हो रहा है। मगर आम आदमी को जरूरतों पर फोकस करने की जगह मास्टर प्लान का ड्राफ्ट एक राजनीतिक खिलौना बन कर रह गया है। इसकी वजह अफसरों का रवैया है। यह शिकायत है शहर के गणमान्य लोगों की।

अमर उजाला कार्यालय में शनिवार को मास्टर प्लान ड्राफ्ट और चंडीगढ़ की जरूरतों पर फोकस राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में विभिन्न वर्गों से जुड़े सभी जन इस पर एक मत थे कि आम लोगों की राय के बिना कोई प्लान फाइनल न हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ली कार्बूजिए को प्रशासन बाइबल की तरह न ले और बढ़ते शहर के लिए कुछ नए आइडिया लाए। मास्टर प्लान को लेकर जो राजनीति हो रही है, वह हर हाल में खत्म होनी चाहिए और सबको मिलकर काम करना चाहिए। मास्टर प्लान के सुझावों को लेकर गठित हुई बोर्ड ऑफ इंक्वायरी में शहर के लोगों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को ज्यादा भागेदारी दी जानी चाहिए।

विज्ञापन

पार्किंग की दिक्कत दूर करने पर जोर

Patil sir, all suggestion should include Chandigarh master plan

चंडीगढ़ की खूबसूरती को बनाए रखने और समस्याओं को दूर करने के लिए कई महत्त्वपूर्ण सुझाव भी इस कान्फ्रेंस में आए। 

पार्किंग की दिक्कत दूर करने के लिए स्टिल्ट पार्किंग, अपार्टमेंट एक्ट लागू करना, स्वास्थ्य सेवाओं में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी बढ़ने, ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए अंडर पास बनाने पर जोर दिया गया। रेजिडेंट्स की ओर से फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) बढ़ाने, कर्मचारियों के लिए फ्लैट बनाने, घर के बाहर पार्किंग को लेकर नियम बनाने के अच्छे तर्क दिए गए।

कांफ्रेंस में ये-ये गण्यमान्य शामिल

Patil sir, all suggestion should include Chandigarh master plan

कांफ्रेंस में चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरंजीव सिंह, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ के अध्यक्ष अरुण महाजन, फॉसवेक के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह बिट्टू, रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन-43 के अध्यक्ष हितेश पुरी, चंडीगढ़ बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष जगदीश अरोड़ा, मेडिको लीगल एक्शन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ.नीरज नागपाल, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड इंप्लाइज को-आर्डिनेशन कमेटी के प्रेस सचिव आनंद गुप्ता, गवर्नमेंट प्रेस इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष राज कुमार बातिश, सीएचबी रेजीडेंट्स फेडरेशन के सचिव रजत मल्होत्रा और इंजीनियर व एक्सपोर्टर महावीर सिंह शामिल थे। कांफ्रेस का संचालन अमर उजाला के स्थानीय संपादक संजय अभिज्ञान ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed