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यौन उत्पीड़न करने वाले को निलंबित करने के निर्देश

Tue, 07 Jan 2014 01:40 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 07 Jan 2014 01:40 AM IST
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patil order, suspend officer
यूटी के प्रशासक शिवराज पाटिल ने सोमवार को प्रशासन के वित्त सचिव वीके सिंह को महिला सह कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले कर्मचारी के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने और निलंबित करने के निर्देश दिए। सोमवार को यूटी सचिवालय में आयोजित जन सुनवाई सत्र में यूटी के रीजनल एंप्लायमेंट एक्सचेंज की एक महिला कर्मचारी के पति ने पाटिल को बताया कि यूटी के रीजनल एप्लायमेंट एक्सचेंज के पीयू स्थित सब ऑफिस में कार्यरत सीनियर असिस्टेंट गुरचरण सिंह ने ऑफिस में कई बार उनकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की। लेकिन, उनपर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
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पाटिल ने महिला कर्मचारी के पति की बात सुनने के बाद वित्त सचिव से तुरंत कार्रवाई करने और दोषी कर्मचारी को फिलहाल निलंबित करने के निर्देश दिए। महिला कर्मचारी के पति ने पाटिल को बताया कि गुरचरण उनकी पत्नी को शादी होने से पहले से परेशान कर रहा है।
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इसकी शिकायत जब पुलिस से की गई तो पुलिस ने अगस्त, 2013 में मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार किया था। दो दिनों तक उसे हिरासत में रखा गया। रीजनल एप्लायमेंट एक्सचेंज की विभागीय यौन उत्पीड़न कमेटी ने भी मामले की जांच की और उसे दोषी पाया। लेकिन, उसके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
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आप ने दिया पाटिल को ज्ञापन
आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने प्रशासक शिवराज पाटिल को ज्ञापन देने के लिए आईटी विभाग के पास आवेदन किया था। लेकिन, उन्होंने ज्ञापन की प्रति देरी से जमा की जिससे उन्हें सोमवार को होने वाले जन सुनवाई सत्र के लिए नहीं बुलाया गया। इसके बाद भी आप के कार्यकर्ता यूटी सचिवालय में पहुंच गए।

पहले उन्हें पाटिल से मिलवाने के लिए मना कर दिया। लेकिन, बाद में जब अधिकारियों ने पाटिल से बात की तो वह उनसे मिल कर ज्ञापन लेने के लिए तैयार हो गए। आप के सदस्य गुरजसजीत सिंह के नेतृत्व में आप के कार्यकर्ताओं ने पाटिल को दिए गए ज्ञापन में नगर निगम में बढ़े रहे भ्रष्टाचार की जांच कराने को कहा है। उन्होंने अपने ज्ञापन में शहर की सड़कों के खराब हाल का मुद्दा उठाया है। साथ ही नगर निगम से जुड़े कुछ और मुद्दों को भी उठाया है।

पाटिल ने सुनीं 14 शिकायतें
 यूटी सचिवालय में सोमवार को ढाई महीने बाद प्रशासक शिवराज पाटिल ने 14 लोगों की शिकायतों सुनीं। तीन शिकायतकर्ता सत्र में नहीं पहुंच सके। सत्र में सबसे पहले पाटिल ने मनीमाजरा निवासी ओपी वर्मा की शिकायत सुनी। उन्होंने कहा कि उनके घर के पास सरकारी जमीन पर किसी ने अवैध तौर पर दो कमरे बनाए लिए हैं। पाटिल ने इस संबंध में नगर निगम आयुक्त से मामले की जांच कर तुरंत कार्रवाई करने को कहा।

बुड़ैल निवासी लखबीर सिंह ने प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी विभाग के एक कर्मचारी के खिलाफ शिकायत की तो कि सरकारी नौकरी के साथ साथ प्राइवेट बिजनेस भी कर रहा है। पाटिल ने सिंह को आश्वासन दिया कि जरूरी कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-21 निवासी गौरव बंल ने जहां मकान के ट्रांसफर की समस्या को पाटिल के सामने रखा। वहीं, सतनाम सिंह ने पुनर्वास के तहत मकान मांगा।

गुरदेव सिंह ने अपनी संपत्ति पर गलत तरह से किए गए कब्जे की शिकायत पो पाटिल के सामने रखा और पाटिल ने उनकी शिकायत को सुनने के बाद आईजी को जांच कर सिंह की मदद करने को कहा। ओसक कुमार प्रजापति ने कहा कि शहर में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर लगी रोक को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया है। इसके अलावा पाटिल ने सुमित खन्ना, पवन शर्मा, वीपी ढींगरा, यशपाल डोगरा की शिकायत को भी सुना।

आरटीआई कार्यकर्ताओं की मंशा जानें
सेक्टर-27 स्थित आरटीआई एक्टिविस्ट आरके गर्ग ने पाटिल से मिलकर कहा कि उन्हें सभी विभागों को निर्देश देने चाहिए कि वह आरटीआई एक्ट से संबंधित सीआईसी के सभी निर्देशों को लागू करें। इस पर पाटिल ने गर्ग को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पाटिल ने अधिकारियों से कहा कि वह आरटीआई डालने वाले लोगों की मंशा का पता करें कि आरटीआई के प्रति उनका क्या उद्देश्य है। गर्ग ने कहा कि पाटिल ने उनकी पूरी बात भी नहीं सुनी।


उचित मुआवजा दिया जाए
ट्रांसपोटर्स एसोसिएशन के अवतार सिंह और अन्य ने पाटिल को बताया कि नगर निगन ने उनके ट्रक गायों को बरसाना तक ले जाने के लिए लिए थे और हरियाणा में उन्हें जला दिया गया था। इससे उन्हें नुकसान हुआ। उन्हें कहा कि इस नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रशासन को उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए। पाटिल ने कहा कि बीमा कंपनियां तो अपना मुआवजा दे रही हैं। लेकिन, नगर निगम को भी यह देखना चाहिए कि बीमा कंपनियों के अलावा भी उन्हें किसी तरह का और मुआवजा दिया जा सकता है या नहीं।
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